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धनबाद लोकसभा सीट पर वोटिंग खत्म, 20 प्रत्याशी चुनाव मैदान में

धनबाद लोकसभा सीट पर कुल 20 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस बार यहां से कांग्रेस पार्टी ने कीर्ति आजाद पर दांव खेला है, तो भारतीय जनता पार्टी ने पशुपति नाथ सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस ने माधवी सिंह, बहुजन समाज पार्टी ने मेघनाथ रावनी, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने दीपक कुमार दास, अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया ने मिहिर चंद्र महतो और समाजवादी पार्टी ने मिराज खान को चुनाव मैदान में उतारा है.

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राम कृष्ण धनबाद, 13 May 2019
धनबाद लोकसभा सीट पर वोटिंग खत्म,  20 प्रत्याशी चुनाव मैदान में वोट डालने के लिए लाइन में लगी महिलाएं (फोटो- पीटीआई)

झारखंड के धनबाद लोकसभा सीट पर 12 मई को मतदान हुआ. इस चरण में धनबाद समेत 7 राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर वोटिंग हुई. चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. यहां पर चुनाव आयोग प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 59.60 प्रतिशत मतदान हुआ है. 2014 में इस सीट पर 60.17 प्रतिशत मतदान हुआ था.

इस सीट पर कुल 20 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इस बार यहां से कांग्रेस पार्टी ने कीर्ति आजाद पर दांव खेला है, तो भारतीय जनता पार्टी ने पशुपति नाथ सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है. इसके अलावा तृणमूल कांग्रेस ने माधवी सिंह, बहुजन समाज पार्टी ने मेघनाथ रावनी, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक ने दीपक कुमार दास, अंबेडकराइट पार्टी ऑफ इंडिया ने मिहिर चंद्र महतो और समाजवादी पार्टी ने मिराज खान को चुनाव मैदान में उतारा है.

अपडेट्स

धनबाद लोकसभा सीट पर मतदान ने रफ्तार पकड़ी है. यहां पर 3 बजे तक 54.66 फीसदी मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके हैं.

धनबाद लोकसभा सीट पर दोपहर 1 बजे तक 44.72 प्रतिशत मतदान हो चुका है.

झारखंड की धनबाद लोकसभा सीट पर बंपर वोटिंग की खबर है. यहां पर दोपहर 12 बजे तक 29.07 प्रतिशत मतदान हो चुका है.

Lok Sabha Election 2019 Live Update छठे चरण में 59 सीटों पर वोटिंग शुरू

झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से एक धनबाद को कोयले की राजधानी कहा जाता है. धनबाद संसदीय क्षेत्र दो जिलों धनबाद और बोकारो में फैला हुआ. इस संसदीय क्षेत्र में सूबे की 6 विधानसभा सीटें आती हैं. फिलहाल यहां से बीजेपी के पशुपति नाथ सिंह सांसद हैं. वो पिछले दो बार से लगातार जीत दर्ज कर रहे हैं. इस बार भी बीजेपी ने उन पर विश्वास जताया है और उनको चुनाव मैदान में उतारा है. इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी में कड़ी टक्कर होती है.  

धनबाद संसदीय क्षेत्र भले आर्थिक रूप से पिछड़ा हो, लेकिन यह अपने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए जाना जाता है. झारखंड के अधिकांश औद्योगिक प्लांट (जैसे-बोकारो स्टील प्लांट, भारत कूकिंग कोल लिमिटेड, बीईएमएल लिमिटेड, बोकारो पॉवर सप्लाई कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड) यही हैं. यहां मुंबई के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे सब डिवीजन है, जो राजस्व का दूसरा बड़ा जरिया है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

धनबाद लोकसभा सीट से साल 1951 और 1957 का चुनाव कांग्रेस के पीसी बोस ने जीता था. साल 1962 में इस सीट से कांग्रेस पीआर चक्रवर्ती जीतने में कामयाब हुए थे. साल 1967 में निर्दलीय प्रत्याशी रानी ललिता राज्य लक्ष्मी ने चुनाव जीता था. साल 1971 में फिर इस सीट पर कांग्रेस ने वापसी की थी और उसके टिकट पर राम नारायण शर्मा जीते थे.

साल 1977 में इस सीट पर कम्यूनिस्ट पार्टी का कब्जा हो गया था और उसके टिकट पर एके रॉय ने चुनाव जीता था. साल 1980 के चुनाव में भी एके रॉय जीतने में कामयाब हुए थे. इसके बाद साल 1984 में कांग्रेस ने फिर वापसी की थी और उसके टिकट पर शंकर दयाल सिंह जीते थे. साल 1989 का चुनाव कम्युनिस्ट पार्टी के ही एके रॉय जीते थे और तीसरी बार सांसद बने थे.

इसके बाद साल 1991 में इस सीट पर पर पहली बार बीजेपी का खाता खुला था और उसके टिकट पर रीता वर्मा जीती थीं. इसके बाद उन्होंने लगातार चार बार (1991, 1996, 1998 और 1999) चुना जीता था. अटल बिहारी सरकार में कई मंत्रालयों की मंत्री भी रहीं. साल 2004 में इस सीट से कांग्रेस के चंद्र शेखर दूबे जीते थे. साल 2009 में बीजेपी ने फिर वापसी की थी और उसके टिकट पर पशुपति नाथ सिंह जीते थे. साल 2014 में मोदी लहर में वो अपनी सीट बचाने में कामयाब हुए.

उन्होंने कांग्रेस के अजय कुमार दूबे को करीब 2.92 लाख वोटों से हराया. पशुपति नाथ सिंह को 5.43 लाख वोट मिले थे, जबकि अजय कुमार दूबे को 2.50 लाख वोट मिले थे. तीसरे नंबर पर मार्कसिस्ट को-ऑर्डिनेशन के आनंद महतो (1.10 लाख) और चौथे नंबर पर झारखंड विकास मोर्चा के समरेस सिंह (90 हजार) रहे.

सामाजिक तानाबाना

धनबाद लोकसभा सीट पर शहरी मतदाताओं का दबदबा है. इस सीट पर करीब 62 फीसदी शहरी मतदाता और 38 फीसदी ग्रामीण मतदाता है. इस सीट पर अनुसूचित जाति की तादात 16 फीसदी और अनुसूचित जनजाति की तादाद 8 फीसदी है. इसके अलावा सीट पर उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के लोगों की अच्छी तादात है. इस संसदीय क्षेत्र के तहत 6 विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें बोकारो, सिन्दरी, निरसा, धनबाद, झरिया, चन्दनकियारी विधानसभा सीटें शामिल हैं. इसमें चंदनकियारी सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है.

2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने चार सीटें (बोकारो, सिन्दरी, धनबाद, झरिया), मार्क्सिस्‍ट कोऑर्डिनेशन ने एक सीट (निरसा) और झारखंड विकास मोर्चा ने एक सीट (चन्दनकियारी) पर जीत हासिल की. इस सीट पर वोटरों की संख्या 18.89 लाख है, जिनमें 10.32 लाख पुरुष वोटर और 8.57 लाख महिला वोटर शामिल हैं. 2014 के चुनाव में सीट पर करीब 61 फीसदी मतदान हुआ था.

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