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झारखंड की वो 13 सीटें जहां कांग्रेस-जेएमएम-RJD साथ आए तो पलट सकता है गेम

झारखंड विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम)-कांग्रेस और आरजेडी आपस में हाथ मिलाकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है. ऐसे में अगर विपक्षी खेमा मिलकर चुनावी मैदान में उतरता है तो बीजेपी का उन सीटों पर सियासी समीकरण बिगड़ सकता है, जिन्हें पिछले चुनाव में पार्टी ने मामूली से वोटों से जीता था.

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aajtak.in
कुबूल अहमद नई दिल्ली, 04 November 2019
झारखंड की वो 13 सीटें जहां कांग्रेस-जेएमएम-RJD साथ आए तो पलट सकता है गेम जेएमएम के हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी

  • झारखंड में बीजेपी-एजेएसयू मिलकर उतरेंगे मैदान में
  • विपक्ष एकजुट हुआ तो बीजेपी का बिगड़ेगा समीकरण

झारखंड विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है. बीजेपी ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (एजेएसयू) के साथ मिलकर 65 प्लस सीटें जीतने का टारगेट रखा है. जबकि, झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम)-कांग्रेस और आरजेडी आपस में हाथ मिलाकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है. ऐसे में अगर विपक्षी खेमा मिलकर चुनावी मैदान में उतरता है तो बीजेपी का उन सीटों पर सियासी समीकरण बिगड़ सकता है, जिन्हें पिछले चुनाव में पार्टी ने मामूली से वोटों से जीता था.

बता दें कि झारखंड की कुल 81 विधानसभा सीटों में से 2014 में बीजेपी ने 37 सीटें और उसके सहयोगी एजेएसयू को 5 सीटें मिली थी. जबकि, जेएमएम 19 सीटें, कांग्रेस 7 सीटें, जेवीएम  8 सीटें और 6 सीटें अन्य ने जीती थी. हालांकि चुनाव जेएमएम और कांग्रेस ने अलग-अलग चुनाव लड़ी थी. बीजेपी ने 37 सीटें में से 13  सीटें ऐसी जीती थी, जहां विपक्ष दलों के अलग-अलग चुनाव लड़ने के चलते उसे फायदा मिला था.

बोरिया

बोरिया विधानसभा सीट से बीजेपी के ताला मरांडी को 57,565 और जेएमएम के लोबिन हेंब्रम को 56,853 मत मिले थे. इस तरह से ताला मरांडी ने महज 712 मतों से जीत दर्ज किया था. जबकि इस सीट पर कांग्रेस के मंजू स्नेहलता हेंब्रम को 2,673 मत मिले थे. अगर इस बार के चुनाव में वोटिंग पैटर्न वैसा ही रहा तो बीजेपी के लिए यह सीट जीतना आसान नहीं होगा.

मधुपुर

मधुपुर विधानसभा सीट से राज पलिवार ने 74,425 मत मिले थे. जबकि जेएमएम के हाजी हुसैन अंसारी को 67,441 वोट मिले थे. इस तरह से बीजेपी ने यह सीट 6,984 मतों से जीत दर्ज किया था. जबकि, इस सीट पर कांग्रेस के फैयाज कैसर को 8937 मत मिले थे. इस तरह से अगर कांग्रेस और जेएमएम प्रत्याशी के वोटों को मिलाते हैं तो बीजेपी के लिए यह सीट जीतना आसान नहीं होगा.

राजमहल

राजमहल से बीजेपी के अनंत ओझा को 77,481 वोट मिले और जेएमएम के मोहम्मद ताजउद्दीन को 76,779 वोट मिले थे. इस तरह से बीजेपी ने महज 702 मतों से जीत हासिल की थी. जबकि, आरजेडी के अरुण मंडल को 5,175 मत मिले थे. इस बार अगर तीनों एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरते हैं तो बीजेपी के लिए यहां कमल खिलाना आसान नहीं होगा.  

दुमका

दुमका विधानसभा सीट पर बीजेपी की लुइस मरांडी को 69,760 मत मिले थे तो जेएमएम के हेमंत सोरेन को 64,846 वोट मिल रहे हैं. इस तरह बीजेपी ने यह सीट 4914 मतों से जीत दर्ज की थी. जबकि, कांग्रेस के एस मुर्मू को 3594 मत मिले थे. ऐसे में विपक्ष एकजुट रहा तो बीजेपी के लिए यह सीट दोबारा जीतना आसान नहीं होगा.

गांडेय

गांडेय विधानसभा सीट से बीजेपी के जय प्रकाश वर्मा को 48,838 वोट मिले थे तो जेएमएम के सालखन वर्मा 38,559 मत मिले थे. इस सीट को बीजेपी ने 10,279 मतों से जीत दर्ज किया था. जबकि इस सीट से कांग्रेस के सरफराज अहमद को 35,727 मत मिले थे. अगर इस बार भी वोटिंग पैटर्न यही रहा तो बीजेपी के लिए यह सीट जीतने में पसीन छूट जाएंगे.

