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'सिंदूर खेला' के साथ मां दुर्गा विदाई, जानें इस रस्म का महत्व

aajtak.in
08 October 2019
'सिंदूर खेला' के साथ मां दुर्गा विदाई, जानें इस रस्म का महत्व
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विजय दशमी के शुभ अवसर पर बंगाली रीति-रिवाज में 'सिंदूर खेला' की रस्म अदा की जाती है. बंगाली समाज की महिलाएं इस खास मौके पर एक दूसरे को सिंदूर लगाती हैं. इस शुभ अवसर पर कोलकाता में भी महिलाओं ने 'सिंदूर खेला' के आयोजन में हिस्सा लिया. ये रस्म मां दुर्गा को विदाई देने के लिए मनाई जाती है.
'सिंदूर खेला' के साथ मां दुर्गा विदाई, जानें इस रस्म का महत्व
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कोलकाता में यह रस्म बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है.
सिंदूर खेला में महिलाएं पहले मां को सिंदूर लगाती हैं, इसके बाद अन्य महिलाओं के साथ सिंदूर खेला जाता है.
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बंगाली रीति-रिवाज में सिंदूर खेलने की परंपरा करीब 450 साल पुरानी है. इस दिन विवाहित महिलाएं मां दुर्गा, सरस्वती और लक्ष्मी का श्रृंगार कर उनकी पूजा करती हैं.
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा नवरात्रि में नौ दिनों के लिए अपने घर यानी मायके आती हैं.
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इस दिन ज्यादातर महिलाओं बंगाली साड़ी ही पहनती हैं. लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी इस पर्व की पहचान बन गया है.
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महिलाएं इस दिन मां दुर्गा के चरणों और माथे पर सिंदूर लगाने के दौरान लंबे वैवाहिक जीवन की प्रार्थना भी करती हैं.

(Photos credit: तापस बैरी)
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