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आधुनिक भारत के निर्माता थे नेहरू, आजादी की जंग में 9 बार गए जेल

9 बार जेल गए थे नेहरू... अपनी वसीयत में लिखी थी ये खास बात...

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aajtak.in
प्रियंका शर्मा नई दिल्ली, 14 November 2018
आधुनिक भारत के निर्माता थे नेहरू, आजादी की जंग में 9 बार गए जेल पंडित जवाहर लाल नेहरू

आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने के साथ भारत के नव निर्माण, लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बच्चों के चाचा नेहरू और देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का आज जन्मदिन है. वह अद्भुत वक्ता, उत्कृष्ट लेखक, इतिहासकार, और आधुनिक भारत के निर्माता थे.

पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था और बच्चों से काफी स्नेह होने के कारण इस दिन को प्रत्येक वर्ष ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. 1964 में नेहरू के निधन के बाद यह फैसला लिया गया कि 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाया जाएगा. 

नेहरू की भूमिका

जवाहर लाल नेहरू को आधुनिक भारत का निर्माता कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं है. दूसरे विश्वयुद्ध के बाद खस्ताहाल और विभाजित भारत का नवनिर्माण करना होई आसान काम नहीं था, लेकिन पंचवर्षीय योजना उनकी दूरदृष्टि का ही परिणाम था, जिसके नतीजे सालों बाद मिल रहे हैं. स्वस्थ लोकतंत्र की नींव रखने और इसे मजबूत बनाने में पंडित नेहरू का महत्वपूर्ण योगदान था.

बता दें, भारत की आजादी की लड़ाई की एक बड़ी घटना 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद पंडित नेहरू ने भारतीय राजनीति को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उस समय मौलाना मोहम्मद अली जौहर के कहने पर वह जलियांवाला कांड के कारणों की जांच के लिए बनाई गई समिति के सदस्य बने थे.

साल 1929 में लाहौर में रावी के तट पर कांग्रेस के अधिवेशन के दौरान पंडित मोती लाल नेहरू की जगह महात्मा गांधी ने जवाहर लाल नेहरू को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का फैसला किया था.

जानिए- नेहरू ने जेल में रहते हुए बेटी इंदिरा को कितने खत लिखे?

पढ़ाई

नेहरू ने अपनी स्कूली शिक्षा हैरो से और कॉलेज की पढ़ाई ट्रिनिटी कॉलेज, लंदन से पूरी की. इसके बाद उन्होंने अपनी लॉ की डिग्री कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से पूरी की.

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लिखी किताबें..

पंडित नेहरू एक अच्छे नेता और वक्ता ही नहीं थे, वो एक अच्छे लेखक भी थे. उन्होंने अंग्रेजी में 'द डिस्कवरी ऑफ इंडिया', 'ग्लिमप्स ऑफ वर्ल्ड हिस्टरी' और बायोग्राफी 'टुवर्ड फ्रीडम' कई किताबें लिखी हैं.

9 बार गए जेल, बेटी इंदिरा को लिखे कई खत

पंडित जवाहरलाल नेहरू आजादी की जंग में 9 बार जेल में गए थे. जेल में रहते हुए 146 पत्र बेटी इंदिरा को लिखे. जो उनकी किताब 'ग्लिमप्स ऑफ वर्ल्ड हिस्टरी' का हिस्सा हैं.

वसीयत में लिखी ये खास बात

पंडित नेहरू ने अपनी वसीयत में लिखा था- मैं चाहता हूं कि मेरी मुट्ठीभर राख प्रयाग के संगम में बहा दी जाए जो हिन्दुस्तान के दामन को चूमते हुए समंदर में जा मिले, लेकिन मेरी राख का ज्यादा हिस्सा हवाई जहाज से ऊपर ले जाकर खेतों में बिखरा दिया जाए, वो खेत जहां हजारों मेहनतकश इंसान काम में लगे हैं, ताकि मेरे वजूद का हर जर्रा वतन की खाक में मिलकर एक हो जाए...

बता दें, प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने नवीन भारत के सपने को साकार करने की कोशिश की. उन्होंने 1950 में कई नियम बनाए, आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक विकास शुरू किया. 27 मई 1964 की सुबह नेहरू की तबीयत खराब हो गई और और दो बजे उनका निधन हो गया.

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