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बारासात लोकसभा सीट पर 81.19% वोटिंग, 23 मई को आएगा फैसला

बारासात लोकसभा सीट से कुल 12 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. बारासात लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस ने पिछले दो बार से जीत रहीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को ही चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की ओर से हरपद बिस्वाल चुनाव लड़ रहे हैं.

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aajtak.in
सना जैदी नई दिल्ली, 20 May 2019
बारासात लोकसभा सीट पर 81.19% वोटिंग, 23 मई को आएगा फैसला प्रतीकात्मक तस्वीर (Getty Images)

पश्चिम बंगाल की बारासात लोकसभा सीट पर आखिरी चरण में रविवार (19 मई) को वोट डाले गए. बारासात लोकसभा सीट पर लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस के बीच आमतौर पर मुकाबला रहा है. लेकिन पिछले दो आम चुनावों से इस सीट पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का कब्जा है. 2019 के चुनाव में बारासात लोकसभा सीट से कुल 12 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. संसदीय राजनीति में बारासात लोकसभा सीट ज्यादातर समय वामपंथी दलों के पास रही है जहां मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के प्रतिनिधि संसद पहुंचते रहे हैं. पश्चिम बंगाल की बारासात लोकसभा सीट उन संसदीय क्षेत्रों में शामिल है, जहां तृणमूल कांग्रेस ने मोदी लहर को दरकिनार कर 2014 में जीत हासिल की थी.

UPDATES...

- 17वें लोकसभा के लिए कराए गए चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत बंगाल की 9 संसदीय सीटों पर रविवार को मतदान हुआ. बारासात संसदीय सीट पर कुल 81.19% मतदान हुआ, जबकि इस दौरान पूरे राज्य में ओवरऑल 78 फीसदी मत पड़े.

- लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण के तहत बंगाल की 9 संसदीय सीटों पर आज रविवार को मतदान कराया गया. बारासात संसदीय सीट पर शाम 5 बजे तक 74.41% मतदान हुआ, जबकि इस दौरान पूरे राज्य में ओवरऑल 73.05 फीसदी मत पड़े. हालांकि यह अंतिम रिपोर्ट नहीं है और इसमें बदलाव संभव है.

-बारासात सीट पर 3 बजे तक 65.38% वोटिंग

-पश्चिम बंगाल में दोपहर 3 बजे तक 63.66 फीसदी मतदान

-बारासात के न्यूटाउन में 20 देसी बम बरामद

-बारासात सीट पर 1 बजे तक 53.59 % वोटिंग

-पश्चिम बंगाल में दोपहर 1 बजे तक 46.69 फीसदी मतदान

-पश्चिम बंगाल में सुबह 11 बजे तक 26.07 फीसदी मतदान

मतदान के दौरान हिंसा

बारासात लोकसभा क्षेत्र में चुनाव के दौरान हिंसा की खबर है. बताया जा रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ता शक्ति घोष पर टीएमसी समर्थकों ने हमला किया है. आरोप है कि बीजेपी समर्थक शक्ति को टीएमसी समर्थकों ने नूर नगर ग्राम पंचायत इलाके में डंडे से पीटा. घायल बीजेपी कार्यकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

-पश्चिम बंगाल में सुबह 9 बजे तक 14.22 फीसदी मतदान

-बारासात सीट पर 9 बजे तक 14.78 % वोटिंग

-कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह 7 बजे मतदान शुरू

चुनाव मैदान में हैं ये उम्मीदवार

बारासात लोकसभा सीट से  तृणमूल कांग्रेस ने पिछले दो बार से जीत रहीं डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को ही चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक की ओर से हरपद बिस्वाल चुनाव लड़ रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मृणाल कांति देबनाथ को टिकट दिया है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से सुकुमार बाला, कांग्रेस से सुब्रत दत्ता और शिवसेना से बानी चक्रवर्ती चुनाव लड़ रहे हैं.

यहां पढ़ें 7वें चरण के मतदान से जुड़ी हर बड़ी अपडेट

बारासात सीट का चुनावी समीकरण

बारासात संसदीय सीट पर कांग्रेस, फॉरवर्ड ब्लॉक, माकपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच टक्कर रहती है. इस सीट पर सबसे अधिक बार फॉरवर्ड ब्लॉक की ही जीत हुई है. लेकिन 2009 में ममता की लहर के चलते बारासात सीट टीएमसी के खाते में चली गई. 2009 के संसदीय चुनावों में तृणमूल की डॉ. काकोली घोष दस्तिदार 50 फीसदी से भी अधिक वोट पाकर विजेता बनीं. जबकि 2014 के चुनावों में मोदी लहर को मात देते हुए काकोली एक बार फिर जीतने में कामयाब रहीं. उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक के मुर्जता हुसैन को हराया था. ऐसे में देखना दिलचस्प है कि 2019 में काकोली घोष का जलवा बरकरार रहता है या नहीं.

बारासात लोकसभा सीट का इतिहास

जब देश में 1952 में पहला आम चुनाव हुए तो बारासात लोकसभा सीट को शांतिपुर लोकसभा सीट के नाम से जाना जाता था. उस समय कांग्रेस के प्रत्याशी अरुण चंद्र गुहा चुनाव जीते और लोकसभा पहुंचे. अरुण चंद्र गुहा कांग्रेस के ही टिकट पर 1962 में भी दोबारा चुनाव जीते. माकपा के रणेंद्रनाथ सेन 1967 और 1971 के चुनावों में जीते. 1977 और 1980 के लोकसभा चुनावों में फारवर्ड ब्लॉक के चिट्टा बसु सांसद चुने गए. 1984 में कांग्रेस ने फिर वापसी की और तरुण कांति बोस सांसद चुने गए. लेकिन इसके बाद हुए लगातार तीन लोकसभा चुनावों में फॉरवर्ड ब्लॉक जीतती रही. 1989,1991 और 1996 के लोकसभा चुनावों में फॉरवर्ड ब्लॉक के चिट्टा बसु चुनाव जीतते रहे.

1998 के चुनावों में बारासात संसदीय सीट की तस्वीर बदल गई और तृणमूल कांग्रेस ने पहली बार यहां खाता खोला. तृणमूल कांग्रेस के डॉ. रंजीत कुमार पंजा ने 1998 और 1999 के चुनावों में लगातार जीत हासिल की. 2004 के आम चुनावों में फारवर्ड ब्लॉक के सुब्रत बोस चुनाव जीते. 2009 और 2014 के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर तृणमूल कांग्रेस की डॉ. काकोली घोष दास्तिदार चुनाव जीतीं.

विधानसभा सीटों का समीकरण

पश्चिम बंगाल की बारासात संसदीय क्षेत्र के तहत सात विधानसभाएं आती हैं. इनमें हावड़ा, अशोक नगर, राजरहाट न्यू टॉउन, बिधाननगर, मध्यमग्राम और देगंगा शामिल हैं. इन सात विधानसभा सीटों में से छह पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं.

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