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झारखंड का चुनावी महासंग्राम: रघुवर रचेंगे इतिहास या परंपरा रहेगी बरकरार?

झारखंड में 19 साल के राजनीतिक इतिहास में सत्ताधारी पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर सकी हैं. ऐसे में विपक्ष एकजुट होकर रघुवर दास को घेरने के लिए चक्रव्यूह रचने में जुटा है. झारखंड में अब तक रघुवर दास पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है.

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aajtak.in
कुबूल अहमद नई दिल्ली, 01 November 2019
झारखंड का चुनावी महासंग्राम: रघुवर रचेंगे इतिहास या परंपरा रहेगी बरकरार? झारखंड, सीएम रघुवर दास

  • कार्यकाल पूरा करने वाले पहले सीएम रघुवर दास
  • झारखंड में बीजेपी के पांच मुख्यमंत्री बने हैं
  • अकेले बहुमत हासिल नहीं कर सकी है कोई भी पार्टी

झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. राज्य में 5 चरणों में चुनाव होंगे. 23 दिसंबर को नतीजे आएंगे. मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में बीजेपी लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी को बेताब है. जबकि, झारखंड में 19 साल के राजनीतिक इतिहास में सत्ताधारी पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर सकी हैं. ऐसे में विपक्ष एकजुट होकर रघुवर दास को घेरने के लिए चक्रव्यूह रचने में जुटा है.

झारखंड की राजनीति इतनी कॉम्प्लेक्स है कि इस राज्य के गठन को 19 साल हुए हैं और यहां 10 सीएम बन चुके हैं. झारखंड में अब तक रघुवर दास पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है. इससे पहले राज्य में बाबू लाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, शिबू सोरेन, मधू कोड़ा, हेमंत सोरेन सीएम बन चुके हैं. लेकिन इनमें से कोई भी मुख्यमंत्री अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया था. इस तरह पांच साल का कार्यकाल पूरा कर रघुवर दास ने इतिहास रचा है.

झारखंड का गठन 2000 में हुआ है. अब तक चार बार विधानसभा चुनाव हुए हैं. इन चारों चुनाव में कोई भी पार्टी अकेले दम पर बहुमत पाने में कामयाब नहीं हो पाई है. 2014 के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी ने 81 में 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद बीजेपी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (एजेएसयू के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने में कामयाब रही. सत्ता की कमान रघुवर दास को मिली थी.

बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में मिशन-65 प्लस का टारगेट फिक्स किया है. बीजेपी-एजेएसयू ने मिलकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जन आशीर्वाद यात्रा के जरिए बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं. इतना ही नहीं बीजेपी के लिए कमजोर मानी जाने वाली सीटों पर विपक्षी दलों के बागी नेताओं को भी अपने साथ मिलाने में जुटे हैं.

झारखंड में बीजेपी की सियासत

झारखंड के गठन के साथ ही 2000 में पहली बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब रही थी और बाबूलाल मरांडी राज्य के पहले सीएम बने थे. इसके बाद बीजेपी ने अर्जुन मुंडा 3 बार और 2014 में रघुवर दास सीएम बने, जिनके नेतृत्व में बीजेपी एक बार फिर मैदान में उतरी है.

वहीं, जेएमएम के शिबू सोरेन तीन बार और हेमंत सोरेन एक बार राज्य के सीएम बने हैं. एक बार निर्दलीय विधायक मधु कोड़ा भी झारखंड के मुख्यमंत्री रहे हैं. जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन सत्ता में एक बार फिर वापसी के लिए 'बदलाव यात्रा' पर निकले हैं और बीजेपी के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हैं.

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