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चेन्नई साउथ लोकसभा सीट: 2009 से AIADMK का कब्जा, क्या विपक्ष को मिलेगा मौका?

Chennai South Lok Sabha Constituency तमिलनाडु की चेन्नई साउथ लोकसभा सीट कई मायनों में अहम है. इस सीट डीएमके का कब्जा रहा है, लेकिन बदलते सियासी समीकरण के बीच 2009 से चेन्नई साउथ सीट पर एआईएडीएमके ने जीत हासिल की है. ऐसे में देखना होगा कि 2019 लोकसभा चुनाव में इस सीट पर किसको जीत मिलेगी.

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सना जैदीनई दिल्ली, 25 February 2019
चेन्नई साउथ लोकसभा सीट: 2009 से AIADMK का कब्जा, क्या विपक्ष को मिलेगा मौका? प्रतीकात्मक तस्वीर

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आने वाली तीन लोकसभा सीटों में चेन्नई साउथ सीट कई मायनों में अहम है. इस सीट को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का सबसे मजबूत दुर्ग माना जाता था लेकिन पिछले चुनाव में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने अपनी जड़ें मजबूत बनाईं और 2014 चुनाव में एआईएडीएमके के जे. जयवर्धन जीत दर्ज करके यहां सांसद बने.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

1957 में अस्तित्व में आने के बाद इस सीट पर डीएमके का दबदबा रहा है. हालांकि 2009 से चेन्नई साउथ सीट पर एआईएडीएमके का कब्जा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में AIADMK के जे. जयवर्धन ने 1,36,625 वोटों से जीत हासिल की थी. उन्हें 17,95,780 में से 4,38,404 वोट मिले थे जबकि उनके प्रतिद्वंदी डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन को  3,01,779 वोट मिले थे. 2014 में इस सीट पर कुल 60.21 फीसदी वोटिंग हुई थी. जिसमें एआईएडीएमके को 40.56 फीसदी, बीजेपी को 24.1 फीसदी, डीएमके को 27.9 और कांग्रेस को 2.27 फीसदी वोट मिले थे. वहीं 2009 में हुए चुनाव में एआईएडीएमके को 42.38 फीसदी, बीजेपी को 5.9 फीसदी, डीएमके को 37.86 फीसदी वोट मिले थे.

सामाजिक ताना-बाना

तमिलनाडु की चेन्नई साउथ लोकसभा सीट कांचीपुरम जिले के अंतर्गत आती है. 2011 की जनगणना के मुताबिक चेन्नई साउथ संसदीय क्षेत्र की आबादी 21,05,824 है. जिसमें से 3.35 फीसदी लोग ग्रामीण इलाके में रहते हैं जबकि 96.65 फीसदी शहरी आबादी है. यहां अनुसूचित जाति (SC) की जनसंख्या 12.54 फीसदी है तो वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी 0.22 फीसदी है.  चेन्नई साउथ संसदीय क्षेत्र में 6 विधानसभा सीटें आती हैं. जिसमें विरूगमबक्कम (Virugambakkam), सैदापेट (Saidapet), थियागराय नगर  (Thiyagaraya nagar), मायलापुर (Mylapore), वेलाचेर (Velachery) और शोजिंगनालुर (Shozhinganallur) शामिल हैं.

2014 का जनादेश

चेन्नई साउथ संसदीय क्षेत्र में कुल 17,95,780 मतदाता हैं, जिसमें 9,01,207 पुरुष और 8,94,573 महिलाएं शामिल हैं. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में 10,81,163 मतदाताओं ने वोट डाला था. जिसमें ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) को  4,38,404, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) को 3,01,779, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 2,56,786 और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को 24,420 वोट मिले थे. वहीं नोटा के हिस्से में 20,402 वोट आए थे.

2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे

बता दें कि दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा लोकसभा सीटें तमिलनाडु राज्य में हैं. राज्य के 39 लोकसभा संसदीय क्षेत्रों में से 37 लोकसभा क्षेत्रों पर एआईएडीएमके का कब्जा है. तमिलनाडु राज्य में सत्तारूढ़ एआईएडीएमके के अलावा द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है. वहीं बीजेपी की राज्य में पकड़ मजबूत नहीं है. 2014 लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में 37 सीटों पर अकेले एआईएडीएमके ने जीत दर्ज की थी तो वहीं एक सीट पर बीजेपी गठबंधन और एक ही सीट पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. गौरतलब है कि 2014 लोकसभा चुनाव में डीएमके का खाता भी नहीं खुला था.

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

जे. जयवर्धन का संसद में अच्छा प्रदर्शन रहा है, सदन में उन्होंने 83.49 फीसदी उपस्थिति दर्ज की है. जे. जयवर्धन 321 में से 268 दिन सदन में उपस्थित रहे. सांसद जे. जयवर्धन ने सिर्फ 66 बहसों में हिस्सा लिया और कुल781 सवाल पूछे हैं. सांसद निधि के खर्च की बात करें तो उन्होंने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों में 14.06 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. यानी उन्होंने प्राप्त राशि से 80.32 फीसदी रकम खर्च कर दी.

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