एडवांस्ड सर्च

Pongal 2019: जानिए- क्यों और कैसे मनाया जाता है पोंगल का त्योहार?

Pongal  का त्योहार तमिलनाडु का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है. आइए जानते हैं इस त्योहार का जश्न कितने दिनों तक और किस तरह से मनाया जाता है.

Advertisement
aajtak.in [Edited by: नेहा]नई दिल्ली, 11 January 2019
Pongal 2019: जानिए- क्यों और कैसे मनाया जाता है पोंगल का त्योहार? Pongal 2019: प्रतीकात्मक तस्वीर

पोंगल तमिलनाडु के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है. तमिल में पोंगल का अर्थ उफान होता है. मकर संक्रांति और लोहड़ी की तरह ही पोंगल का त्योहार भी फसल और किसानों का त्योहार होता है. पोंगल का त्योहार 4 दिनों तक मनाया जाता है. यह त्योहार तमिल महीने 'तइ' की पहली तारीख से शुरू होता है और इसी दिन से तमिल नववर्ष की भी शुरुआत होती है.

किस तरह मनाया जाता है पोंगल का त्योहार?

पोंगल के त्योहार पर मुख्य तौर पर सूर्य की पूजा की जाती है. सूर्य को जो प्रसाद अर्पित किया जाता है, उसे पगल कहते हैं. पोंगल के पहले दिन लोग सुबह उठकर स्नान करके नए कपड़े पहनते हैं और नए बर्तन में दूध, चावल, काजू, गुड़ आदि चीजों की मदद से पोंगल नाम का भोजन बनाया जाता है.

इस दिन गायों और बैलों की भी पूजा की जाती है. किसान इस दिन अपनी बैलों को स्नान कराकर उन्हें सजाते हैं. इस दिन घर में मौजूद खराब वस्तुओं और चीजों को भी जलाया जाता है और नई वस्तुओं को घर लाया जाता है. कई लोग पोंगल के पर्व से पहले अपने घरों को खासतौर पर सजाते हैं.

कितने दिन तक मनाया जाता है पोंगल का त्योहार?

पोंगल का त्योहार तमिलनाडु में पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है. 4 दिनों तक चलने वाले इस त्योहार के पहले दिन को 'भोगी पोंगल' कहते हैं, दूसरे दिन को 'सूर्य पोंगल', तीसरे दिन को 'मट्टू पोंगल' और चौथे दिन को 'कन्नम पोंगल' कहते हैं. पोंगल के हर दिन अलग-अलग परंपराओं और रीति रिवाजों का पालन किया जाता है. 

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay