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एक लेटर की वजह से अरबों डॉलर की संपत्ति को लेकर हिंदुजा भाइयों में शुरू हुआ विवाद

लंदन में रहने वाले प्रवासी भारतीय हिंदुजा बंधुओं में कुल चार भाई श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा आते हैं. इनका ब्रिटेन, भारत सहित दुनिया के कई देशों में कारोबारी साम्राज्य फैला हुआ है. हिंदुजा भाइयों में एक लेटर की वजह से संपत्ति विवाद विवाद शुरू हो गया है.

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aajtak.in नई दिल्ली, 24 June 2020
एक लेटर की वजह से अरबों डॉलर की संपत्ति को लेकर हिंदुजा भाइयों में शुरू हुआ विवाद हिंदुजा भाइयों में संपत्ति विवाद

  • प्रवासी भारतीय हिंदुजा भाइयों का अरबों डॉलर का है साम्राज्य
  • एक लेटर की वजह से चार भाइयों में शुरू हुआ संपत्ति का विवाद

अरबों डॉलर का कारोबारी साम्राज्य रखने वाले प्रवासी भारतीय कारोबारी हिंदुजा भाइयों में एक लेटर की वजह से संपत्ति विवाद विवाद शुरू हो गया है. इस लेटर के मजमून पर 84 वर्षीय श्रीचंद हिंदुजा और उनकी बेटी वीनू ने आपत्ति करते हुए कोर्ट से इसे निरस्त करने की मांग की है.

कौन हैं हिंदुजा बंधु

लंदन में रहने वाले प्रवासी भारतीय हिंदुजा बंधुओं में कुल चार भाई श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा आते हैं. इनका ब्रिटेन, भारत सहित दुनिया के कई देशों में कारोबारी साम्राज्य फैला हुआ है. प्रमुख ट्रक कंपनी अशोक लीलैंड हिंदुजा समूह का ही है. हिंदुजा परिवार दुनिया के टॉप अमीरों की फोर्ब्स की सूची में शामिल रहता है. यह समूह 40 देशों में ​फाइनेंस, हेल्थकेयर और मीडिया जैसे कई तरह के कारोबार में है. ब्लूमबर्ग बिलिनेयर इंडेक्स के मुताबिक हिंदुजा परिवार की संपत्ति 11.2 अरब डॉलर की है.

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क्या है लेटर में

2 जुलाई, 2014 के इस लेटर में कहा गया है कि किसी भी एक भाई के पास मौजूद संपत्ति सभी भाइयों की मानी जाएगी और कोई भी किसी दूसरे भाई को अपना वसीयत प्रबंध नियुक्त कर सकता है. ब्लूमबर्ग की एक खबर के अनुसार, मंगलवार को रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई के दौरान विवाद सामने आ गया.

क्या है मामला

नवंबर 2019 में श्रीचंद हिंदुजा ने लंदन के बिजनेस और प्रॉपर्टी कोर्ट की शरण में जाकर इस लेटर को निष्प्रभावी घोषित करने की मांग की. लेकिन इसका तीन अन्य भाइयों गोपीचंद, प्रकाश और अशोक हिंदुजा ने विरोध किया. इन भाइयों ने यह आपत्ति की कि वीनू हिंदुजा अपने पिता की तरफ से कार्यवाही में कैसे शामिल हो सकती हैं?

वीनू को श्रीचंद हिंदुजा ने अपना मुकदमा मित्र नियुक्त किया था. लेकिन मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस फाल्क ने इसकी पुष्टि की कि वीनू को श्रीचंद का लिटिगेशन फ्रेंड नियुक्त किया गया है और उम्र संबंधी दिक्कतों की वजह से श्रीचंद कार्यवाही में शामिल नहीं हो सकते. लेकिन तीनों भाइयों का तर्क था कि वीनू का अपना अलग वित्तीय हित है और श्रीचंद की तरफ से इस मामले के लिए अलग वकील नियुक्त होना चाहिए. तीनों भाइयों का यह भी कहना है कि इस मुकदमे से उनके कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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कई साल से है सुगबुगाहट

हिंदुजा भाइयों में प्रॉपर्टी विवाद की सुगबुगाहट पिछले कई साल से चल रही है. जुलाई 2018 में तीन हिंदुजा भाइयों ने हिंदुजा बैंक पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की, जबकि इसके एकमात्र मालिक श्रीचंद हिंदुजा हैं. तीनों भाइयों का यह मानना था कि अब श्रीचंद हिंदुजा इसे संभालने लायक नहीं रहे.

(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित)

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