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फिरोज शाह: तुगलक वंश का वो शासक जिसने देशभर में बसाए थे 300 नए शहर

दिल्ली के फिरोज शाह कोटला स्टेडियम का नाम बदलकर अब अरुण जेटली स्टेडियम कर दिया गया है. जानें, तुगलक वंश के तीसरे शासक फिरोज शाह तुगलक के बारे में, जिसे इतिहासकारों ने धर्मांध और असहिष्णु शासक कहा है.

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aajtak.in
मानसी मिश्रा नई दिल्ली, 27 August 2019
फिरोज शाह: तुगलक वंश का वो शासक जिसने देशभर में बसाए थे 300 नए शहर फिरोज शाह तुगलक

दिल्ली सल्तनत में तुगलक वंश के तीसरे शासक फिरोज शाह तुगलक ने 37 साल तक राज चलाया. उसने देशभर में 300 नए नगरों की स्थापना भी कराई थी. उसे कट्टर मुस्लिम शासक कहा गया, जिसने इस्लाम स्वीकार न करने वालों पर जजिया कर लगवाया था. इतिहासकारों ने फिरोजशाह को धर्मांध और असहिष्णु शासक कहा है.

दिल्ली ने कई राजवंशों के साम्राज्य पनपते और सुल्तानों को बनते और मिटते देखा है. इसी दिल्ली में सुल्तानों के अलावा राजा-महाराजा और नवाब राज कर चुके हैं. तुगलक राजवंश भी इन्हीं में से एक रहा है. इस वंश का तीसरा शासक था फिरोज शाह तुगलक. फिरोजशाह का जन्म 1309 में हुआ था और मृत्यु सितम्बर 1388 ईसवी में हुई थी. उसे दिल्ली के हौजखास परिसर में दफनाया गया था.

फिरोजशाह ने हिंदुस्तान के कई हिस्सों में राज किया. उसके शासनकाल में दिल्ली में चांदी के सिक्के भी चलाए गए. फिरोजशाह तुगलक ने साल 1360 में उड़ीसा पर हमला कर दिया. वहां के शासक भानुदेव तृतीय थे, जिन्हें हराकर उसने जगन्नाथपुरी मंदिर को ध्वस्त कि‍या था.

दिल्ली में बसाया था शहर

नगर एवं सार्वजनिक निर्माण कार्यों के अन्तर्गत फिरोजशाह ने पूरे देश में करीब 300 नए शहरों की स्थापना की थी. इनमें से हरियाणा का हिसार व फतेहाबाद, उत्तरप्रदेश का फिरोजाबाद शहर और जौनपुर व पंजाब का फिरोजपुर बसाया था. फिरोजशाह तुगलक ने दिल्ली में फिरोजाबाद नाम से एक नया शहर बसाया था. फिलहाल दिल्ली में जो फिरोजशाह कोटला आबाद है, वह कभी उसके दुर्ग का काम करता था. इस किले को कुश्के-फिरोज यानी फिरोज के महल के नाम से पुकारा जाता था. इतिहासकार फिरोजाबाद को दिल्ली का पांचवां शहर मानते हैं.

ये थी पसंद

इतिहासकारों के अनुसार फिरोजशाह तुगलक को बुलंद इमारतों की तामीर करवाने का काफी शौक था. दिल्ली के हौज खास में फिरोजशाह तुगलक का मकबरा और दिल्ली में कई मस्जिदें भी बनाई गईं. फिरोज शाह तुगलक के बारे में कहा जाता है कि उसने गुज्जर समुदाय की युवती से विवाह किया था. उसने अपने पुत्र फतेह खान के जन्मदिन पर फतेहाबाद शहर की स्थापना की गई थी. यूपी के जौनपुर शहर की स्थापना उसने अपने बड़े भाई जौना खान की याद में की थी.

उसे यमुना नदी के किनारे बसाया गया फिरोजाबाद सबसे ज्यादा पसंद था. इस शहर की नींव फिरोज ने अपने चचेरे भाई फखरुद्दीन जौना यानी मुहम्मद बिन तुगलक की याद में डाली थी. वो अपने शासन काल में मेरठ से दो अशोक स्तम्भलेखों को लाया था और उन्हें दिल्ली में स्थापित किया था.

किए ये नेक काम

अपने कल्याणकारी कार्यों के अन्तर्गत फ़िरोज़ ने एक रोज़गार का दफ्तर एवं मुस्लिम अनाथ स्त्रियों, विधवाओं एवं लड़कियों की मदद के लिए दीवान ए खैरात विभाग बनाया था. उसने दारुल शफा नाम का अस्पताल बनवाया था जहां गरीबों का इलाज होता था.

धर्मांध शासक था तुगलक

फिरोज शाह तुगलक कट्टर सुन्नी मुसलमान था. कहा जाता है कि उसने हिन्दू ब्राह्मणों पर जजि‍या कर लगाया था. इतिहासकार डॉ. आरसी मजूमदार ने कहा है कि फिरोज इस युग का सबसे धर्मान्ध शासक था. सम्भवतः दिल्ली सल्तनत का वह प्रथम सुल्तान था, जिसने इस्लामी नियमों का कड़ाई से पालन करके उलेमा वर्ग को प्रशासनिक कार्यों में महत्त्व दिया.

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