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PSE: 'ऑपरेशन कमल' कामयाब होता तो बीजेपी को पड़ता उल्टा

पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (PSE) सर्वे के मुताबिक अगर सात महीने पुरानी और एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार पूर्वकालिक गिरती तो इसके लिए 36%  प्रतिभागी बीजेपी को जिम्मेदार मानते. वहीं ऐसी स्थिति आने पर 27% प्रतिभागी कांग्रेस को और 13% जेडीएस को जिम्मेदार मानते.

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aajtak.in
खुशदीप सहगल नई दिल्ली, 19 January 2019
PSE: 'ऑपरेशन कमल' कामयाब होता तो बीजेपी को पड़ता उल्टा सांकेतिक तस्वीर (फाइल-PTI)

कर्नाटक के एक तिहाई से ज्यादा वोटर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को दोष देते अगर राज्य की गठबंधन सरकार गिर जाती. ये निष्कर्ष इंडिया टुडे के पॉलिटिकल स्टॉक एक्सचेंज (PSE) सर्वे से सामने आया है. PSE सर्वे के मुताबिक अगर सात महीने पुरानी और एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार पूर्वकालिक गिरती तो इसके लिए 36%  प्रतिभागी बीजेपी को जिम्मेदार मानते. वहीं ऐसी स्थिति आने पर 27% प्रतिभागी कांग्रेस को और 13% जेडीएस को जिम्मेदार मानते.

एक्सिस माई इंडिया की ओर से 16-17 जनवरी को कर्नाटक में किए गया सर्वे ऐसे वक्त में हुआ जब कर्नाटक में 'ऑपरेशन कमल' के कोड-नेम के तहत बीजेपी की ओर से कथित तौर पर जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार गिराने की कोशिश की जा रही थीं. टेलीफोन साक्षात्कार के जरिए इस PSE सर्वे में 1,902 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कर्नाटक में चल रहा यह सियासी नाटक शुक्रवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गया. शुक्रवार को ही कांग्रेस अपने घर को एकजुट रखने के लिए तमाम मशक्कत करती दिखी.

कांग्रेस ने अपने 80 विधायकों में से 76 को बंगलुरू के बाह्य क्षेत्र में स्थित एक रिसॉर्ट में पहुंचा दिया. पार्टी ने शुक्रवार को हुई विधायक दल की बैठक से गैर मौजूद रहने के लिए अपने दो विधायकों को नोटिस जारी किया. पार्टी सूत्रों के मुताबिक बाकी दो पार्टी विधायकों में से एक कोर्ट में सुनवाई और दूसरा बीमार होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके.

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख दिनेश गुंडू राव ने एक ट्वीट में लिखा कि कांग्रेस विधायकों ने 'विध्वंसकारी ताकत बीजेपी' से निपटने के लिए 'जवाबी रणनीति' तैयार करेगी.

फिर चुनाव चाहते हैं वोटर

PSE सर्वे में 62% प्रतिभागियों ने मौजूदा विधानसभा को भंग कर लोकसभा के साथ नए चुनाव कराने का समर्थन किया. वहीं 25%  वोटरों ने इससे असहमति जताई. 13%  वोटर इस बारे में कोई स्पष्ट राय व्यक्त नहीं कर सके.

सर्वे के मुताबिक जेडीएस नेता कुमारस्वामी मुख्यमंत्री के लिए राज्य में अब भी मुख्यमंत्री के लिए सबसे ज्यादा 36% वोटरों की पसंद बने हुए हैं. हालांकि बीजेपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा उनसे ज्यादा पीछे नहीं हैं. सर्वे में 34% वोटरों ने येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री के लिए अपनी पसंद बताया. कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के हक में 29%  प्रतिभागियों ने राय जताई.

सर्वे में 43%  प्रतिभागियों ने माना कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हरा सकता है. 36% प्रतिभागियों ने इसके खिलाफ राय जताई.

कर्जमाफी

क्या राज्य सरकार ने किसानों के कर्ज माफी को कामयाबी से लागू किया है? इस सवाल के जवाब  में 51% प्रतिभागियों ने   'नहीं' में जवाब दिया. 38% प्रतिभागियों ने माना कि राज्य सरकार कर्जमाफी को ठीक तरह से अमल में लाई है.

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