सिसई

सिसई विधानसभा सीट से बीजेपी के दिनेश उरांव को 44,472 मत मिले तो जेएमएण के जेएस होरो को 41,879 वोट मिले थे. इस तरह बीजेपी ने यह सीट 2,593 मतों से जीती थी.जबकि, कांग्रेस की गीताश्री उरांव ने 26,172 वोट हासिल किया था. इस तरह से जेएमएम और कांग्रेस के वोटों को एकजुट करते हैं तो बीजेपी के लिए यह सीट पर जीत दर्ज करना मुश्किल हो जाता.

घाटशिला

घाटशिला विधानसभा सीट से बीजेपी के लक्ष्मण टुडू 52,506 मत पाकर जीत दर्ज की थी. जेएमएम के रामदास सोरेन को 46,103 वोट मिले थे. इस तरह से बीजेपी ने इस सीट को 6,403 मतो से कब्जा जमाया था. जबकि, कांग्रेस के सिंडरेला बलमुचू ने 36,672 मत हासिल किया था. इस तरह से जेएमएम-कांग्रेस इस बार एकजुट होंगे तो बीजेपी का समीकरण बिगड़ सकता है.

पोटका

पोटका विधानसभा सीट पर बीजेपी की मेनका सरदार ने 68,191 मत पाकर जीत दर्ज किया था. वहीं, जेएमएम के संजीव सरदार को 61,485 वोट मिले थे, इस तरह उन्हें 6,706 मतों से पराजित होना पड़ा था. जबकि, कांग्रेस के दुखनी माई सरदार को 14,227 वोट मिले थे. ऐसे में अगर कांग्रेस-जेएमएम को मिले और वोटिंग पैटर्न पिछले चुनाव जैसा रहा तो बीजेपी के लिए दोबारा से जीत दर्ज करना मुश्किल होगा.

गुमला

गुमला विधानसभा सीट पर बीजेपी के शिवशंकर उरांव ने 50,473 मत पाकर जीत दर्ज की थी. वहीं, जेएमएम के भूषण तिर्की ने 46,441 वोट हासिल किया था. इस तरह से बीजेपी ने यह सीट महज 4,032 मतों से जीता था. जबकि, कांग्रेस के विनोद किस्पोट्टा को 12,847 वोट मिले थे. इस बार के चुनाव में विपक्ष एकजुट होकर मैदान में उतरते हैं तो बीजेपी के लिए इस सीट पर कमल खिलाना मुश्किल होगा.

जुगसलाई

जुगसलाई विधानसभा सीट पर बीजेपी के सहयोगी एजेएसयू के रामचंद्र सहिस 82,302 वोट मिले थे. वहीं,  जेएमएम के मंगल कालिंदी को 57,257 मत मिले थे. इस तरह से जेएमएम ने 25,045 मतों से हार गई थी. हालांकि इस सीट पर कांग्रेस से चुनाव लड़े दुलाल भुइयां को 42,101 मत मिले थे. फिलहाल दुलाल भुइयां झामुमो में शामिल हो गए हैं. अगर जेएमएम से चुनावी मैदान में उतरे को एजेएसयू के जीत के समीकरण बिगड़ सकते हैं.

मनिका

मनिका विधानसभा सीट पर बीजेपी के हरिकृष्ण सिंह 31,583 मत मिले थे तो आरजेडी के रामचंद्र सिंह  को 30,500 सीट मिले थे. बीजेपी इस सीट को 1,083 मतों से जीती थी. जबकि, कांग्रेस के मुनेश्वर उरांव को 27,731 वोट मिले थे. ऐसे में अगर कांग्रेस-जेएमएम के साथ आरजेडी महागठबंधन में शामिल होती है तो बीजेपी के लिए यह सीट जीतना मुश्किल होगा.

गढ़वा

गढ़वा विधानसभा सीट से बीजेपी के सत्येंद्र नाथ तिवारी 75,196 मत मिले तो आरजेडी के गिरिनाथ सिंह  को  53,441 वोट मिले थे. इस तरह बीजेपी ने इस सीट को 21,755 मतों से जीता था. जबकि, जेएमएम के मिथिलेश ठाकुर ने 47,579 वोट हासिल किया था. ऐसे में इस बार विपक्ष एकजुट रहा तो बीजेपी के लिए यह सीट जीतना आसान नहीं होगा.

बगोदर

बगोदर विधानसभा सीट पर बीजेपी के नागेंद्र महतो ने  74,898 वोट हासिल किया था तो सीपीआई माले  के विनोद सिंह को 70,559 मत मिले थे. इस तरह से बीजेपी ने यह सीट 4339 मतों से पराजित किया था. जबकि जेएमएम को 7,222 मत मिले थे. ऐसे में इस बार के चुनावी रण में महागठबंधन में माले शामिल होता है तो बीजेपी के लिए इस सीट पर समीकरण बिगड़ सकता है.

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