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जानें, क्यों बंद हो रहे बीएड कराने वाले ये 1000 कॉलेज, बनी सूची

आजकल टीचिंग प्रोफेशन ज्यादातर युवाओं का शगल होता है. लेकिन, शिक्षण क्षेत्र में जाने की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को सबसे पहले ये जरूर चेक कर लेना चाहिए कि वो इसके लिए कौन-सा कोर्स कर रहे हैं और वो किस संस्थान से होता है. फिर जरूरी है कि वो उस संस्थान की मान्यता पता करें.

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aajtak.in
मानसी मिश्रा नई दिल्ली, 06 September 2019
जानें, क्यों बंद हो रहे बीएड कराने वाले ये 1000 कॉलेज, बनी सूची प्रतीकात्मक फोटो

आजकल टीचिंग प्रोफेशन ज्यादातर युवाओं का शगल होता है. लेकिन, शिक्षण क्षेत्र में जाने की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को सबसे पहले ये जरूर चेक कर लेना चाहिए कि वो इसके लिए कौन-सा कोर्स कर रहे हैं और वो किस संस्थान से होता है. फिर जरूरी है कि वो उस संस्थान की मान्यता पता करें. सरकार लगातार फर्जी संस्थानों को लेकर कार्रवाई करती है. बीते माह यूजीसी ने कई फेक यूनिवर्सिटी की लिस्ट जारी की थी.

इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) ने ऐसे बीएड कॉलेजों की सूची तैयार की है जो अच्छा रिजल्ट नहीं दे पा रहे. एनसीटीई परफॉर्म नहीं कर पाने वाले संस्थानों को जल्द ही बंद कर देगी. ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) की तरह ही एनसीटीई ने यह फैसला ले लिया है.

संस्थानों का होगा मूल्यांकन

इस संबंध में एनसीटीई ने परफॉर्मेंस अप्रेजर रिपोर्ट सिस्टम लॉन्च करने की योजना बनाने की बात कही है. इसके जरिये संस्थानों को शिक्षण व प्लेसमेंट की गुणवत्ता आदि मानकों पर परखा जा सकेगा. इस तरह जो भी संस्थान जरूरी मानदंडों को पूरा नहीं कर पाएंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा. एनसीटीई इस रिपोर्ट को साल में एक बार जारी भी कर सकता है.

एनसीटीई ने देश भर में एक हजार ऐसे टीचर ट्रेनिंग संस्थान की लिस्ट निकाली है जिनका मूल्यांकन काम जारी है. ये वो संस्थान है जो लगातार अपना प्रदर्शन करने में फिसड्डी रहे हैं. ये ही नहीं ये संस्थान शिक्षक प्रशिक्षण के लिए बनाए गए मानकों व नियमों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं. कई संस्थान न्यूनतम अर्हताओं को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं. बड़ी संख्या में सीटें खाली हैं और प्लेसमेंट की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है. एनसीटीई ऐसे ही संस्थानों की बंद करने की सोच रहा है.

खाली रहती हैं सीटें

बता दें कि NCTE हर साल देश भर में पांच लाख से ज्यादा बीएड के नामांकन कराता है, फिर भी इतनी बड़ी संख्या में बीएड संस्थान होने के कारण इनमें सीटें खाली रह जाती हैं. एनसीटीई में 19 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को हर साल शिक्षक प्रशिक्षण देने की क्षमता और तीन लाख पद भी भरे जाते हैं.

देश में बीएड को लेकर लोगों के क्रेज को देखते हुए हमें चाहिए कि बीएड में एडमिशन से पहले ये जरूर पता करें कि इस संस्थान का रिजल्ट किस तरह का है. यहां पढ़ा रहे शिक्षक प्रशिक्षित हैं कि नहीं. वरना इस तरह आप महंगी फीस देकर भी अच्छे प्रशिक्षण और जॉब से वंचित रहेंगे.

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