एडवांस्ड सर्च

Advertisement
FIFA World Cup 2018

मकर संक्रांति आज, गंगासागर में डुबकी लगाने को जुटे लाखों श्रद्धालु

मकर संक्रांति आज, गंगासागर में डुबकी लगाने को जुटे लाखों श्रद्धालु फाइल फोटो
मनोज्ञा लोइवाल [Edited By: राम कृष्ण]कोलकाता, 14 January 2018

आज मकर संक्रांति का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. भारत के अलग-अलग हिस्सों के अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से करीब 20 लाख श्रद्धालु आज मकर संक्राति के मौके पर बंगाल की खाड़ी स्थित गंगा नदी के संगम में पुण्य स्नान के लिए एकत्रित हो चुके हैं. हर साल मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालु मोक्ष की कामना में सागर-संगम में डुबकी लगाने पहुंचे हैं.

मकर संक्रांति से पहले शुरू होने वाला गंगासागर का मेला नौ जनवरी से चल रहा है, जो आज खत्म हो जाएगा. पश्चिम बंगाल के 24 दक्षिण परगना के जिलाधिकारी वाई रत्नाकर राव ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि पिछले साल करीब 15 लाख श्रद्धालु गंगासागर आए थे. इस वर्ष यह आंकड़ा काफी ज्यादा है. अभी तक करीब 20 लाख लोग यहां पर पहुंच चुके हैं. हमने इनके लिए सभी इंतजाम किए हैं, ताकि इनकी यहां की यात्रा यादगार रहे.

इस प्रसिद्ध तीर्थस्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. यहां पर राज्य सरकार ने करीब तीन हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती की है और रविवार को पुण्य स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर नजर रखने के लिए सात ड्रोन सेवा में लगाए हैं. असल में पहली बार राज्य सरकार ने गंगासागर मेले में निर्बाध संचार सुनिश्चित करने के लिए अपने अधिकारियों को सैटेलाइट फोन से लैस किया है.

राज्य सरकार के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये सैटेलाइट फोन यह सुनिश्चित करेंगे कि अन्य चीजों के अलावा भूकंप या कोई सुनामी आने पर भी संचार में बाधा न आए. उन्होंने बताया कि उन अधिकारियों को 16 सैटेलाइट फोन दिए गए हैं, जो महत्वपूर्ण स्थानों तैनात रहेंगे.

हिन्दू मान्यता के मुताबिक साल की 12 संक्रांत‌ियों में मकर संक्रांत‌ि का सबसे महत्व ज्यादा है. इस द‌िन सूर्य मकर राश‌ि में आते हैं और इसके साथ देवताओं का द‌िन शुरु हो जाता है, जो देवशयनी एकादशी से सुप्त हो जाते हैं. मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण, असम में बिहू और पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति के नाम से जाना जाता है.

मोक्ष के लिए श्रद्धालु लगाते हैं डुबकी

गंगासागर मेला की चर्चा हिन्दू धर्मग्रन्थों में मोक्षधाम के तौर पर की जाती है. यह मेला पश्चिम बंगाल में गंगा के सागर से मिलन के स्थान पर लगता है, इसलिए इस स्थान को गंगासागर कहा जाता है. इस मेले में मकर संक्रांति के मौके पर दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु मोक्ष की कामना में सागर-संगम में डुबकी लगाते हैं.

सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार

गंगासागर के बारे में एक कहावत है कि, 'सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार' मतलब साफ है कि गंगासागर की तीर्थयात्रा को सैकड़ों तीर्थयात्राओं के बराबर माना जाता है.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay