एडवांस्ड सर्च

Sakath Chauth 2019: जानें- पूजा का मुहूर्त, महत्व और विधि-विधान

सकट चौथ संकटों से उभरने का दिन है तो चलिए जानते हैं कैसे सकट चौथ पर दूर होंगे सारे संकट.

Advertisement
aajtak.in [Edited By: पी.बी.]नई दिल्ली, 23 January 2019
Sakath Chauth 2019: जानें- पूजा का मुहूर्त, महत्व और विधि-विधान सकट चौथ (Sakath Chauth 2019) पर ऐसे करें पूजा

माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सकट चौथ के रूप में मनाई जाती है. इसे वक्रतुण्डी चतुर्थी, माही चौथ या तिलकुटा चौथ भी कहते हैं. गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्. उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्॥ सकट चौथ संकटों से उभरने का दिन है तो चलिए जानते हैं पंडित कमल नंदलाल से, कैसे सकट चौथ पर दूर होंगे सारे संकट.

* शास्त्रों में सकट चौथ पर मिट्टी से बने गौरी, गणेश और चंद्रमा की पूजा करने का विधान है.

* शब्ध सकट का अर्थ है संकट, अतः इसी दिन गणेशजी ने देवताओं का संकट दूर किया था.

* शिव के वरदान अनुसार जो लोग गणपती की संकट मोचन के रूप में पूजा करके व्रत करेंगे उसके सब संकट दूर होंगे.

* शिव के वरदान अनुसार सकट चौथ पर चंद्रमा गणेशजी के मस्तक का सेहरा बनकर पूरे विश्व को शीतलता देंगे.

* शिव के वरदान अनुसार जो व्यक्ति सकट चौथ पर गणपती पूजन करके चंद्र को अर्ध्य देगा उसके दैहिक, दैविक व भौतिक विकार दूर होंगे.

* सकट चौथ के दिन तिल को भूनकर गुड़ के साथ कूटकर तिलकुटा अर्थात तिलकुट का पहाड़ बनाया जाता है.

* सकट चौथ के दिन गौरी गणेश व चंद्रमा को तिल, ईख, गंजी, भांटा, अमरूद, गुड़, घी से भोग लगाया जाता है.

* अपने संतान की दीर्घायु और सुखद भविष्य के लिए सभी पुत्रवति स्त्रियाँ इस व्रत को रखती हैं.

* इस तिथि में रात के समय जब चंद्र उदय होने के बाद चंद्रदेव को अर्ध्य देने के बाद भोजन किया जाता है.

* सकट चौथ पर गणेश जी के भालचंद्र स्वरूप के पूजन का विधान है.

* सकट चौथ के दिन गणेश जी पर प्रसाद के रुप में तिल-गुड़ का बना लड्डु और शकरकंदी चढ़ायी जाती है.

* इस दिन गौरी गणेश के पूजन के बाद अग्नि की सात बार परिक्रमा की जाती है.

* भालचन्द्र का अर्थ है जिसेक भाल अर्थात मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित हो.

सकट चौथ पर राशि अनुसार उपाय करके संकटों से मुक्ति के साथसाथ आप पा सकते हैं मनचाही खुशियां.

मेष: गणपती पर पीले और नीले फूल चढ़ाएं. - इससे धन हानि से बचाव होगा.

वृष: पान के पत्ते पर स्वास्तिक बनाकर गणपती पर अर्पित करें. - इससे शत्रुओं का नाश होगा.

मिथुन: पानी में तिल मिलकर गणेशजी पर चढ़ाकर चंद्रमा को अर्ध्य दें. - इससे मनोविकार से मुक्ति मिलेगी.

कर्क: गणेश जी पर चार लड्डू का भोग लगाकर गरीब बालक को दान दें. - इससे पारिवारिक सुख शांति मिलेगी.

सिंह: गणेश जी पर हल्दी से पीले किए हुए गोमती चक्र चढ़ाकर तिजोरी में रखें. इससे धन वृद्धि होगी.

कन्या: मक्की के दाने गणेश जी पर चढ़ाकर रसोई घर में छिपा कर रख दें. इससे अन्न-धन की कमी दूर होगी.

तुला: गौरी-गणेश पर तिलकुट का भोग लगाकर 12 गरीब कन्याओं को बाटें. इससे सभी मनोकामनाओं पूरी होंगी.

वृश्चिक: संतान का नाम लेते हुए गुड-तिल मिले जल से चंद्रमा को अर्ध्य दें. इससे संतान की रक्षा होगी.

धनु: कर्पूर से तिल जलाकर गणेश जी पर धूप करें. - इससे दुर्भाग्य दूर होगा.

मकर: गणपती पर चढ़े चन्दन से तिजोरी पर "श्रीं" लिखें. - इससे काम धंधे में बड़ा मुनाफा होगा.

कुंभ: गणपती पर चढ़े तिल के लड्डू सफ़ेद गाय को खिलाएं. - इससे दांपत्य तनाव दूर होगा.

मीन: पीले कपड़े में बेलफल बांधकर गणपती पर चढ़ाएं. - इससे लव लाइफ की प्रॉब्लेम्स दूर होंगी.

महाभाग्य का उपाय-

गौरी गणेश और चंद्रमा का पंचोपचार पूजन करें. "ॐ गं गणेश्वराय विघ्ननायकाय नमः" मंत्र का जाप करें. संकटों से बचने के लिए के लिए करें महाभाग्य का महाउपाय

महा उपाय: गणेश जी पर 1 शाककरकंद और 12 तिल-गुड के लड्डू चढ़ाकर किसी ब्राह्मण को दान करें.

दिन का बेस्ट मुहूर्त: दिन 12:15 से दिन 13:30 तक. (अमृत काल और शोभन योग)

चंद्रोदय का मुहूर्त: रात 09:31 पर.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay