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जामिया में 2020 से लड़कियाें के लिए लगेगी ताइक्वांडो क्लास: कुलपति

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रो नजमा अख़्तर ने बताया कि पहले से ही कोरियाई भाषाओं के पाठ्यक्रम चला रहा उनका विश्वविद्यालय अगले साल से लड़कियों के लिए ताइक्वांडो कक्षाएं शुरू करेगा.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 06 December 2019
जामिया में 2020 से लड़कियाें के लिए लगेगी ताइक्वांडो क्लास: कुलपति जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रो नजमा अख़्तर

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रो नजमा अख़्तर ने कहा कि जामिया कोरियाई भाषा में प्रमाण पत्र और स्नातक पाठ्यक्रमों की शुरुआत कर चुका है.  अब वह अपने स्कूलों में कोरियाई भाषा कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा, 2020 तक लड़कियों के लिए ताइक्वांडो कक्षाएं भी शुरू की जाएंगी.

जामिया के सेंटर फॉर कल्चर, मीडिया एंड गवर्नेंस और कोरियन कल्चरल सेंटर ( इंडिया) द्वारा ‘कोरियन कल्चरल वेव इन इंडिया’ पर गुरुवार को संयुक्त रूप से आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में प्रो अख़्तर ने ये जानकारी दी. उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों और स्कूलों में अपनी भाषा और संस्कृति के अध्ययन के लिए कोरिया द्वारा की गई पहल दर्शाती है कि यह देश वक़्त से आगे की सोच रहा है.

सेमिनार का उद्देश्य भारत में कोरियाई अकादमिक जुड़ाव के साथ ही दक्षिण कोरियाई संस्कृति को प्रोत्साहित करना है. दक्षिण कोरिया की संस्कृति लगातार लोकप्रिय होती जा रही है जिसे के-वेव नाम दिया गया है. इस कार्यक्रम का उद्घाटन चुंगनाम राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुंग क्यूम चो द्वारा मुख्य प्रस्तुति के साथ हुआ. इसमें आर्थिक, राजनीतिक, और तकनीकी कारकों के बारे में बताया गया, जिससे कोरियाई संस्कृति की लोकप्रियता में लगातार वृद्धि हो रही है.

कोरिया गणराज्य के दूतावास के मंत्री, चोई जोंग हो ने कहा कि हाल तक भारत कोरियाई लहर से अछूता रहा, लेकिन धीरे-धीरे युवा भारतीयों को टीवी चैनलों के माध्यम से कोरियाई लोकप्रिय संस्कृति से परिचित कराया जा रहा है. कोरियाई संस्कृति केंद्र इंडिया के निदेशक श्री किम कुम-प्योंग ने कहा कि केसीसीआई पिछले सात वर्षों से कोरिया और भारत के बीच सांस्कृतिक साझेदारी और भारत में के-लहर फैलाने के लिए काम कर रहा है.

जामिया के सेंटर ऑफ कल्चर, मीडिया एंड गवर्नेंस के निदेशक प्रो बिस्वजीत दास ने कहा कि हमें सांस्कृतिक अनुभवों, समानताओं और भिन्नताओं के बारे में कोरिया से सीखना चाहिए. संगोष्ठी को 3 सत्रों में विभाजित किया गया और भारत में कोरियाई संस्कृति से संबंधित खोजे गए पहलुओं पर 12 पेपर प्रस्तुत किए गए. इनमें संस्कृति, कोरियाई भाषा, साहित्य, कोरियाई लहरः लोकप्रिय संस्कृति, उद्योग और उनके प्रभाव से जुड़े पेपर शामिल हैं.

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