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PM मोदी पर मायावती का हमला, कहा- थे अगड़ी जाति के, पिछड़ी में शामिल हुए

बीएसपी अध्यक्ष ने कहा कि जनता सजग है, बीजेपी की सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है, और अब ये चुनाव में किस्म-किस्म के हथकंडे अपना रहे हैं, और इसी कड़ी में बैकवर्ड कार्ड चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में उनकी जाति के लोग जुल्म के शिकार हुए हैं. मायावती ने कहा कि हो सकता है उनके प्रेस कांफ्रेंस के बाद पीएम अब पिछड़ा कार्ड खेलना बंद कर दें. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने दलितों का आरक्षण कोटा कभी नहीं भरा, साथ ही दलितों-पिछड़ों का आरक्षण भी धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है.

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aajtak.in/ कुमार अभिषेक नई दिल्ली, 27 April 2019
PM मोदी पर मायावती का हमला, कहा- थे अगड़ी जाति के, पिछड़ी में शामिल हुए बीएसपी अध्यक्ष मायावती (फाइल फोटो)

चौथे चरण का मतदान आते-आते लोकसभा चुनाव 2019 जाति पर आकर केंद्रित हो गया है. बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी अगड़ी जाति से आते थे, लेकिन गुजरात में अपनी सरकार के दौरान इन्होंने अपनी जाति को पिछड़ी जाति में शामिल करवा दिया. मायावती ने देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने कन्नौज में उन पर और अखिलेश यादव पर खुद को नीच कहने का आरोप लगाया है, जो कि बिल्कुल गलत है. मायावती ने कहा कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को कभी नीच नहीं कहा.

चौथे चरण के प्रचार के लिए अंतिम दिन जाति का मुद्दा छाया रहा. पीएम नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार करने जब उत्तर प्रदेश के कन्नौज पहुंचे तो वहां से वह बीएसपी और अखिलेश यादव पर खूब बरसे. नरेंद्र मोदी ने कहा कि वोट के बीएसपी ने एसपी द्वारा बाबा साहेब के किए गए अपमान को भुला दिया. पीएम मोदी ने कहा, "ये मत भूलिए तिर्वा में समाजवादी पार्टी ने कैसे बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान किया था, यह बीएसपी ने भुला दिया है, सत्ता के लिए, कुर्सी के लिए बाबा साहेब का अपमान करने वाले लोगों को मायावती गले लगाती हैं"

नरेंद्र मोदी ने कहा कि विपक्षियों का धंधा 'जात-पात जपना-जनता का माल अपना' है, चुनाव के दौरान ये पार्टियां मोदी की जाति का राग अलापना शुरू कर देती हैं. मोदी ने कहा कि वह जाति की राजनीति नहीं करते हैं, लेकिन बताना चाहेंगे कि वह पिछड़ा नहीं, बल्कि अति पिछड़ा हैं, लेकिन देश को अगड़ा बनाना चाहते हैं. एसपी-बीएसपी पर बरसते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये दोनों पार्टियां उनकी जाति को लेकर प्रमाण पत्र बांट रही हैं, जो खेल उन्होंने कभी खेला नहीं, लेकिन वे बता देना चाहता हूं कि उनकी जाति अति पिछड़ी जाति है और इनती छोटी है कि गांव में एक-दो ही घर उनकी जाति के होते हैं.

बता दें कि मैनपुरी की रैली में मायावती ने कहा था कि मुलायम सिंह असल में पिछड़ी जाति के नेता हैं, जबकि मोदी फर्जी पिछड़ी जाति के हैं. शनिवार को कन्नौज में नरेंद्र मोदी की रैली खत्म होने के बाद मायावती देर शाम मोदी पर निशाना साधने प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बैठीं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने साफ तौर पर कहा कि नरेंद्र मोदी अगड़ी जाति के हैं और गुजरात में जब इनकी सरकार थी तो उन्होंने अपनी जाति को पिछड़ी जाति में शामिल करा लिया. मायावती ने कहा कि पीएम मोदी दलित विरोधी हैं,  रोहित वेमुला और ऊना कांड इसके गवाह हैं. मायावती ने मंडल कमीशन का जिक्र करते हुए कहा कि मंडल कमीशन का विरोध बीजेपी ने किया था और सभी आरक्षण विरोधी इनके साथ हैं.

बीएसपी अध्यक्ष ने कहा कि जनता सजग है, बीजेपी की सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है, और अब ये चुनाव में किस्म-किस्म के हथकंडे अपना रहे हैं, और इसी कड़ी में बैकवर्ड कार्ड चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के शासन में उनकी जाति के लोग जुल्म के शिकार हुए हैं. मायावती ने कहा कि हो सकता है उनके प्रेस कांफ्रेंस के बाद पीएम अब पिछड़ा कार्ड खेलना बंद कर दें. उन्होंने कहा कि इस सरकार ने दलितों का आरक्षण कोटा कभी नहीं भरा, साथ ही दलितों-पिछड़ों का आरक्षण भी धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है.

सीबीआई का फिर तोते की तरह इस्तेमाल

उत्तर प्रदेश के सीएम के तौर पर मायावती के कार्यकाल में चीनी मिल घोटाले की जांच शुरू होने पर बीएसपी अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के दौरान कभी किसी पार्टी ने जांच एजेंसियों का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन पहली बार इस सरकार ने चुनाव के दौरान इसका इस्तेमाल किया है. मायावती ने कहा कि चीनी मिल विक्रय मामले में भी इतने सालों बाद उनके खिलाफ सीबीआई का इस्तेमाल हो रहा है.

मायावती ने कहा कि चीनी मिल बेचने का फैसला उन्होंने नहीं लिया बल्कि कैबिनेट ने लिया था. मायावती ने कहा कि सीबीआई को एकबार फिर तोते की तरह इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने कहा कि अगर चीनी मिलों के विक्रय में कोई दोष है तो उसकी जांच की जा सकती है लेकिन उनकी भूमिका स्पष्ट है. ये सब जनता को भ्रमित करने और मुद्दों को भटकाने का प्रयास है. ये सरकार चुनाव प्रभावित करने के लिए ये हथकंडे अपना रही है.  बता दें कि साल 2010-11 में सात बंद चीनी मिलों को बेचने में हुए कथित घोटाले के मामले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है.

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