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विजय भाषण में बोले मोदी-इन 3 तराजू पर तौलते रहना, कमी दिखे तो कोसते रहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि काम करते-करते गलती हो सकती है लेकिन कोई भी काम बदनीयत से नहीं करूंगा. साथ ही उन्होंने कहा, मैं मेरे लिए कुछ नहीं करूंगा. मेरे समय का पल-पल, मेरे शरीर का कण-कण सिर्फ देशवासियों के लिए है. जनता जब भी मेरा मूल्यांकन करे इन तीन तराजुओं पर मुझे कसते रहना.

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aajtak.in [Edited By: अजीत तिवारी]नई दिल्ली, 24 May 2019
विजय भाषण में बोले मोदी-इन 3 तराजू पर तौलते रहना, कमी दिखे तो कोसते रहना बीजेपी मुख्यालय में पीएम मोदी और अमित शाह

लोकसभा चुनाव में मिली ऐतिहासिक जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित पार्टी दफ्तर में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 3 बातों का जिक्र करते हुए जनता से कहा कि मुझे इन तीन तराजुओं पर तौलते रहना और कमी दिखे तो कोसते रहना.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि काम करते-करते गलती हो सकती है लेकिन कोई भी काम बदनीयत से नहीं करूंगा. साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं मेरे लिए कुछ नहीं करूंगा. मेरे समय का पल-पल, मेरे शरीर का कण-कण सिर्फ देशवासियों के लिए है. जनता जब भी मेरा मूल्यांकन करे इन तीन तराजुओं पर मुझे कसते रहना. कभी कोई कमी रह जाए तो मुझे कोसते रहना. लेकिन मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि मैं सार्वजनिक रूप से जो बातें बताता हूं उसको जीने के लिए भरपूर प्रयास करूंगा.'

विपक्ष को साथ लेकर चलने की बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'चुनाव में क्या हुआ, कैसे हुआ, कौन बोला, क्या बोला, मेरे लिए वो बातें बीत चुकी हैं. अब हमें आगे बढ़ना है. विरोधियों को भी साथ लेकर चलना है. लोकतंत्र की मर्यादाओं के बीच चलना है. संविधान का भाव पकड़ते हुए चलना है.'

उन्होंने कहा, 'मैं विश्वास दिलाना चाहता हूं कि जनता ने इस फकीर की झोली तो भर दी, आशा और आकांक्षाओं के साथ भरी है मैं जानता हूं. मैं इस गंभीरता को भी समझता हूं. लेकिन मैं कहूंगा कि जनता ने 2014 में कम जानते हुए भरोसा किया और 2019 में ज्यादा जानने के बाद मुझपर भरोसा किया. मैं इसके पीछे की भावना को भली भांति समझता हूं. इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि देश ने जो दायित्व दिया है उसके लिए मेरा वादा है कि मैं बदनीयत से कोई काम नहीं करूंगा.'

अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने महाभारत का भी जिक्र किया. पीएम मोदी ने कहा, 'जब महाभारत का युद्ध समाप्त हुआ तो कृष्ण से पूछा गया कि आप किसके पक्ष में थे. मैं समझता हूं कि उस समय भगवान ने जवाब दिया था, आज वही जवाब जनता ने कृष्ण के रूप में जवाब दिया है. भगवान ने उस समय कहा था कि मैं किसी के पक्ष में नहीं था. मैं तो सिर्फ हस्तिनापुर के लिए हस्तिनापुर के पक्ष में खड़ा था. आज 130 करोड़ जनता भारत के लिए भारत के पक्ष में खड़ी है. देश के सामान्य नागरिक की भावना भारत के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है.'

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