एडवांस्ड सर्च

आखिरी चरण में पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी में विपक्ष की किलेबंदी, मायावती-अखिलेश की रैली आज

आज वाराणसी में महागठबंधन के तीनों बड़े नेता मायावती, अखिलेश यादव और आरएलडी के प्रमुख नेता चौधरी अजीत सिंह संत रविदास मंदिर के संत समागम स्थल पर चुनावी रैली करेंगे. खासबात यह है कि यहां से पूर्व बीएसएफ जवान तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद समाजवादी पार्टी ने शालिनी यादव यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in वाराणसी, 16 May 2019
आखिरी चरण में पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी में विपक्ष की किलेबंदी, मायावती-अखिलेश की रैली आज वाराणसी में मायावती और अखिलेश की संयुक्त चुनावी रैली (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के रण के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है. देश की सबसे हाई प्रोफाइल सीटों में से एक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में राजनीतिक पारा काफी चढ़ गया है. बुधवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के रोड शो के बाद आज महागठबंधन के नेता चुनाव प्रचार करेंगे. 

वाराणसी में आज महागठबंधन के तीनों बड़े नेता मायावती, अखिलेश यादव और आरएलडी के प्रमुख नेता चौधरी अजीत सिंह संत रविदास मंदिर के संत समागम स्थल पर चुनावी रैली करेंगे. खासबात यह है कि यहां से पूर्व बीएसएफ जवान तेज बहादुर का नामांकन रद्द होने के बाद समाजवादी पार्टी ने शालिनी यादव यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है. महागठबंधन के तीनों नेता बीजेपी और मोदी विरोधी तमाम लोगों को महागठबंधन के पक्ष में लाने की कोशिश करेंगे. वाराणसी में अगर जातीय समीकरण को देखें तो यहां सबसे ज्यादा वैश्य समुदाय के वोटर हैं. इसके बाद यहां सबसे ज्यादा मुस्लिम वोटर्स है.

मोदी को घेरने की विपक्ष की तैयारी

एक दिन पहले बुधवार को ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यहां रोड शो किया था. प्रियंका गांधी के इस 6 किलोमीटर लंबे रोड शो में कांग्रेस समर्थकों की भारी भीड़ जुटी थी और उनके रोड शो का इलाका भी करीब-करीब वही था जहां पीएम मोदी ने रोड शो किया था. पीएम मोदी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने एक बार फिर अजय राय पर ही दांव लगाया है. अजय राय 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी से भारी मतों से चुनाव हार गए थे.

महागठबंधन-कांग्रेस उम्मीदवार के बीच बंट सकते हैं वोट

एक तरफ जहां कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आरएलडी जैसी विपक्षी पार्टियां यूपी में बीजेपी और मोदी को घेरने में जुटी हुई है वहीं चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस और महागठबंधन के दो उम्मीदवार होने की वजह से मोदी विरोधी वोट इनमे बंट सकता है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक इस बार मुस्लिम मतदाता महागठबंधन की जगह कांग्रेस की तरफ जा सकते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण मोदी के खिलाफ कोई मजबूत उम्मीदवार नहीं होना माना जा रहा है. तेजबहादुर के चुनावी रण से बाहर होने के बाद मुस्लिमों का एकमुश्त वोट किसी भी विपक्षी दल को कम ही मिलने की संभावना जताई जा रही है. वहीं दूसरी तरफ भूमिहार वोटर के भी बंटने की आशंका है. ज्यादातर भूमिहार कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय के साथ जा सकते हैं. जानकारों के मुताबिक अजय राय को स्थानीय होने का भी फायदा मिल सकता है. हालांकि पीएम मोदी की लोकप्रियता को देखते हुए कांग्रेस उम्मीदवार अजय राय पीएम मोदी को सीधी टक्कर देते हुए नजर नहीं आ रहे हैं.

वाराणसी में किस जाति के कितने वोटर्स

वाराणसी के अगर जातीय समीकरण को देखें तो वहां सबसे ज्यादा वैश्व समुदाय के वोटर्स हैं. इनकी संख्या करीब साढ़े तीन लाख है. इतनी ही संख्या वहां ओबीसी वोटर्स की भी है. इसके बाद  मुस्लिम मतदाता वहां सबसे ज्यादा है जिनकी संख्या करीब 3 लाख है. वाराणसी में ब्राह्मण मतदाताओं की भी अच्छी खासी संख्या है और आंकड़ों के मुताबिक करीब ढाई लाख ब्राह्मण वोटर्स वहां हैं. जबकि डेढ़ लाख भूमिहार, 2 लाख पटेल समुदाय के वोटर्स, 1 लाख 20 हजार के आसपास दलित वोटर्स और एक लाख के करीब राजपूत वोटर्स की संख्या है.  

बता दें कि अजय राय पहले बीजेपी में थे और कोइलसा से साल 1996 में विधानसभा चुनाव लड़े थे. उन्होंने वहां 9 बार के सीपीआई विधायक उदल को 484 वोटों से मात देकर जीत दर्ज की थी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay