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Children's Day: बाल दिवस के दिन स्कूल में दे सकते हैं ये स्पीच

Children's Day Speech: 14 नवंबर को पूरे देश में बाल दिवस मनाया जाता है. पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन को बाल दिवस के तौर पर मनाने का चलन है. इस मौके पर बच्चों के लिए स्कूलों में खास प्रोग्राम होते हैं. आइए जानें इस खास दिन कैसे दे सकते हैं स्पीच.

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 14 November 2019
Children's Day: बाल दिवस के दिन स्कूल में दे सकते हैं ये स्पीच प्रतीकात्मक फोटो (PTI)

बाल दिवस पर अगर स्पीच देने की तैयारी कर रहे हैं तो इसके लिए घर पर तैयारी कर लें. हर साल 14 November को बच्चों के बीच चाचा नेहरू के नाम से जाने जाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री की जयंती मनाई जाती है. ये दिन बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है.

जवाहर लाल नेहरू (Jawahar Lal Nehru) को बच्चों से बहुत प्यार था, इसीलिए बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे. नेहरू अक्सर कहा करते थे कि ये बच्चे ही देश का भविष्य हैं. अगर ये बच्चे अच्छी शिक्षा और परवरिश में रखे जाएंगे तो वो अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं. ये ही बच्चे आगे चलकर देश के नेता बनेंगे.

उन्होंने बच्चों के लिए देश में कई ऐसे विज्ञान केंद्र बनवाए जहां बच्चे जाकर ज्ञानार्जन करें. उन्हीं की याद में बाल दिवस को हर साल धूमधाम से मनाया जाता है. बच्चों को उपहार आदि देकर उन्हें विश किया जाता है.  बाल दिवस के दिन बच्चों को गिफ्ट्स दिए जाते हैं. स्कूलों में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

बाल दिवस के दिन स्कूलों में कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित होती हैं. इनमें भाषण प्रतियोगिता खास होती है. आइए जानें- कैसा होता है बाल दिवस पर दिए जाने वाले भाषण का स्वरूप, यहां पढ़ें.

Children's Day Speech

रेस्पेक्टेड टीचर्स और क्लास-स्कूलमेट्स,

आज 14 नवंबर है, चाचा नेहरू का जन्मदिन. हमारे लिए ये खास दिन बाल दिवस है. इस खास दिन की आपको दिल से शुभकामनाएं. हम सभी आज यहां बाल दिवस मनाने के लिए जुटे हैं. बच्चे घर और समाज में खुशी का कारण होने के साथ ही देश का भविष्य भी होते हैं. चाचा नेहरू यानी जवाहर लाल नेहरू हमेशा बच्चों में घिरे रहकर खुश होते थे. पंडित नेहरू बहुत ही प्रेरणादायक और प्रेरित प्रकृति के नेता थे. वो हमेशा बच्चों को कठिन परिश्रम और बहादुरी के कार्य करने के लिए प्रेरित किया करते थे. बच्चों के प्रति उनके प्रेम के कारण ही वो बच्चों के बीच चाचा नेहरु के रूप में पहचाने जाते थे.

साल 1964 में, उनकी मत्यु के बाद उनका जन्मदिन पूरे भारत में बाल दिवस के रुप में मनाया जाने लगा. बाल दिवस मनाये जाने के पीछे का उद्देश्य देश के भविष्य के निर्माण में बच्चों के महत्व को बताता है. बच्चे ही देश का भविष्य और हर पदों पर जिम्मेदारी संभालने वाले नागरिक बनेंगे. फिर वो नेता का पद हो या अभिनेता, नौकरशाह अफसर हो या कोई बड़ा व्यापारी, सेना का अधिकारी हो किसी कंपनी का कर्मचारी, सभी जगहों पर ये देश का कल बनकर बैठेंगे. चाचा नेहरू यही चाहते थे कि बच्चों को अच्छी से अच्छी परवरिश और प्रेम मिलना चाहिए.

देश में अभी भी बड़ी संख्या में बच्चे बाल मजदूरी में फंसे हैं. यही नहीं बाल अपराध की संख्या भी कम नहीं है. अपने थोड़े से लाभ के लिए कुछ लोग बच्चों का शोषण कर रहे हैं. असल रूप में बाल दिवस तभी सार्थक माना जाएगा जब बाल अधिकार सुरक्षित हों. बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए जरूरी है कि उनकी देखरेख समाज की भी जिम्मेदारी हो, लोग बच्चों को एक सामान्य नागरिक से ज्यादा महत्वपूर्ण स्थान दें.

भाषण के बाद सुना सकते हैं ये कविता

देखो बाल दिवस का दिन आया है,

बच्चों के लिए खुशियां लाया है.

आओ मिलकर सब इसे मनाएं,

लोगों को बाल अधिकारों की बात बताएं.

सब तक यह संदेश पहुंचाकर,

देश को और भी खुशहाल बनाए.

14 नवंबर को आता है यह दिन,

जो है चाचा नेहरु का जन्मदिन.

जिन्होंने सबको शांति का मार्ग दिखाया,

विश्व को शांति का पाठ पढ़ाया.

बाल अधिकारों को समर्पित है यह दिन,

जिसके लिए हमें काम करना है हर दिन.

आओ मिलकर लोगों तक यह संदेश पहुचाएं,

लोगों में बाल अधिकारों की ललक जगाएं.

क्योंकि देश तभी खुशहाल बनेगा,

जब बच्चा-बच्चा अपना अधिकार जानेगा.

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