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केरल की कोट्टायम लोकसभा सीट: अपने गढ़ को वापस लेने के लिए कांग्रेस लगा रही जोर

केरल के कोट्टायम सीट से साल 2014 के चुनाव में केरल कांग्रेस के कैंडिडेट जोश के. मणि‍ जीतकर सांसद बने थे, लेकिन पिछले साल वह राज्यसभा में चले गए जिसके बाद से यह सीट खाली है. यह सीट कभी कांग्रेस का गढ़ रही है, इसलिए वह इसे फिर से हासिल करने के लिए पूरा जोर लगाएगी.

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aajtak.in
दिनेश अग्रहरि नई दिल्ली, 25 February 2019
केरल की कोट्टायम लोकसभा सीट: अपने गढ़ को वापस लेने के लिए कांग्रेस लगा रही जोर कोट्टायम का प्रसिद्ध सेंट मेरी चर्च

स्थानीय सांसद जोश के. मणि के पिछले साल राज्यसभा सदस्य बन जाने की वजह से फिलहाल यह सीट खाली है. कोट्टायम जिला दक्षिण-पश्चिम केरल में है और इसका मुख्यालय कोट्टायम शहर राजधानी तिरुअनंतपुरम से करीब 150 किमी की दूरी पर है. यह केरल में साहित्य के प्रमुख केंद्रों में से रहा है, इसलिए इसे अक्षर नगरी भी कहते थे. कोट्टायम देश में प्राकृतिक रबर के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में से एक है. कई खूबसूरत पहाड़ियों और झीलों की वजह से यह एक प्रमुख पर्यटन केंद्र भी है.

पिछले दो बार से केरल कांग्रेस का कब्जा

इस सीट के तहत सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं-कोट्टायम, एत्तुमन्नूर, पुथुप्पल्ली, कदुथुरुथी, वाइकोम, पलाई और पिरावोम. साल 1951-52 में यहां पहली बार हुए चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सी.पी. मैथ्यू विजयी हुए थे. इसके बाद से अब तक यहां से छह बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कांग्रेस कैंडिडेट सांसद बन चुके हैं. यहां से पांच बार माकपा के और पांच बार ही केरल कांग्रेस के कैंडिडेट सांसद बने हैं. साल 2014 के चुनाव में यहां से केरल कांग्रेस के जोश के. मणि जीतकर सांसद बने थे, लेकिन 2018 में उनके राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद से ही यह सीट खाली है.

साल 2014 में केरल कांग्रेस (मणि) के उम्मीदवार जोस के. मणि 4,24,194 वोट पाकर जीते थे. उन्हें करीब 50 फीसदी वोट मिले थे. वह 1,20,599 वोटों से जीते. दूसरे स्थान पर रहे जनता दल (एस) कैंडिडेट मैथ्यू टी. थाॅमस को 3,03,595 वोट मिले थे. केरल कांग्रेस (नेशनल) के नोबल मैथ्यू को 47,422 वोट मिले थे. नोटा (NOTA) बटन 14,024 लोगों ने दबाया.

आम आदमी पार्टी के कैंडिडेट एडवोकेट अनिल अइक्करा को 26,381 वोट हासिल हुए थे. साल 2009 के चुनाव में भी केरल कांग्रेस (मणि) के जोस.के. मणि करीब 70 हजार वोटों से विजयी हुए थे.

दो जिलों के इलाकों में बंटा संसदीय क्षेत्र

यहां कुल 11,61,463 मतदाता हैं, जिनमें से 5,73,571 पुरुष और 5,87,892 महिला मतदाता हैं. कोट्टायम संसदीय क्षेत्र में केरल के एर्णाकुलम और कोट्टायम जिले के इलाके आते हैं. साल 2011 की जनगणना के मुताबिक इस संसदीय क्षेत्र की जनसंख्या 15,38,972 थी, जिसमें से 68.45 फीसदी ग्रामीण और 31.55 फीसदी हिस्सा शहरी आबादी का था. इसमें से अनुसूचित जाति का हिस्सा 7.73 फीसदी और अनुसूचित जनजाति का हिस्सा 0.86 फीसदी था. साल 2014 में यहां करीब 72 फीसदी मतदान हुआ था.

कांग्रेस-माकपा भी लगा रहे पूरा जोर

यह राज्य की उन दो-तीन संसदीय क्षेत्रों में से है जहां केरल कांग्रेस को अपनी जीत का पूरा भरोसा है. केरल कांग्रेस के एक प्रमुख नेता ने राज्य के पूर्व सीएम ओमन चांडी को कोट्टायम से लड़ाने की मांग की है. उनका कहना है कि इसके बदले केरल कांग्रेस को इदुक्की सीट दी जा सकती है.

केरल कांग्रेस के लिए एक छोटी-सी मुश्किल यह है कि उससे अलग हुआ धड़ा जनातीपथ्य केरल कांग्रेस कोट्टयम और इदुक्की संसदीय क्षेत्र में सीपीएम को लाभ पहुंचा सकता है. पार्टी की मदद से सीपीएम मध्य केरल के ईसाइयों में अपना आधार मजबूत कर सकती है. जनातीपथ्य केरल कांग्रेस के अध्यक्ष फ्रांसिस जाॅर्ज पहले इडुक्की से सांसद रह चुके हैं.

उच्च शिक्षित सांसद

53 वर्षीय मणि का संसद में प्रदर्शन सामान्य था. उनके परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है. उन्होंने बीकाॅम और एमबीए किया है. संसद में उनकी उपस्थिति करीब 77 फीसदी रही है. उन्होंने 375 सवाल पूछे हैं और 104 बार बहसों और अन्य विधायी कार्यों में हिस्सा लिया है.

मणि को चार साल में सांसद निधि के तहत ब्याज सहित कुल 19.66 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से वह 14.36 करोड़ रुपये खर्च कर पाए.

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