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चेन्नई नॉर्थ लोकसभा सीट: क्या AIADMK से अपना गढ़ छीन पाएगी DMK?

Chennai North Lok Sabha Constituency तमिलनाडु की चेन्नई नॉर्थ लोकसभा सीट राजनीतिक समीकरण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है. डीएमके का गढ़ रही इस सीट पर 2014 में एआईएडीएमके ने जीत दर्ज कर सत्ता पर कब्जा किया था. बदलते राजनीतिक समीकरण के बीच देखना होगा कि 2019 लोकसभा चुनाव में कौन बाजी मारेगा.

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aajtak.in
सना जैदी नई दिल्ली, 13 February 2019
चेन्नई नॉर्थ लोकसभा सीट: क्या AIADMK से अपना गढ़ छीन पाएगी DMK? प्रतीकात्मक तस्वीर

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में आने वाली तीन लोकसभा सीटों में से चेन्नई नॉर्थ एक महत्वपूर्ण सीट है. एक वक्त में इस सीट को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का सबसे मजबूत दुर्ग माना जाता था लेकिन पिछले चुनाव में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने अपनी पकड़ मजबूत बनाई है. मौजूदा समय में टीजी वेंकटेश बाबू (T. G. Venkatesh Babu) यहां सांसद हैं.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

चेन्नई नॉर्थ सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था. 1957 से 2014 तक इस सीट पर पंद्रह बार चुनाव हुए और डीएमके का दबदबा रहा है. 1957 से 2014 तक चार बार कांग्रेस और दस बार डीएमके ने जीत हासिल की है. जिसमें 1967 से 1984 तक और 1996 से 2009 तक सीट लगातार  द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK)के खाते में आई है. जबकि 2014 में इस सीट पर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने जीत दर्ज की. 2014 के लोकसभा चुनाव में कुल 63.99 फीसदी वोटिंग हुई थी. जिसमें एआईएडीएमके को 44.69 प्रतिशत, डीएमके को 33.73 प्रतिशत और कांग्रेस को 2.66 प्रतिशत वोट मिले थे. जबकि 2009 में 64.91 फीसदी मतदान हुआ था जिसमें एआईएडीएमके को 3.54 और डीएमके को 42.59 फीसदी वोट मिले थे. बदलती सियासत के बीच 2019 में डीएमके के लिए दोबारा इस सीट पर वापसी करना एक बड़ी चुनौती है.

सामाजिक ताना-बाना

चेन्नई नॉर्थ लोकसभा सीट तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के अंतर्गत आती है. 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 18,06,761 है. जो 100 फीसदी शहरी आबादी है. इसमें 19.49 फीसदी अनुसूचित जाति (SC) और 0.2 फीसदी अनुसूचित जनजाति (ST) की आबादी है. चेन्नई नॉर्थ लोकसभा क्षेत्र में 6 विधानसभा सीटें आती थी. जिनमें तिरुवोत्तियूर, डॉ. राधाकृष्णन नगर, पेरंबूर, कोलाथुर, टी. वी. के नगर, रोयापुरम शामिल हैं. विधानसभा चुनाव में दोनों ही पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर रही है. जिनमें 3 सीटों पर डीएमके और 3 पर ही एआईएडीएमके का कब्जा है.  

चेन्नई नॉर्थ सीट का 2014 का जनादेश

चेन्नई नॉर्थ सीट पर एआईएडीएमके के वेंकटेश बाबू ने 99,704 वोटों से जीत हासिल की थी. उनका सीधा मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के आर गिरिराजन से था. एआईएडीएमके को 4,06,704 जबकि डीएमके को 3,07,000 वोट मिले थे. 2014 के आंकड़ों के मुताबिक यहां 14,22,386 मतदाता हैं, जिसमें 7,07,696 पुरुष और 7,14,690 महिलाएं शामिल हैं. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 9,10,114 मतदाताओं ने वोट डाले थे यानी कुल 63.99 फीसदी वोटिंग हुई थी.  बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में एआईएडीएमके को 37 सीटें मिली थीं. जबकि एक सीट पर बीजेपी गठबंधन ने जीत हासिल की थी. राज्य में बीजेपी को एआईएडीएमके का समर्थन है तो वहीं कांग्रेस और डीएमके साथ हैं.

सांसद का रिपोर्ट कार्ड

सांसद टीजी वेंकटेश बाबू का संसद में अच्छा प्रदर्शन रहा है, उन्होंने 2016 और 2018 के मॉनसून सत्र में 100 फीसदी उपस्थिति दर्ज कराई. 3 जनवरी 2019 तक ससंद में उनकी कुल 80 फीसदी उपस्थिति रही वहीं उन्होंने 61 डिबेट्स में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने 689 सवाल पूछे.

2019 में इन पार्टियों के बीच चुनौती

लोकसभा चुनाव में साउथ की सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए कड़ी चुनौती है. इस क्षेत्र में भाजपा सबसे कमजोर है. वहीं इस बार अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम (MNM) भी मैदान में है. तमिलनाडु में डीएमके पहले ही कांग्रेस के साथ है तो वहीं बीजेपी AIADMK के साथ गठबंधन करती रही है.

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