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दिल्ली में 7 सीटों पर AAP के सामने 'अपने', बागियों को विपक्षी दलों ने दिया टिकट

Delhi Election 2020: दिल्ली की जंग फतह करने के लिए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने 16 विधायकों के टिकट काट दिए हैं. ऐसे में AAP से टिकट कटने के बाद सात विधायक बागी रुख अख्तियार कर चुनावी मैदान में उतर गए हैं. इसके चलते AAP के प्रत्याशियों की टेंशन बढ़ा दी है.

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aajtak.in
कुबूल अहमद नई दिल्ली, 22 January 2020
दिल्ली में 7 सीटों पर AAP के सामने 'अपने', बागियों को विपक्षी दलों ने दिया टिकट Delhi Election 2020: AAP नेता संजय सिंह के दाहिने तरफ सुखबीर और बाई ओर सुरेंद्र सिंह

  • दिल्ली में AAP ने अपने 16 विधायकों के काटे टिकट
  • दिल्ली की 7 सीटों पर बागी बने AAP के लिए टेंशन

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने अपने मौजूदा 45 विधायकों को मैदान में उतारा है तो 16  विधायकों के टिकट काट दिए हैं. साथ ही केजरीवाल ने अपने चार चार बागी विधायकों को दोबारा मौका नहीं दिया है. AAP ने जिन विधायकों को टिकट नहीं दिए उनमें से कई विधायकों ने दूसरे दलों से ताल ठोक दी है. ऐसे में दिल्ली की कई सीटों पर AAP उम्मीदवारों को अपने ही बागियों से दो-दो हाथ करना पड़ रहा है.

बीजेपी से AAP के बागी उतरे

आम आदमी पार्टी के दो बागी विधायकों को बीजेपी ने मैदान में उतारा है तो दो कांग्रेस से चुनावी ताल ठोक रहे हैं. AAP के चार बागी विधायकों ने बीजेपी का दामन थामा था, जिनमें से कपिल मिश्रा को बीजेपी ने मॉडल टाउन सीट से मैदान में उतारा है. हालांकि कपिल मिश्रा 2015 में करावल नगर से विधायक चुने गए थे.

इसके अलावा AAP के बागी विधायक अनिल वाजपेयी को बीजेपी ने गांधी नगर सीट से प्रत्याशी बनाया है. वहीं, देवेंद्र सेहरावत और वेद प्रकाश को बीजेपी ने टिकट नहीं दिया जबकि इन दोनों ने AAP छोड़कर कमल को थामा था. हालांकि वेद प्रकाश विधायक पद से इस्तीफा देकर बवाना सीट पर उपचुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीत नहीं सके थे. इस बार पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया है.

कांग्रेस से दो AAP विधायक लड़ रहे चुनाव

बीजेपी की तरह कांग्रेस ने भी आप के दो बागियों को टिकट दिया है. कांग्रेस पार्टी ने AAP की बागी अलका लांबा को चांदनी चौक से विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाया है और आदर्श शास्त्री को द्वारका सीट से मैदान में उतारा है. लांबा ने काफी समय से बागी रुख अख्तियार किया था जबकि आदर्श शास्त्री का टिकट केजरीवाल ने काटकर महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा को दिया है. इसके चलते आदर्श शास्त्री कांग्रेस ज्वाइन कर मैदान में उतरे हैं.

सुरेंद्र सिंह NCP से तो एनडी शर्मा बसपा से

दिल्ली कैंट से AAP विधायक सुरेंद्र सिंह का टिकट केजरीवाल ने काट दिया था. इसके चलते सुरेंद्र सिंह ने नामांकन के आखिरी दिन मंगलवार को AAP से इस्तीफा देकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का टिकट लेकर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है. हालांकि AAP के संजय सिंह जब डैमेज कन्ट्रोल में जुटे थे, उस समय सुरेंद्र सिंह को प्रेस कॉन्फ्रेंस में साथ बैठकर संदेश दिया था कि वह नाराज नहीं है.

दिल्ली की बदरपुर सीट से विधायक रहे एनडी शर्मा का AAP ने टिकट काट दिया है, जिसके बाद उन्होंने  बसपा का दामन थाम लिया. बसपा ने एनडी शर्मा को बदरपुर सीट से मैदान में उतारा है. एनडी शर्मा ने टिकट कटने पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया पर 10 करोड़ रुपये लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया था.

दो विधायकों ने निर्दलीय भरा पर्चा

AAP ने हरि नगर सीट से विधायक जगदीप सिंह का टिकट काटकर राजकुमारी ढिल्लन को मैदान में उतारा है. इसके चलते जगदीप सिंह निर्दलीय नामांकन करके चुनावी मैदान में उतर गए हैं. इस सीट पर कांग्रेस ने सुरेंद्र सेतिया और बीजेपी ने तजिंदर सिंह बग्गा को अपना प्रत्याशी बनाया है. ऐसे ही सीलमुर सीट से विधायक हाजी मोहम्मद इशराक का टिकट काट दिया है. इसके चलते हाजी इशराक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे हैं.

बता दें कि 2015 में आम आदमी पार्टी ने 67 सीटें जीतकर सत्ता के सिंहासन पर अरविंद केजरीवाल विराजमान हुए थे. 2017 में राजौरी गार्डन सीट से AAP के विधायक जनरैल सिंह ने इस्तीफा दे दिया था. इस सीट पर उपचुनाव हुए तो बीजेपी इसे जीतने में कामयाब रही थी. इसके अलावा 5 विधायकों ने बागी रुख अख्तियार कर लिया था, जिनमें से वेद प्रकाश ने AAP छोड़कर बीजेपी ज्वाइन कर ली थी. इसके चलते उनकी सदस्यता खत्म हो गई थी और बवाना सीट पर उपचुनाव हुए थे. 

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