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जानें- कब है अनंग त्रयोदशी और क्या है इसका महत्व

अनंग त्रयोदशी के दिन कामदेव और रति की भी पूजा करने का विधान है. इस बार 17 अप्रैल बुधवार को अनंग त्रयोदशी मनाई जाएगी.

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aajtak.in
प्रज्ञा बाजपेयी नई दिल्ली, 16 April 2019
जानें- कब है अनंग त्रयोदशी और क्या है इसका महत्व अनंग त्रयोदशी

इस बार 17 अप्रैल बुधवार को अनंग त्रयोदशी मनाई जाएगी. बुधवार को सूर्य की उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का अद्भुत संयोग बना है. मेष राशि में सूर्य उच्च के हैं. इस दौरान शिव-पार्वती की पूजा करने से धन, ऐश्वर्या, सेहत और प्रेम विवाह वाली शादी में लाभ मिलता है. इसी दिन कामदेव और रति की भी पूजा होती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. महाराष्ट्र और गुजरात में अनंग त्रयोदशी मुख्य रूप से मनाई जाती है. वहीं, उत्तर भारत में अनंग त्रयोदशी दिसंबर के महीने में मनाई जाती है.

अनंग त्रयोदशी पर कैसे करें पूजन-

- इस दिन गंगाजल डालकर सर्वप्रथम सुबह स्नान करना चाहिए.  

- सफ़ेद वस्त्र धारण करें.  

- सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें.  

- गणेश जी को सफ़ेद फूल, लड्डू, केला और पंचामृत चढ़ाएं.

- ॐ गणेशाये नमः का जाप करें.  

अच्छी सेहत और धन पाने के लिए शिव पूजा-

- शिव मंदिर जाकर शिवजी की ख़ास पूजा करें.  

- शिवलिंग पर तांबे के लोटे से दूध, दही, गुड़, घी और शहद घोलकर चढ़ाएं.  

- शिवजी पर सफ़ेद फूल, सफ़ेद मिठाई, बेलपत्र, केला और अमरूद अर्पित करें.

- ॐ नमः शिवाए का जाप करें.  

- 13 सिक्के भी चढ़ाएं.  

शीघ्र विवाह के लिए क्या करें-

- शिवलिंग पर लाल सिंदूर और सफ़ेद फूल चढ़ाएं.  

- 13 बेलपत्र चढ़ाएं और जल में गुड़ घोलकर उस से शिवलिंग का अभिषेक करें.  

- शिवजी पर 13 तुलसी पत्र और 13 बताशे भी चढ़ाएं.  

- कपूर से आरती करें.  

- ॐ उमा महेश्वराये नमः का जाप करें. 

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