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मैगी विवाद: मैसूर लैब ने SC को सौंपी रिपोर्ट, 19 जुलाई को अगली सुनवाई

मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंड्डर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के हाल के नोटिफिकेशन के मुताबिक, बनने के बाद मैगी में एमएसजी की मात्रा का पता नहीं लगाया जा सकता.

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aajtak.in
रोहित गुप्ता नई दिल्ली, 05 April 2016
मैगी विवाद: मैसूर लैब ने SC को सौंपी रिपोर्ट, 19 जुलाई को अगली सुनवाई

मैसूर की लैब ने मैगी की जांच रिपोर्ट मंगलवार को सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट में जमा करा दी. इस मामले पर केंद्र सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पहली रिपोर्ट के मुताबिक मैगी में लेड सही मात्रा में पाया गया.

मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंड्डर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के हाल के नोटिफिकेशन के मुताबिक, बनने के बाद मैगी में एमएसजी की मात्रा का पता नहीं लगाया जा सकता. मोनोसोडियम ग्लुटामेट (एमएसजी) का पता मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस के दौरान ही पता लगाया जा सकता है.'

केंद्र सरकार ने कहा कि मैसूर की लैब अभी तक इस मामले में 16 रिपोर्ट्स सौंप चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नेस्ले और केंद्र सरकार का पक्ष पूछा था. अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी.

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