एडवांस्ड सर्च

हेमा मालिनी बोलीं -विकास किया है, पिछले चुनाव से ज्यादा वोटों से जीतूंगी

मुथरा में गुरुवार को मतदान होना है. इससे पहले हेमा मालिनी ने कहा कि वह पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा वोटों से जीतेंगी. उनका कहना है कि मथुरा में विकास हुआ है, जो दिखता भी है.

Advertisement
अशोक सिंघल [Edited By: टीके श्रीवास्तव]मथुरा, 23 April 2019
हेमा मालिनी बोलीं -विकास किया है, पिछले चुनाव से ज्यादा वोटों से जीतूंगी हेमा मालिनी

मथुरा से बीजेपी सांसद और प्रत्याशी हेमा मालिनी ने कहा कि वह पिछली बार से भी ज्यादा मतों से इस बार चुनाव जीतेंगी. उन्होंने कहा ' मैंने जो काम कराए हैं, जो मथुरा में विकास हुआ है, वे सबके सामने है.' हेमा मालिनी को बीजेपी ने एक बार फिर मथुरा से अपना प्रत्याशी बनाया है. 2014 में हेमा मालिनी ने लोकदल के जयंत चौधरी को करीब 3 लाख वोटों से हराया था, लेकिन इस बार गठबंधन की तरफ से आरएलडी के कुंवर नरेंद्र सिंह और कांग्रेस के महेश पाठक चुनाव मैदान में हैं.

हेमा मालिनी का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र में काफी विकास कराया है. यहां उन्होंने अपना घर भी बना लिया है. वह मथुरा को काफी समय देती हैं. हेमा ने कहा कि सड़क, शिक्षा  और स्वास्थ्य को लेकर बहुत काम हुए हैं. वहीं, उनके विरोधी महेश पाठक और कुंवर नरेंद्र सिंह कहते हैं कि हेमा मालिनी तो बाहरी हैं. कभी-कभी आती हैं, जनता मिल नहीं पाती है. विकास के सभी दावे खोखले हैं.

सबसे ज्यादा जाट वोटर हैं

मथुरा संसदीय क्षेत्र में करीब 18 लाख वोटर हैं. इसमें सबसे ज्यादा करीब 4 लाख जाट हैं. फिर ब्राह्मण और ठाकुर करीब 3-3 लाख हैं. दलित दो लाख, वैश्य और मुस्लिम करीब 1.50 लाख हैं. मथुरा लोकसभा सीट में 5 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से चार बीजेपी के पास है और एक बहुजन समाजवादी पार्टी के पास है. खास बात यह है कि इस लोकसभा सीट से यूपी सरकार में दो विधायक मंत्री हैं, जिनमें श्रीकांत शर्मा मथुरा से और लक्ष्मी नारायण चौधरी छाता से उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं. यूपी सरकार के मंत्री श्रीकांत शर्मा मथुरा, लक्ष्मी नारायण चौधरी छाता विधानसभा और लोकदल के जयंत चौधरी गुरुवार को गणेशरा में वोट डालेंगे. हेमा मालिनी का मथुरा में वोट नहीं है.  

इस लोकसभा सीट का जातीय समीकरण समझा जाए तो यहां सभी दलों की नजरें ठाकुर और जाट पर लगी रहती हैं. हाल ही में हेमा मालिनी के लिए प्रचार के धर्मेंद्र भी पहुंचे थे. मथुरा लोकसभा सीट में रोजगार, युमना की सफाई, मथुरा को एनसीआर में शामिल करना व किसानों को आलू की उचित दाम जैसे मुद्दे प्रभावी हैं.

16 अक्टूबर 1948 को मद्रास स्टेट (तमिलनाडु) के अम्मांकुडी में जन्मीं हेमा ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बतौर प्रचारक की थी. 1999 में हेमा ने पंजाब के गुरदासपुर से बीजेपी प्रत्याशी विनोद खन्ना के लिए प्रचार किया था. राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने 2003 में हेमा मालिनी को राज्यसभा के लिए नामित किया था. 2003 से 2009 तक हेमा राज्यसभा की सदस्य रहीं. इस बीच 2004 में हेमा ने बीजेपी ज्वॉइन किया. 2011 में बीजेपी की महासचिव बनीं और बीजेपी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करने लगीं.

 चुनाव की हर ख़बर मिलेगी सीधे आपके इनबॉक्स में. आम चुनाव की ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए सब्सक्राइब करें आजतक का इलेक्शन स्पेशल न्यूज़लेटर

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay