एडवांस्ड सर्च

झारखंड चुनाव के ऐलान पर बोले बाबूलाल मरांडी- अकेले लड़ेंगे, 16 घंटे काम करेंगे

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस बार चुनाव के चुनाव में हम 16 घंटे काम करेंगे और जनता से आशीर्वाद मांगेंगे. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने दलबदल कानून की धज्जियां उड़ाई, जिसका जवाब जनता चुनाव में देगी.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in रांची, 01 November 2019
झारखंड चुनाव के ऐलान पर बोले बाबूलाल मरांडी- अकेले लड़ेंगे, 16 घंटे काम करेंगे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (Courtesy- Facebook)

  • पूर्व सीएम मरांडी ने कहा- बीजेपी ने दलबदल कानून की उड़ाई धज्जियां
  • पिछली बार चुनाव बाद बीजेपी में शामिल हो गए थे जेवीएम के 6 विधायक
झारखंड में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. चुनाव आयोग ने झारखंड में 5 चरणों चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है. 30 नवंबर से 20 दिसंबर तक पांच चरणों में चुनाव कराए जाएंगे. इसके बाद 23 दिसंबर को मतगणना होगी और चुनाव के नतीजे जारी किए जाएंगे. झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है. इस बीच झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने चुनावी तैयारियों को लेकर आजतक से खास बातचीत की.

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस बार चुनाव के चुनाव में हम 16 घंटे काम करेंगे और जनता से आशीर्वाद मांगेंगे. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हम कन्फ्यूज नहीं हैं. मीडिया में बिना वजह ऐसी खबरें चलाई जाती हैं. जब जेवीएम अध्यक्ष मरांडी से सवाल किया गया कि वो इस बार के चुनाव में बीजेपी के साथ जाएंगे या फिर कांग्रेस के साथ, तो उन्होंने सवाल टालने की कोशिश करते हुए कहा, 'हम जनता के बीच हैं और जनता के बीच जाएंगे भी. लोकतंत्र में जनता मालिक होती है. जनता से जनादेश लेना है.' उनका संकेत साफ था कि उनकी पार्टी इस बार अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी.

बाबूलाल मरांडी ने बीजेपी पर क्यों बोला हमला?

इस दौरान बाबूलाल मरांडी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने दलबदल कानून की धज्जियां उड़ाई, जिसका जवाब जनता चुनाव में देगी. आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव में बाबूलाल मरांडी को हार का सामना करना पड़ा था और चुनाव बाद उनकी पार्टी जेवीएम के 6 विधायकों ने बीजेपी का दामन थाम लिया था.

जेवीएम विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के होने के सवाल पर उन्होंने कहा, 'अगर किसी के घर में डकैती हो जाए, तो डकैतों को पकड़ने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है. इसके अलावा अदालत फैसला करती है. अगर अब कानून के रखवाले ही यह कहने लग जाएंगे कि डकैत को आपको ही पकड़कर रखना चाहिए था और उनसे लड़ना चाहिए था, तो फिर कायम हो गई कानून व्यवस्था.'

पिछली बार चुनाव में हार गए थे कई दिग्गज नेता

पिछले झारखंड विधानसभा में सभी पार्टियों के कई बड़े नेता चुनाव हार गए थे. मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अर्जुन मुंडा, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी, पूर्व सीएम मधु कोड़ा, आजसू अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो को चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था.

पिछली बार बीजेपी को कितनी सीटों पर मिली थी जीत?

झारखंड में विधानसभा की 81 सीटें हैं. झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2020 को खत्म हो रहा है. पिछली बार बीजेपी ने 72 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 37 सीटें पर जीत हासिल की थी, जबकि बीजेपी की सहयोगी आजसू ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ा था और पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी. वर्तमान में झारखंड में बीजेपी की सरकार है और रघुवर दास सूबे के मुख्यमंत्री हैं. बीजेपी एक बार फिर से अमित शाह के चुनाव प्रबंधन और पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay