एडवांस्ड सर्च

क्या पार्टी से बड़े हो गए हैं कन्हैया कुमार, फंडिंग पर उठे सवाल

बिहार के बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार कन्हैया कुमार क्राउड फंडिंग का सहारा ले रहे हैं. शायद यह पहली बार है जब किसी वामपंथी दल का कोई उम्मीदवार चंदा जुटाने का यह तरीका अपना रहा है. लिहाजा कन्हैया कुमार के क्राउड फंडिंग पर सवाल भी उठ रहे हैं.

Advertisement
aajtak.in
वरुण शैलेश नई दिल्ली, 28 March 2019
क्या पार्टी से बड़े हो गए हैं कन्हैया कुमार, फंडिंग पर उठे सवाल कन्हैया कुमार (ट्विटर)

कोई चुनाव बिना फंड के नहीं लड़ा जाता. फंड इकट्ठा करना राजनीतिक पार्टी से लेकर उम्मीदवारों तक के लिए मुश्किल रहा है. बीजेपी और कांग्रेस जैसी पार्टियां कॉरपोरेट घरानों से चंदा लेती हैं लेकिन वामपंथी दल जनता के सहयोग से चुनाव लड़ते रहे हैं. लेकिन इस बार हालात बदल गए हैं. बिहार के बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के उम्मीदवार कन्हैया कुमार क्राउड फंडिंग का सहारा ले रहे हैं. शायद यह पहली बार है जब किसी वामपंथी दल का कोई उम्मीदवार चंदा जुटाने का यह तरीका अपना रहा है. लिहाजा कन्हैया कुमार के क्राउड फंडिंग पर सवाल भी उठ रहे हैं. हालांकि उनका कहना है कि उनकी पार्टी को इससे कोई आपत्ति नहीं है.

कन्हैया कुमार के इस तरह से क्राउड फंडिंग का सहारा लेने को लेकर सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि अपने 37 प्रत्याशियों के लिए सीपीआई ने लेटर हेड पर चुनावी चंदे की अपील जारी की है. पार्टी ने चेक और डीडी आदि के जरिये योगदान मांगा है. लेकिन जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पार्टी के चंदे के भरोसे नहीं रहना है क्योंकि उनके लिए एक कंपनी क्राउड फंडिंग कर रही है. कन्हैया कुमार इस प्लेटफार्म के जरिये चंदे की अपील भी कर रहे हैं.

 क्राउड फंडिंग कंपनी ourdemocracy.in कन्हैया कुमार के लिए चंदा जुटा रही है. यह कंपनी आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी के प्रत्याशियों के लिए भी फंड जुटा रही है. अब सीपीआई के उम्मीदवार कन्हैया कुमार भी उसी कंपनी का सहारा ले रहे हैं. जबकि वामपंथी दल चुनाव में कोई भी कॉरपोरेट तौर-तरीका अपनाने के विरोधी रहे हैं और चुनाव के लिए चंदा पार्टी, उनसे जुड़े संगठन जुटाते रहे हैं. यह चंदा भी जनता के बीच और पार्टी के शुभचिंतकों से आता रहा है. यह सवाल किसी अन्य बुर्जुआ संसदीय दल के लिए नहीं उठा रहा, केवल कन्हैया कुमार के लिए ही उठ रहा है. हालांकि सीपीआई ने अभी तक इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है.

इस संबंध में aajtak.in ने कन्हैया कुमार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी. कन्हैया कुमार की जगह उनके सहयोगी धनंजय ने बातचीत की. धनंजय ने बताया, 'क्राउड फंडिंग पर पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है.' उन्होंने कहा, 'पार्टी में नए लोग नई सोच के साथ आ रहे हैं. पार्टी को नया तरीका अपनाने पर कोई आपत्ति नहीं है. हम जनता के लिए जनता के पैसे से चुनाव लड़ेंगे. इसीलिए इसका सहारा लिया है.'    

कौन है क्राउड फंडिंग कंपनी

क्राउड फंडिंग कंपनी ourdemocracy.in को प्रशांत किशोर के संगठन आई-पीएसी से जुड़े आनंद मंगनाले और पूर्व पत्रकार बिलाल जैदी ने स्टार्टअप के तौर पर शुरू किया है.  कंपनी खुद को राजनीतिक चंदा जुटाने के नियमों का कड़ाई से पालन करने वाला देश का पहला क्राउड फंडिंग प्लेटफॉर्म बता रही है.  इस स्टार्ट अप ने पार्टी उम्मीदवारों के लिए एक व्हाइट मनी चैलेंज शुरू किया है. कंपनी मिलने वाले चंदे पर 5 प्रतिशत का कमीशन लेती है. कंपनी आम आदमी पार्टी की आतिशी, राघव चड्ढा और दिलीप पांडे के अलावा कांग्रेस के नाना पटोले के लिए काम कर रही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay