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क्या है गुटनिरपेक्ष आंदोलन, जिसके गठन में शामिल थे नेहरू, PM मोदी लेंगे हिस्सा

कोरोना वायरस पर आज चर्चा करने के लिए गुट निरपेक्ष आंदोलन (NAM) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने जा रहे हैं. बता दें, इस आंदोलन की स्थापना में पंडित जवाहर लाल नेहरू भी शामिल थे. जानिए इसके बारे में.

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aajtak.in नई दिल्ली, 07 May 2020
क्या है गुटनिरपेक्ष आंदोलन, जिसके गठन में शामिल थे नेहरू, PM मोदी लेंगे हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुटनिरपेक्ष (NAM) देशों के वर्चुअल सम्मलेन में शामिल होंगे. इस सम्मेलन में कोरोना वायरस के मुद्दे से जुड़ी चर्चा की जाएगी. कोरोना संक्रमण से गुट निरपेक्ष के सदस्य देश भी जूझ रहे हैं.आइए ऐसे में जानते हैं आखिर ये गुटनिरपेक्ष क्या होता है.

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गुट निरपेक्ष क्या होता है?

गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non Alignment Movement, NAM) राष्ट्रों की एक अंतराराष्ट्रीय संस्था है. यह आंदोलन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति गमाल अब्दुल नासर और युगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रॉज टीटो ने शुरू किया था. इसकी स्थापना अप्रैल1961 में हुई थी. इस बनाने का विचार 1950 में आया था.

संयुक्त राष्ट्र संंघ (UN) के बाद देश की सदस्यता के मामले में NAM विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है. वर्तमान में अब तक इस संगठन के 120 सदस्य और 17 पर्यवेक्षक देश हैं.

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क्या था गुट निरपेक्ष आंदोलन का उद्देश्य

दूसरे विश्व युद्ध के खत्म होने के बाद दुनिया अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ (अब रूस) के नेतृत्व तले दो गुटों में बंट गई थी. अमेरिका वाला खेमा पूंजीवादी नीतियों का पोषक और समर्थक माना जाता था तो सोवियत संघ का खेमा समाजवादी नीतियों को मानने वाला था. उस समय दुनिया के कई देश आजाद हुए थे और अपने विकास और दूसरे देशों के साथ संबंधों के लिए नीति निर्धारण कर रहे थे. इन देशों ने तय किया कि वे किसी एक गुट में शामिल होकर दूसरे गुट के बरक्स खड़े होने की बजाए गुट निरपेक्ष रहेंगे ताकि उनके संबंध किसी से खराब न हों. इस आंदोलन में एशिया, लैटिन अमेरिका और अफ्रीकी देश शामिल थे.

गुटनिरपेक्ष राष्ट्रों की राष्ट्रीय स्वतंत्रता, क्षेत्रीय एकता एवं सुरक्षा को साम्राज्यवाद, जातिवाद, रंगभेद एवं विदेशी आक्रमण, सैन्य हमले, हस्तक्षेप आदि मामलों के विरुद्ध उनके युद्ध के दौरान सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही किसी पावर ब्लॉक के पक्ष या विरोध में ना होकर निष्पक्ष रहना है.

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पहली बार PM मोदी हो रहे हैं शामिल

यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी NAM सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले हैं. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस सम्मेलन में शामिल हो चुके हैं.

आपको बता दें, गुट निरपेक्ष देशों के इस वर्चुअल सम्मेलन में पाकिस्तान भी शामिल होगा. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी NAM बैठक में शामिल होंगे.

गुट निरपेक्ष देशों की इस बैठक में अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलियेव गुट निरपेक्ष आंदोलन (NAM) के मौजूदा चेयरमैन हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस सम्मेलन में शामिल होंगे.

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