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भारत के बेस्ट कॉलेज इंडिया टुडे-नीलसन सर्वे: BCA में हर कसौटी पर खरी क्राइस्ट यूनिवर्सिटी

व्यक्तिगत आकांक्षाओं और मार्केट की अपेक्षाओं में संतुलन बिठाता क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग का बीसीए प्रोग्राम सोने पर सुहागे वाला काम कर रहा है.

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अरविंद गौड़ानई दिल्‍ली, 23 June 2015
भारत के बेस्ट कॉलेज इंडिया टुडे-नीलसन सर्वे: BCA में हर कसौटी पर खरी क्राइस्ट यूनिवर्सिटी Symbolic Image

भारत के बेस्ट बीसीए कॉलेजजब 2000 में बैचलर ऑफ कंप्यूटर साइंस ऐंड ऐप्लिकेशंस (बीसीए) कोर्स शुरू किया गया था तो क्राइस्ट कॉलेज (तब इसे इसी नाम से जाना जाता था) कुछ उन इंस्टीट्यूट में था, जिन्होंने राज्य में सबसे पहले यह कोर्स शुरू किया था. आज 15 साल बाद यहां के छात्रों ने नए प्रयोग और रिसर्च के क्षेत्र में अपना नाम कमाया है. क्राइस्ट यूनिवर्सिटी का कंप्यूटर साइंस विभाग बीसीए की रैंकिंग में लगातार तीन साल से शीर्ष पर कायम है.

यूनिवर्सिटी संख्या को नहीं बल्कि गुणवत्ता को महत्व देने पर यकीन करती है. यही वजह है कि यह इस कोर्स के लिए हर साल सिर्फ 76 छात्रों को ही प्रवेश देती है. देश भर के छात्र इन सीमित सीटों के लिए कड़ा मुकाबला करते हैं. इस कोर्स में दाखिला मिलना ही अपने आप में सफलता का टिकट माना जाता है, क्योंकि यहां छात्रों में पेशेवर मानसिकता पैदा करने के साथ ही उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन और लक्ष्य पर जोर दिया जाता है.

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर फादर थॉमस सी. मैथ्यू कहते हैं, “हम क्लास में दिए जाने वाले ज्ञान की सीमाएं समझते हैं. इस तरह का ज्ञान ग्लोबल दुनिया की चुनौतियों को देखते हुए काफी नहीं है. टेक्निकल करिकुलम के साथ-साथ हम अपने छात्रों की वैयक्तिक और सामाजिक योग्यता बढ़ाने पर भी जोर देते हैं. हमारे यहां अटेंडेंस अनिवार्य है और हर सेमेस्टर के अंत में छात्रों का ऑनलाइन मूल्यांकन होता है. इससे पता चलता है कि छात्र किस स्थिति में है.”

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी की खूबियांयूनिवर्सिटी अपने छात्रों को उन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करना चाहती है, जो आगे चलकर उद्योग की ओर से उसके सामने आने वाली हैं. इस बात को ध्यान में रखकर छात्रों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जाता है, चाहे वह भाषा में दक्षता लाने का हो या टेक्निकल राइटिंग सीखने का.

यूनिवर्सिटी में विज्ञान विभाग के डीन नांजे गौड़ा एन.एम. कहते हैं, “ग्रेजुएशन की पढ़ाई के तौर पर उन्हें अंग्रेजी पढऩे की जरूरत है. लेकिन इसके साथ ही हम यह भी समझते हैं कि बीसीए के लिए शेक्सपियर वाली साहित्यिक अंग्रेजी की कोई जरूरत नहीं है. हम उन्हें टेक्निकल राइटिंग और बातचीत वाली अंग्रेजी सिखाते हैं, जिससे उन्हें अपने प्रोफेशन में मदद मिलती है.”

क्राइस्ट यूनिवर्सिटी के छात्रों को सिर्फ किताबी शिक्षा ही नहीं मिलती है, उन्हें कई तरह के प्रोजेक्ट, विभिन्न कॉलेजों के बीच होने वाले उत्सवों और तकनीकी सेमिनारों में हिस्सा लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है. सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री के विशेषज्ञ नियमित रूप से यूनिवर्सिटी आते हैं.

टेक्निकल योगदान देने के लिए माइक्रोसॉफ्ट एमवीपी (मोस्ट वैल्यूएबल प्रोफेशनल) पुरस्कार जीत चुके यहां के पूर्व छात्र सेंथिल कुमार कहते हैं, “क्राइस्ट कॉलेज ने मुझे सफलता पाने का रास्ता दिखाया और मुझे यहां पढऩे का अनुभव हासिल हुआ. इसने मुझे सिखाया है कि हमेशा बड़ा करने का सपना देखो. हर संभावना को तलाशो.”

इस कोर्स में दाखिला पाने के लिए अफगानिस्तान, इराक, दक्षिण कोरिया और फिलिपींस जैसे देशों के छात्र भी यहां आते हैं. कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष जॉय पॉलोज कहते हैं, “बीसीए भारत में सबसे प्रतिस्पर्धा कोर्सों में से है. यह इतना अनोखा है कि इसके ऐप्लिकेशन कई सेक्टरों में काम आते हैं. हमारे यहां खुली-अवधारणा वाली थियोरी है, जो छात्रों को नवीनतम टूल्स सीखने में हर संभव मदद देती है. हम उनके प्रयोगों पर किसी तरह की बंदिश नहीं लगाते हैं और पूरी तरह से आजाद छोड़ते हैं. ऐसा करने से छात्र कहीं ज्यादा क्रिएटिव बनते हैं.”

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