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कोई भी अर्थशास्त्री कर्जमाफी को कृषि संकट का समाधान नहीं मानता: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों के हित के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाए, उन्हें आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए शिक्षित किया जाए, लेकिन कांग्रेस को हर 10 साल में किसानों के कर्जमाफी की याद आती है.

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aajtak.in
अमित कुमार दुबे नई दिल्ली, 03 March 2019
कोई भी अर्थशास्त्री कर्जमाफी को कृषि संकट का समाधान नहीं मानता: पीएम मोदी इंडिया टुडे के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों के हित के लिए कई कदम उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाए, उन्हें आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए शिक्षित किया जाए, लेकिन कांग्रेस को हर 10 साल में किसानों के कर्जमाफी की याद आती है.

इंडिया टुडे के खास कार्यक्रम में 'इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2019' को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश-दुनिया के अर्थशास्त्री मानते हैं कि कृषि संकट से निपटने के लिए कर्जमाफी सही कदम नहीं है. लेकिन कांग्रेस को हमेशा कर्जमाफी की याद आती है. जबकि 10 साल तक अर्थशास्त्री पीएम थे.

अपनी योजनाओं को गिनाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि अनाजों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने के साथ-साथ सरकार ने कई तरीके किसानों की स्थिति सुधारने का काम किया है. कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि पिछली सरकार में एमएसपी की फाइल 7 साल तक दबी रही. लेकिन उनकी सरकार ने किसान सम्मान निधि की घोषणा इसी साल 1 फरवरी को की और 24 फरवरी को इस योजना को लॉन्च भी कर दिया.

देखें पीएम मोदी का पूरा भाषण

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार 24 घंटे काम करती है. लेकिन कांग्रेस की सरकार 10 फीसदी कमीशन के लिए काम करती थी. हमारी सरकार 100 फीसदी मिशन पर काम करती है. ये सरकार केवल वादे नहीं करती है उसे पूरा भी करती है. आयुष्मान योजना का लाभ आज देश के किसानों को मिल रहा है. किसी सरकार ने इस बारे में अब तक नहीं सोचा था.

इंडिया टुडे कार्यक्रम से पीएम मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस सरकार को घोटाले की सरकार करार दिया. उन्होंने कहा, 'ऐसा क्यों है कि जिन लोगों ने कई सालों तक देश पर राज किया उनके कार्यकाल में इतने रक्षा घोटाले हुए. जीप से लेकर सबमरीन तक में घोटाले हुए. 2009 में हमारी सेना ने 1 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट की मांग की. लेकिन 2009 से 2014 तक एक भी बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं खरीदी गई. हमने अपने कार्यकाल में 2.30 लाख बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदे, और ऐसे लोग हमसे सवाल पूछते हैं.'

विपक्ष पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीयों की एकजुटता ने देश के भीतर और बाहर कुछ लोगों में डर पैदा कर दिया है. आज जो माहौल बना है उससे देखकर यही कहूंगा ये डर अच्छा है. जब दुश्मन में भारत के पराक्रम का डर हो, तो यह डर अच्छा है. जब आतंक के आकाओं में सैनिकों के शौर्य का डर हो, तो यह डर अच्छा है. जब मामा के बोलने से बड़े-बड़े परिवार बौखला जाएं, तो यह डर अच्छा है. जब भ्रष्ट नेताओं को जेल जाने का डर सताए तो यह डर अच्छा है.

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