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जीत के बाद गरजे मोदी- 2 से अब दोबारा आ गए, लेकिन संस्कार नहीं छोड़ेंगे

पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की यात्रा पर बात करते हुए कहा कि भाजपा की विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए और फिर दोबारा आ गए. जब दो थे तब भी निराश नहीं हुए और दोबारा आए तो भी न संस्कार छोड़ेंगे, न आर्दश छोड़ेंगे और न ही नम्रता छोड़ेंगे.

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aajtak.in [Edited By: अजीत तिवारी]नई दिल्ली, 23 May 2019
जीत के बाद गरजे मोदी- 2 से अब दोबारा आ गए, लेकिन संस्कार नहीं छोड़ेंगे पीएम मोदी (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन वाली एनडीए को प्रचंड बहुमत से जीत हासिल हुई है. इस जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कहा कि हम दो से दोबारा आ गए, लेकिन संस्कार नहीं भूलेंगे.

पीएम मोदी ने भारतीय जनता पार्टी की यात्रा पर बात करते हुए कहा कि भाजपा की विशेषता है कि हम कभी दो भी हो गए लेकिन हम कभी अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए और फिर दोबारा आ गए. जब दो थे तब भी निराश नहीं हुए और दोबारा आए तो भी न संस्कार छोड़ेंगे, न आर्दश छोड़ेंगे और न ही नम्रता छोड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि चुनाव के बीच बहुत सी बातें हुईं, मेरे लिए वो बातें बीत चुकी हैं. अब हमें आगे बढ़ना है. विरोधियों को भी साथ लेकर चलना है. लोकतंत्र की मर्यादाओं के बीच चलना है. संविधान का भाव पकड़ते हुए चलना है.

पीएम मोदी ने कहा, 'मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जनता ने इस फकीर की झोली तो भर दी, आशा और आकांक्षाओं के साथ भरी है मैं जानता हूं. मैं इस गंभीरता को भी समझता हूं. लेकिन मैं कहूंगा कि जनता ने 2014 में कम जानते हुए भरोसा किया और 2019 में ज्यादा जानने के बाद मुझपर भरोसा किया. मैं इसके पीछे की भावना को भली भांति समझता हूं. इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि देश ने जो दायित्व दिया है उसके लिए मेरा वादा है कि मैं बदनीयत से कोई काम नहीं करूंगा.'

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'आजाद होने के बाद देश में कई लोकसभा चुनाव हुए, लेकिन सबसे ज्यादा मतदान इस चुनाव में हुआ. वो भी 40-42 डिग्री की गर्मी में. यह अपने आप में जनता की जागरुकता को दर्शाता है. पूरे विश्व को इसे पहचानना होगा.'

उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र के खातिर जिन-जिन लोगों ने बलिदान दिया है और जो लोग घायल हुए हैं उनके प्रति मैं संवेदना प्रकट करता हूं. लोकतंत्र में लोकतंत्र के लिए मरना, यह मिशाल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी. मैं चुनाव आयोग को, सुरक्षा बलों को और लोकतंत्र के इस उत्सव को संभालने वाले सभी लोगों को बधाई देता हूं.'

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