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हमीरपुर सीट पर 72.65% मतदान, 23 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद

लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी के प्रत्याशी अनुराग ठाकुर ने इस सीट पर 98 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी. अनुराग ठाकुर को 4.48 लाख वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह राणा को 3.49 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के कमल कांत बत्रा थे, उन्हें करीब 15 हजार वोट मिले थे.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 20 May 2019
हमीरपुर सीट पर 72.65% मतदान, 23 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद हमीरपुर में मतदान

हिमाचल प्रदेश के चार संसदीय सीटों में से एक हमीरपुर लोकसभा सीट, भारतीय जनता पार्टी का गढ़ है. 1967 के बाद अब तक हुए 15 चुनावों में बीजेपी ने इस सीट पर 9 बार जीत दर्ज की है. इस सीट से बीजेपी यूथ मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर तीन बार से लगातार जीतते आ रहे हैं. इससे पहले उनके पिता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमा धूमल भी तीन बार सांसद रहे हैं. हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में 17 विधानसभा सीट है.

हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर संसदीय सीट पर 72.65% वोटिंग हुई. जबकि पूरे प्रदेश की 4 सीटों पर ओवरऑल 71.96% मतदान हुआ. लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत 19 मई 2019 को 8 राज्यों (7 राज्य और 1 केंद्रशासित प्रदेश) की 59 सीटों पर मतदान कराया गया. हमीरपुर संसदीय सीट पर आज ही वोट डाले जा रहे हैं और हिमाचल प्रदेश में 10 बजे तक 12.27% मतदान हो चुका है.

2019 का चुनाव

इस संसदीय सीट से कुल 23 प्रत्याशी मैदान में हैं. भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस सीट से अनुराग सिंह ठाकुर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं राम लाल ठाकुर कांग्रेस की ओर से चुनावी समर में भाग्य आजमाने उतरे हैं.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

1967 के बाद हुए चुनाव में इस सीट पर सबसे ज्यादा बार बीजेपी ने जीत दर्ज की है. शुरुआत के दो चुनाव में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की थी. 1967 इस सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी पीसी वर्मा जीते थे. इसके बाद 1971 में कांग्रेस के ही नरैन चंद ने जीत दर्ज की. 1977 में बीएलडी प्रत्याशी रंजीत सिंह, 1980 में कांग्रेस (इंदिरा) के नरैन चंद शाह जीते. इसके बाद 1984 का चुनाव भी नरैन चंद जीते, लेकिन इस बार वह कांग्रेस के प्रत्याशी थे. 1989 में पहली बार इस सीट पर बीजेपी का खाता खुला और प्रेम कुमार धूमल जीते. 1991 में धूमल ने दोबारा जीत दर्ज की, लेकिन 1996 का चुनाव वह कांग्रेस प्रत्याशी मेजर जनरल विक्रम सिंह (रिटायर) से हार गए है.

1998 में बीजेपी ने फिर वापसी की और उसके टिकट पर सुरेश चंदेल जीते. वह तीन बार लगातार 1998, 1999 और 2004 का चुनाव जीते. 2007 में हुए उपचुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी प्रेम कुमार धूमल ने तीसरी बार जीत दर्ज की थी. उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद इस सीट पर उनके लड़के अनुराग ठाकुर लड़े और 2008 का उपचुनाव जीता. इसके बाद 2009 और 2014 का चुनाव अनुराग ठाकुर जीतकर तीसरी बार इस सीट का संसद में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

सामाजिक ताना-बाना

हमीरपुर लोकसभा सीट के अन्तर्गत 17 विधानसभा सीट (देहरा, भोरंज, बड़सर, जसवां-प्रागपुर, सुजानपुर, नदौन, धर्मपुर, हमीरपुर, चिन्‍तपुरनी, गगरेट, ऊना, कुटलैहड़, झण्‍डुता, घुमारवीं, बिलासपुर, श्री नैना देवीजी और हरोली) है. 2017 के विधासभा चुनाव में बीजेपी 9 सीटों (देहरा, जसवां-प्रागपुर, धर्मपुर, हमीरपुर, चिन्‍तपुरनी, कुटलैहड़, झण्‍डुता, घुमारवीं, बिलासपुर) और कांग्रेस ने 8 सीटों (भोरंज, बड़सर, सुजानपुर, नदौन, गगरेट, ऊना, श्री नैना देवीजी, हरोली) पर जीत दर्ज की थी. भारत निर्वाचन आयोग की 2014 की रिपोर्टे के मुताबिक, इस लोकसभा क्षेत्र में 12.47 लाख वोटर हैं, जिनमें 6.33 लाख पुरुष और 6.14 लाख महिला वोटर हैं.

2014 का जनादेश

लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी के प्रत्याशी अनुराग ठाकुर ने इस सीट पर 98 हजार वोटों से जीत दर्ज की थी. अनुराग को 4.48 लाख वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह राणा को 3.49 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी के कमल कांत बत्रा थे, उन्हें करीब 15 हजार वोट मिले थे. खास बात है कि इस सीट पर पिछले चार चुनाव चुनावों में बीजेपी के जीत का अंतर औसतन 80 हजार वोट रहा है. 2014 के चुनाव में इस सीट पर करीब 66 फीसदी मतदान हुआ था.

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