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Jangipur Constituency: कांग्रेस और माकपा के बीच रहा है सीधा मुकाबला

Jangipur Constituency जंगीपुर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का एक शहर है जो भगीरथी नदी पर बसा हुआ है. कहा जाता है कि इस शहर की स्थापना मुगल सम्राट जहांगीर ने की थी. इसीलिए इस शहर को जहांगीपुर भी कहा जाता है.

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aajtak.in
वरुण शैलेश नई दिल्ली, 14 February 2019
Jangipur Constituency: कांग्रेस और माकपा के बीच रहा है सीधा मुकाबला अभिजीत मुखर्जी (फाइल फोटो)

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पड़ने वाली जंगीपुर लोकसभा सीट पर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे और कांग्रेस नेता अभिजीत मुखर्जी अभी सांसद हैं. सामान्य तौर पर देखा जाए तो इस सीट पर कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के बीच सीधा मुकाबला रहा है. दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस सीट पर 1977 और 2004 से लेकर 2014 तक के हुए आम चुनावों को छोड़ दिया जाए तो इस सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार ही जीतते रहे हैं, चाहे वे कांग्रेस के हों या माकपा के प्रत्याशी.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

जंगीपुर लोकसभा सीट चौथे आम चुनाव 1967 में अस्तित्व में आई थी. 1967 और 1971 के आम चुनावों में कांग्रेस के लुत्फ़ल हक जीतने में कामयाब रहे. 1977 के लोकसभा चुनाव में माकपा के ससंका शेखर सान्याल जीते. 1980, 1984, 1989 और 1991 के आम चुनावों में माकपा के ज़ैनल अबेदिन लगातार जीत हासिल करते रहे. 1996 के चुनावों में फिर कांग्रेस ने वापसी की और मोहम्मद इदरिस अली सांसद चुने गए. 1998 और 1999 के चुनावों में माकपा के अबुल हसनत खान चुनाव जीते. 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ ने प्रणब मुखर्जी को चुनाव मैदान में उतारा. प्रणब मुखर्जी दोनों बार चुनाव जीते.

राष्ट्रपति चुने जाने के बाद प्रणब मुखर्जी ने 2012 में लोकसभा सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया. उनके राष्ट्रपति बनने पर यह सीट खाली हुई, जिस पर 10 अक्टूबर 2012 को मतदान कराया गया था. इसके बाद हुए उपचुनाव में प्रणब मुखर्जी बेटे अभिजीत मुखर्जी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी माकपा के मुजफ्फर हुसैन को 2536 मतों के अंतर से हराकर जंगीपुर लोकसभा सीट जीत ली. उस दौरान अभिजीत को 3,32,919 मत, जबकि हुसैन को 3,30,383 मत मिले थे. बीजेपी उम्मीदवार सुधांग्सू विश्वास 85,867 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. दो निर्दलीय उम्मीदवारों रायसुद्दीन और तहेदुल इस्लाम को क्रमश: 41,620 और 24,691 मतों से संतोष करना पड़ा था. इस दौरान तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस से संबंध तोड़ने के बाद भी अपना उम्मीदवार नहीं उतारा था. प्रणब मुखर्जी ने 2009 के लोकसभा चुनाव में 1.28 लाख से अधिक मतों के अंतर से यह सीट जीती थी.

सामाजिक ताना-बाना

जंगीपुर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का एक शहर है जो भगीरथी नदी पर बसा हुआ है. कहा जाता है कि इस शहर की स्थापना मुगल सम्राट जहांगीर ने की थी. इसीलिए इस शहर को जहांगीपुर भी कहा जाता है. ब्रिटिश हुकूमत के शुरुआती दिनों में यह सहर सिल्क के कारोबार और ईस्ट इंडिया कंपनी के वाणिज्यिक आवास का केंद्र हुआ करता था. साल 2009 की परिसीमन रिपोर्ट में इस लोकसभा सीट को सात विधानसभा सीटों में बांट गिया गया. इनमें सुति, जंगीपुर, रघुनाथगंज, सागर्दिघी, लालगोला, नवग्राम (अनुसूचित जाति) और खारग्राम (अनुसूचित जाति) शामिल हैं.

जनगणना 2011 के मुताबकि जंगीपुर लोकसभा क्षेत्र की अनुमानित आबादी 23,38,691 है जिनमें 78.18 फीसदी जनसंख्या गांवों में रहती है जबकि 21.82 फीसदी लोग गांवों में रहते हैं. यहां की कुल आबादी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का अनुपात 15.87 और 1.93 फीसदी है. 2017 की मतदाता सूची के मुताबकि जंगीपुर में 150702 मतदाता हैं जो 1750 बूथों पर वोटिंग करते हैं. 2014 के लोकसभा चुनावों में 80.43 प्रतिसत मतदान हुआ था, जबकि 2009 में यह आंकड़ा 85.95 प्रतिशत था. 2014 के चुनावों को कांग्रेस को 33.80 फीसदी, माकपा को 33.07 प्रतिशत और तृणमूल कांग्रेस को 18.54 फीसदी वोट मिले थे.

2014 के जनादेश का संदेश

जंगीपुर लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने 2014 के चुनाव में अभिजीत मुखर्जी को फिर मैदान में उतारा जिसमें उन्होंने जीत हासिल की.  अभिजीत मुखर्जी को 378,201  यानी 33.80 फीसदी वोटों के साथ जीत दर्ज की. वहीं माकपा के मुजफ्फर हुसैन को 370,040 यानी 33.07 फीसदी मत मिले. पश्चिम बंगाल में ममला लहर होने के बावजूद जंगीपुर सीस से तृणमूल कांग्रेस जीत हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाई. टीएमसी के उम्मीदवार एसके नुरुल इस्लाम को 207,455 मतलब 18.54 मतों से ही संतोष करना पड़ा था.

सांसद का रिपोर्ट

सांसद निधि के तहत जंगीपुर संसदीय क्षेत्र के लिए 25 करोड़ रुपये निर्धारित है. विकास संबंधी कार्यों के लिए 12.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए. इसमें से 75.15 फीसदी धन का इस्तेमाल हो चुका है. बतौर लोकसभा सदस्य अभिजीत मुखर्जी संसद में 96 फीसदी उपस्थित रहे हैं और 171 सवाल पूछे. 31 डिबेट में हिस्सा लिया.     

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