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श्रीकृष्ण को माना 'प्रियतम', 21 की उम्र में लाखों फॉलोअर्स

aajtak.in [Edited By: पी.बी.]
03 September 2018
श्रीकृष्ण को माना 'प्रियतम', 21 की उम्र में लाखों फॉलोअर्स
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श्रीकृष्ण की कभी राधा दीवानी हुई तो कभी मीरा. राधा और मीरा ने श्रीकृष्ण से दूर जाकर भी आध्यात्मिक रिश्ता हमेशा कायम रखा. राधा और मीरा की ही तरह राजस्थान की जया कान्हा की भक्ति में लीन हो गई हैं.
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राजस्थान के सुजानगढ़ गांव के एक गौड़ ब्राह्मण परिवार में जन्मीं जया किशोरी भगवान कृष्ण की भक्त हैं. इनके गुरु बचपन में उन्हें राधा कहकर बुलाते थे. उन पर कृष्ण भक्ति का जो रंग चढ़ा कि फिर उसके सिवा सब कुछ फीका पड़ गया.
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जया किशोरी 'नानी बाई का मायरा, नरसी का भात' कार्यक्रम करती हैं. वह कथा वाचन करती हैं और भजन गाती हैं. उनके यूट्यूब वीडियो पर लाखों व्यूज आते हैं. 21 साल की जया के फॉलोअर्स की संख्या भी लाखों में है.

श्रीकृष्ण को माना 'प्रियतम', 21 की उम्र में लाखों फॉलोअर्स
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जया किशोरी के दादाजी और दादीजी के साथ रहने और घर में भक्ति का माहौल होने की वजह से बचपन में ही केवल 6 साल की कम उम्र में ही भगवान कृष्ण के लिए उनके मन में प्रेम जागृत हो गया.
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बता दें कि जया किशोरी का जन्म 1996 में हुआ था.
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सिर्फ 9 साल की उम्र में ही जया ने संस्कृत में लिंगाष्टकम्, शिव-तांडव स्तोत्रम्, रामाष्टकम् आदि कई स्तोत्रों को गाना शुरू कर दिया था.
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10 साल की छोटी उम्र में जया ने सुन्दरकाण्ड गाकर भक्तों के मन में अपनी जगह बनाई थी.
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उन्होंने धर्म के साथ-साथ पढ़ाई पर भी ध्यान दिया और इसलिए अपनी स्कूली शिक्षा भी जारी रखी.
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जया ने कोलकाता के स्कूल महादेवी बिड़ला वर्ल्ड ऐकेडमी से स्कूली पढ़ाई की है. वह बीकॉम की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं.
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जया के प्रारम्भिक गुरु पं. श्री गोविन्दरामजी मिश्र ने श्रीकृष्ण के प्रति इनके प्रेम को देखते हुए इन्हें 'किशोरीजी' की उपाधि आशीर्वाद के रूप में दी. लेकिन ज्यादा दिनों तक उनका सानिध्य प्राप्त नहीं हो सका.
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