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राजस्थान की एक सीट पर नाम फाइनल करने में बीजेपी के पसीने छूटे

राजस्थान में बीजेपी का झगड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुलझांएगे. दौसा सीट को लेकर बीजेपी में मचे घमासान का फैसला शुक्रवार को दिल्ली में किया जाएगा. किरोड़ी लाल मीणा को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली बुलाया है और बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मीणा से मुलाकात करेंगे.

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शरत कुमार [Edited By:मयंक तिवारी]नई दिल्ली, 12 April 2019
राजस्थान की एक सीट पर नाम फाइनल करने में बीजेपी के पसीने छूटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह (फोटो-PTI)

राजस्थान में बीजेपी का झगड़ा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुलझांएगे. राजस्थान की दौसा लोकसभा सीट को लेकर बीजेपी में मचे घमासान का फैसला शुक्रवार को दिल्ली में किया जाएगा. दरअसल, बीजेपी राज्य में अपने 23 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान कर चुकी है और वहीं एक सीट गठबंधन के रूप में हनुमान बेनीवाल को दी गई है. बावजूद इसके पार्टी 11 दिनों से एक सीट पर फैसला नहीं कर पा रही है. दौसा सीट पर कांग्रेस 15 दिन पहले अपने उम्मीदवार के रूप में विधायक मुरारी लाल मीणा की पत्नी सविता मीणा को उतार चुकी है.

बीजेपी का झगड़ा यहां इतना ज्यादा है कि उम्मीदवारों के नाम पर फैसला नहीं हो पा रहा है, लिहाजा किरोड़ी लाल मीणा को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली बुलाया है और कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मीणा से मुलाकात करेंगे. किरोड़ी लाल मीणा और वसुंधरा राजे के बीच छत्तीस का आंकड़ा रहा है .

वसुंधरा राजे से नाराज होकर ही किरोड़ी लाल मीणा ने बीजेपी को छोड़ कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी बनाई थी. राष्ट्रीय स्वयं संघ और अमित शाह के कहने पर मीणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में आ गए थे. बीजेपी के पास किरोड़ी से बड़ा मीणा नेता कभी नहीं रहा है. यह भी सच है कि मीणा वोट बैंक हमेशा से कांग्रेस का ही रहा है. किरोड़ी लाल मीणा की वजह से मीणा बीजेपी से जुड़े रहे हैं.

पिछले चुनाव में केंद्रीय नेताओं के दबाव में वसुंधरा राजे ने मीणा को पार्टी में शामिल तो कर लिया लेकिन इन दोनों के बीच कभी बनी नहीं. अब जबकि वसुंधरा के धुर विरोधी हनुमान बेनीवाल को नागौर सीट दे दी गई है, वहीं वसुंधरा के विरोध के बावजूद राजसमंद लोकसभा सीट से जयपुर की राजकुमारी दिया सिंह को टिकट दे दिया गया है. ऐसे में अब दौसा सीट पर किरोड़ी लाल मीणा के पसंद का उम्मीदवार उतारने के खिलाफ कहा जा रहा है कि वसुंधरा ने अपना वीटो लगा दिया है .

वहीं वसुंधरा राजे चाहती हैं कि वहां पर किरोड़ी लाल मीणा के खिलाफ गुट के जसकौर मीणा को दौसा से बीजेपी के उम्मीदवार के रूप में उतारा जाए, जबकि दौसा सीट शुरू से किरोड़ी लाल मीणा के लिए खास रही है. वह नहीं चाहते हैं कि यह सिर्फ उनके पास से किसी और को जाए. दौसा से  किरोड़ी लाल मीणा ना केवल राजेश पायलट के खिलाफ बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं बल्कि निर्दलीय भी यहां से सांसद रह चुके हैं.

वसुंधरा राजे ने किरोड़ी लाल मीणा के बीजेपी छोड़ने के बाद से वहां के स्थानीय मीणा नेता ओम प्रकाश हुडला को लेकर आईं और ओमप्रकाश हुडला ने महुआ विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की थी. हालांकि किरोड़ी लाल मीणा के आने के बाद बीजेपी के नए मीणा नेता ओमप्रकाश हुडला का टिकट काट दिया गया और उनकी जगह किरोड़ी लाल मीणा के भतीजे राजेंद्र मीणा को टिकट दिया गया. पिछले विधानसभा चुनाव में किरोड़ी लाल मीणा के भतीजे राजेंद्र मीणा को ओमप्रकाश हुडला  ने निर्दलीय चुनाव में खड़ा होकर राजेंद्र मीणा को हरा दिया था.

बताया जा रहा है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में वसुंधरा चाह रहीं थी कि हुडला की पत्नी या फिर हुल्ला को दौसा सीट से लड़ाया जाए. जब बात नहीं बनी तो किरोड़ी लाल मीणा के दूसरे विरोधी खेमे से जसकौर मीणा को सामने कर दी हैं और यह भी कहा जा रहा है कि वसुंधरा राजे इस बार इस कदर नाराज हैं कि अभी तक चुनाव प्रचार पर नहीं निकली हैं. माना जा रहा है कि आज अमित शाह और नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद दौसा सीट पर बीजेपी के उम्मीदवार का ऐलान कर दिया जाएगा.

बीजेपी आलाकमान ने वसुंधरा को मनाने के लिए जसकौर मीणा को दौसा सीट से उतरने का मन बना लिया है. मगर किरोड़ी लाल मीणा की नाराजगी की वजह से ये संभव नहीं हो पा रहा है. बीजेपी के लिए मुसीबत यह है कि अगर किरोड़ी लाल मीणा के पसंद का उम्मीदवार नहीं होता है तो वह बीजेपी की दौसा सीट से राह मुश्किल बना सकते हैं, साथ ही इसका असर दौसा के आसपास की 12 मीणा बाहुल्य सीटों पर भी पड़ सकता है.

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