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Exit Poll: यूपी में कितना सफल रहा SP-BSP-RLD महागठबंधन का प्रयोग

लोकसभा चुनाव-2019 संपन्न हो चुका है. सात चरण में हुए मतदान के बाद अब 23 मई को आने वाले रिजल्ट का इंतजार है. इससे पहले सियासी समीकरण बनने शुरू हो गए हैं. जानिए एग्जिट पोल में क्या है महागठबंधन की हालत...

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aajtak.in
टीके श्रीवास्तव नई दिल्ली, 19 May 2019
Exit Poll: यूपी में कितना सफल रहा SP-BSP-RLD महागठबंधन का प्रयोग महागठबंधन के दिग्गज (फाइल फोटो)

लोकसभा चुनाव-2019 सात चरण की वोटिंग के बाद 19 मई को समाप्त हो गया. वैसे दिल्ली की राह बिना यूपी के तय नहीं की जा सकती है. यूपी का नाम आते ही सपा-बसपा का जिक्र भी जरूर होता है. इंडिया टुडे एक्सिस माई इंडिया सर्वे के मुताबिक, यूपी में सपा-बसपा को 10-16 सीटें मिलेंगी. बावजूद महागठबंधन के यूपी में एक बार फिर मोदी 'कमल' खिलेगा. मतलब महागठबंधन के बावजूद इसका कोई फायदा नहीं हुआ है.

एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस को 0 से 1 सीट मिल सकती है. वहीं, एनडीए को उत्तर प्रदेश में 62 से 68 सीट मिल सकती है. अन्य को 0-9 सीटें मिल सकती हैं.

यूपी की 80 में से 78 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार मैदान में हैं. इसमें बसपा के 38, सपा के 37 और आरएलडी के 3 उम्मीदवार हैं. महागठबंधन ने राय बरेली और अमेठी सीट पर अपना कैंडिडेट नहीं उतारा है.

लोकसभा चुनाव से पहले आजतक का कार्वी इनसाइट्स ने  28 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच सर्वे किया गया था. देश का मिजाज यानी मूड ऑफ द नेशन में सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन यूपी की 80 में से 58 सीटें जीत सकता है और पिछले चुनाव में 73 सीटें जीतने वाली बीजेपी-अपना दल को 18 सीटों तक सीमित कर सकता है. कांग्रेस को चार सीटें  मिल सकती है. जबकि 2014 में उसे 2 सीटें मिली थी

26 साल बाद माया-मुलायम एक मंच पर आए

बता दें कि इस चुनाव में 26 साल बाद मुलायम सिंह यादव और मायावती ने मंच साझा किया था. मैनपुरी में मायावती ने मुलायम सिंह यादव के लिए प्रचार किया था. इस दौरान मायावती ने कहा था कि आप लोग सपा संरक्षक मुलायम जी को भारी संख्या में जिताकर संसद भेजेंगे. मायावती ने कहा था कि 2 जून, 1995 के गेस्टहाउस कांड को भुलाकर हम एक साथ आए हैं. कभी-कभी कठिन फैसले लेने पड़ते हैं. मायावती ने कहा था कि मुलायम ही पिछड़े वर्गों के असली नेता हैं. वह (मुलायम) पीएम नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नेता नहीं है. नकली व्यक्ति पिछड़े वर्गों का भला नहीं कर सकता है.

2014 में बसपा हो गई थी साफ

2014 में उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और उसकी सहयोगी अपना दल ने 73 सीटों पर जीत दर्ज की थी. कांग्रेस के हिस्से दो सीटें आई थीं. इसमें सोनिया गांधी रायबरेली और उनके बेटे राहुल गांधी अमेठी से जीते थे. इस चुनाव में राज्य की दो अहम पार्टियां मायावती की बहुजन समाज पार्टी और चौधरी अजीत सिंह की राष्ट्रीय लोकदल तो खाता भी नहीं खोल पाई थी. वहीं, समाजवादी पार्टी भी 5 सीट तक सिमट कर रह गई थी.

-पहले चरण में 91 सीटों  पर 63.92 फीसदी वोटिंग हुई. 9758821 वोट पड़े.

-दूसरे चरण में 95 सीटों  पर 62.46 फीसदी वोटिंग हुई. 8865139 वोट पड़े.

-तीसरे चरण में 117 सीटों  पर 61.42 फीसदी वोटिंग हुई. 10939052 वोट पड़े.

-चौथे चरण में 71 सीटों  पर 59.11 फीसदी वोटिंग हुई. 14250633 वोट पड़े.

-पांचवें चरण में 51 सीटों  पर 58.00 फीसदी वोटिंग हुई. 14539292 वोट पड़े.

-छठे चरण में 59 सीटों पर 54.44 फीसदी वोटिंग हुई. 14029203 वोट पड़े.

-सातवें चरण में 59 सीटों पर 62.87 फीसदी वोटिंग हुई.

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