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MOTN: राहुल को PM बनाने पर सहमत हो जाएंगे गठबंधन के नेता

MOTN (मूड ऑफ द नेशन) के सर्वे में जो नतीजे आए वो कांग्रेस और राहुल के लिए उत्साह बढ़ाने वाले हैं. 53 फीसदी लोग मानते हैं कि महागठबंधन के नेता राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने पर सहमत होंगे. कांग्रेस के लिए खास बात यह है कि इन आंकड़ों में इजाफा हुआ है. अगस्त 2018 के सर्वे में यह 46 फीसदी था.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 25 January 2019
MOTN: राहुल को PM बनाने पर सहमत हो जाएंगे गठबंधन के नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी( फोटो-पीटीआई)

आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हार का स्वाद चखाने के लिए विरोधी पार्टियां एकजुट हो रही हैं. बीजेपी जहां मोदी के चेहरे पर एक बार फिर लोकसभा चुनाव में उतरने के लिए तैयार है तो वहीं विरोधी पार्टियां एक साथ आकर मोदी का सामना करने की तैयारियां कर रहीं हैं. हालांकि मोदी के सामने विपक्ष का नेता कौन होगा ये अब तक साफ नहीं हो पाया है. महागठबंधन का नेता कौन होगा, किसके नेतृत्व में ये चुनाव लड़ेंगे इससे अभी तक पर्दा नहीं उठा है. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जिस तरह से हाल के दिनों में लोकप्रियता बढ़ी है उससे कहीं न कहीं उनका कद जरूर बढ़ा है.

तीन राज्यों में जीत मिलने के बाद राहुल में एक अलग ही आत्मविश्वास दिखता है. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि महागठबंधन की जो पार्टियां हैं वो उनको पीएम पद का उम्मीदवार बनाने पर सहमत होंगी. महागठबंधन तो फिलहाल अपने नेता को नहीं चुन पाया है, लेकिन आजतक और कार्वी इनसाइट्स ने लोगों से यह जानने की कोशिश की कि क्या महागठबंधन के नेता राहुल गांधी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने पर सहमत होंगे.

सर्वे में जो नतीजे आए वो कांग्रेस और राहुल के लिए उत्साह बढ़ाने वाले हैं. 53 फीसदी लोग मानते हैं कि महागठबंधन के नेता राहुल को पीएम पद का उम्मीदवार बनाने पर सहमत होंगे. कांग्रेस के लिए खास बात यह है कि इन आंकड़ों में इजाफा हुआ है. अगस्त 2018 के सर्वे में यह 46 फीसदी था.

वहीं 32 फीसदी लोग नहीं मानते हैं कि महागठबंधन के नेता राहुल के पीएम पद की उम्मीदवारी पर सहमत होंगे. अगस्त 2018 में किए गए सर्वे में यह 35 फीसदी था. इसके अलावा 15 फीसदी लोग इसको लेकर जवाब नहीं दे पाए. मतलब वह इस पर कोई राय नहीं रखते. अगस्त 2018 में इस पर राय नहीं रखने वालों का आंकड़ा था 19 फीसदी था.

ममता और केजरीवाल से आगे राहुल

क्षेत्र के हिसाब से देखा जाए तो देश के चारों ही दिशाओं के लोग राहुल गांधी को महागठबंधन का नेता मानते हैं. वह ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल से काफी आगे हैं. उत्तर भारत के 37 फीसदी लोग चाहते हैं कि राहुल महागठबंधन का नेतृत्व करें तो ममता के पक्ष में 11 फीसदी लोग दिखे, वहीं केजरीवाल के पक्ष में 14 फीसदी लोग दिखे.

आपको बता दें कि देश में उत्तर भारत ही वह हिस्सा है जहां पर आम आदमी पार्टी की पकड़ सबसे मजबूत है. तो ऐसे में अगर यहां केजरीवाल ममता से आगे हैं तो यह हैरान करने वाला नहीं है.

पूर्वी भारत में देखें तो 36 फीसदी लोग मानते हैं कि राहुल गांधी महागठबंधन का नेतृत्व करें, 19 फीसदी लोग चाहते हैं ममता इसका नेतृत्व करें तो 7 फीसदी लोग मानते हैं केजरीवाल इसके लीडर बनें. ममता को यहां पर बाकी क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा फीसदी लोग पसंद करते हैं. इसके पीछे कारण यह है कि ममता की पूर्वी भारत में पकड़ है और वह वह जिस राज्य की सीएम हैं वह खुद पूर्वी भारत में है.

दक्षिण भारत की बात करें तो राहुल गांधी यहां पर ममता और केजरीवाल के मुकाबले ज्यादा मजबूत दिख रहे हैं. 53 फीसदी लोग मानते हैं कि राहुल महागठबंधन का नेतृत्व करें तो 11 फीसदी लोग ममता को लीडर मानते हैं. वहीं सिर्फ 5 फीसदी चाहते हैं कि दिल्ली के सीएम महागबंधन का नेतृत्व करें.

पश्चिम भारत में भी राहुल गांधी दोनों मुख्यमंत्रियों से काफी आगे दिख रहे हैं. बता दें कि पश्चिम भारत में ममता की पार्टी टीएमसी और केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी की पकड़ मजबूत नहीं है. इसका असर सर्वे के नतीजों में भी दिख रहा है. यहां पर 40 फीसदी लोग मानते हैं कि राहुल गांधी महागठबंधन के लीडर बनें तो 6 फीसदी लोग मानते हैं कि ममता लीडर बनें. केजरीवाल यहां पर ममता के मुकाबले थोड़े मजबूत दिख रहे हैं. 11 फीसदी लोग चाहते हैं कि केजरीवाल महादगठबंधन का नेता बनें.

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