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कोलार लोकसभा सीट कांग्रेस का किला, लगातार 7 बार से सांसद हैं मुनियप्पा

कोलार लोकसभा सीट को कांग्रेस का अभेद्य किला कहना गलत नहीं होगा क्योंकि इस सीट पर आजादी के बाद हुए कुल 16 चुनावों में से 15 में कांग्रेस को ही जीत मिली है. बीजेपी यहां अपना खाता भी नहीं खोल पाई है.

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aajtak.in
अनुग्रह मिश्र नई दिल्ली, 15 March 2019
कोलार लोकसभा सीट कांग्रेस का किला, लगातार 7 बार से सांसद हैं मुनियप्पा कांग्रेस के सांसद के.एच. मुनियप्पा

कर्नाटक का कोलार इलाका खनिज संपदा के लिए जाना जाता है और यहां सोने की कई खदाने हैं. इसके अलावा दुग्ध उत्पादन के मामले में भी इस क्षेत्र का रिकॉर्ड रहा है. राजधानी बेंगलुरु से उत्तर पूर्व की दिशा में बसा यह शहर पौराणिक मंदिरों और अपने पुरातन इतिहास के लिए भी मशहूर है. यह देश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और किसी जमाने में चोल-पल्लव साम्राज्य का केंद्र हुआ करता था. कोलार की लोकसभा सीट पर शुरू से कांग्रेस का कब्जा रहा है और वर्तमान में भी यहां से कांग्रेस के ही के.एच. मुनियप्पा सांसद हैं.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

कोलार लोकसभा सीट को कांग्रेस का अभेद्य किला कहना गलत नहीं होगा क्योंकि इस सीट पर आजादी के बाद हुए कुल 16 चुनावों में से 15 में कांग्रेस को ही जीत मिली है. बीजेपी यहां अपना खाता भी नहीं खोल पाई है. यह सीट पहले मैसूर स्टेट के अंतर्गत आती थी लेकिन 1977 में इसे कर्नाटक में शामिल कर लिया गया. इस सीट पर सिर्फ एक बार 1984 में कांग्रेस को हार मिली थी, तब का चुनाव जनता पार्टी के वी. वेंकटेश ने जीता था.

खात बात यह है कि कोलार से कांग्रेस के मौजूदा सांसद के. एच. मुनियप्पा बीते 30 साल से इस सीट पर जीत दर्ज करते आ रहे हैं. उन्होंने यहां से 1991 में पहला चुनाव जीता था और उसके बाद लगातार 7 बार से वह कांग्रेस की टिकट पर कोलार लोकसभा जीत रहे हैं. पिछले चुनाव में भी मुनिपप्पा ने जेडीएस उम्मीदवार को करीब 48 हजार वोटों से हराया था. तब बीजेपी तीसरे स्थान पर रही थी.

सामाजिक तानाबाना

कोलार की कुल आबादी 20.48 लाख है जिसमें 70 फीसदी ग्रामीण और 30 फीसदी शहरी आबादी शामिल है. इसके अलावा इस लोकसभा सीट के अंतर्गत कुल 15 लाख मतदाता आते हैं जिनमें 7.5 लाख पुरुष और 7.37 लाख महिला वोटर शामिल हैं. इस क्षेत्र के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग की लगभग 30 फीसदी आबादी रहती है, वहीं अनुसूचित जनजाति वर्ग की आबादी कुल का 6.38 फीसदी है. कोलार लोकसभा क्षेत्र में मुलूर और कोलार समेत कुल 8 विधानसभा सीटें भी आती हैं.

2014 का जनादेश

पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के. एच. मुनियप्पा लगातार 7वीं बार कोलार लोकसभा सीट से चुनाव जीते थे. उन्होंने तब जेडीएस के कोलार केशव को 47,850 वोटों के अंतर से हराया था. इस चुनाव में कांग्रेस को 4.18 लाख और जेडीएस को 3.71 लाख वोट हासिल हुए थे. बीजेपी को इस चुनाव में 2.67 लाख वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रही थी. इसके अलावा चौथे स्थान पर रही आम आदमी पार्टी को भी करीब डेढ़ फीसदी वोट मिले थे. इस चुनाव में 11 लाख से ज्यादा वोटरों ने वोट डाला और मतदान प्रतिशत 75 के करीब रहा था. पिछली बार यहां से बसपा और सपा ने भी अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन दोनों दलों को मिलाकर भी 10 हजार वोट हासिल नहीं हो पाए थे.

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

कोलार से सांसद के. एच. मुनियप्पा (71) के पास लंबा संसदीय अनुभव है और वह इस सीट से लगातार 7 बार चुनकर लोकसभा पहुंच चुके हैं. यूपीए के दूसरे कार्यकाल में मुनियप्पा को लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. सांसद रहने के दौरान वह लोकसभा की रेलवे, उद्योग, सामाजिक न्याय समेत कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं.

संसद में मुनियप्पा के प्रदर्शन की बात करें तो लोकसभा में उनकी उपस्थिति 78 फीसदी रही और वह सदन की 331 में से 258 बैठकों में मौजूद रहे. इसके अलावा उन्होंने सदन की 23 चर्चाओं में भी हिस्सा लिया. मुनियप्पा अपनी सांसद निधि 25 करोड़ में से 17.37 करोड़ रुपये की राशि खर्च कर चुके हैं. पिछले चुनाव में दिए हलफनामे के मुताबिक मुनियप्पा के पास 18 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है और उनपर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है. उन्होंने बेंगलुरु यूनिवर्सिटी से बी.ए. और एलएलबी की डिग्री भी हासिल कर रखी है.

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