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दत्तात्रेय जयंती का क्या है महत्व? इन मंत्रों का जाप करने से मिलेगा वरदान

इनकी उपासना तत्काल फलदायी होती है और इससे कष्टों का शीघ्र निवारण होता है

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aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 10 December 2019
दत्तात्रेय जयंती का क्या है महत्व? इन मंत्रों का जाप करने से मिलेगा वरदान भगवान दत्तात्रेय

भगवान दत्तात्रेय त्रिदेवों के संयुक्त स्वरूप माने जाते हैं. इनके अंदर गुरु और ईश्वर, दोनों का स्वरुप निहित माना जाता है. इनके तीन मुख और छह हाथ हैं, स्वरुप त्रिदेवमय है. इनके साथ कुत्ते और गाय भी दिखाई देते हैं. इन्होंने अपने चौबीस गुरु माने हैं, जिसमे प्रकृति, पशु पक्षी और मानव शामिल हैं.

इनकी उपासना तत्काल फलदायी होती है और इससे कष्टों का शीघ्र निवारण होता है. इस बार भगवान दत्तात्रेय की जयंती 11 दिसंबर को है.

भगवान दत्तात्रेय की पूजा से क्या वरदान मिलता है?

- व्यक्ति गलत संगति और गलत रास्ते से बच जाता है.

- संतान और ज्ञान प्राप्ति की कामना पूर्ण हो जाती है.

- इनकी पूजा से व्यक्ति के ऊपर किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा का असर नहीं होता.    

- व्यक्ति को जीवन में एक मार्गदर्शक जरूर मिलता है.

- इनकी पूजा से व्यक्ति के पाप नष्ट हो जाते हैं.

- व्यक्ति सन्मार्ग पर चलने लगता है.

कैसे करें भगवान दत्तात्रेय की उपासना ?

- भगवान् दत्तात्रेय के चित्र या प्रतिकृति की स्थापना करें.

- उन्हें पीले फूल और पीली चीजें अर्पित करें.

- इसके बाद उनके मन्त्रों का जाप करें.

- अपनी कामना पूर्ति की प्रार्थना करें.

- हो सके तो इस दिन एक वेला उपवास भी रखें.

किन मन्त्रों का जाप इस दिन करना विशेष लाभकारी होता है ?

- ॐ  द्रां दत्तात्रेयाय स्वाहा

- ॐ महानाथाय नमः

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