एडवांस्ड सर्च

Advertisement

गुप्त नवरात्र में गोपनीय रखें अपनी मनोकामनाएं, होंगी पूरी

साल में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्र होते हैं. गुप्त नवरात्रि विशेष तौर पर गुप्त सिद्धियां पाने का समय होता है. आमतौर पर लोग दो नवरात्रों के बारे में जानते हैं- चैत्र या वासंतिक नवरात्र और आश्विन या शारदीय नवरात्र. इसके अलावा दो और नवरात्र भी हैं. जिनमें विशेष कामनाओं की सिद्धि की जाती है.
गुप्त नवरात्र में गोपनीय रखें अपनी मनोकामनाएं, होंगी पूरी गुप्त नवरात्र
aajtak.in [Edited By: प्रज्ञा बाजपेयी]नई दिल्ली, 18 January 2018

साल में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्र होते हैं. गुप्त नवरात्रि विशेष तौर पर गुप्त सिद्धियां पाने का समय होता है. आमतौर पर लोग दो नवरात्रों के बारे में जानते हैं- चैत्र या वासंतिक नवरात्र और आश्विन या शारदीय नवरात्र. इसके अलावा दो और नवरात्र भी हैं. जिनमें विशेष कामनाओं की सिद्धि की जाती है. कम लोगों को इसका ज्ञान होने के कारण या इसके छिपे हुए होने के कारण इसको गुप्त नवरात्र कहते हैं.

क्या है गुप्त नवरात्रि?

साल में दो बार गुप्त नवरात्रि आती हैं- माघ शुक्ल पक्ष में और आषाढ़ शुक्ल पक्ष में इस प्रकार कुल मिलाकर साल में 4 बार नवरात्रि आती है. ये चारों ही नवरात्रि ऋतु परिवर्तन के समय मनाई जाती हैं. महाकाल संबिता और तमाम शाक्त ग्रंथों में इन चारों नवरात्रों का महत्व बताया गया है. इनमें विशेष तरह की इच्छा पूर्ति और सिद्धि प्राप्त करने के लिए पूजा और अनुष्ठान किया जाता है.

महान मुक्केबाज मोहम्मद अली के मुसलमान बनने की असली वजह

इस बार 18 जनवरी गुरुवार से माघ नवरात्र शुरू हो रहे हैं. साल में दो गुप्त नवरात्र आते हैं. इन नवरात्रों में माँ दुर्गा , माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती की पूजा , साधना करने से बहुत अच्छा फल मिलता है. 18 जनवरी को पहला गुप्त नवरात्र है. माँ दुर्गा , माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती तीनों माताओं के आगे कलश स्थापना और अखंड ज्योत जलाये और आठ या नौ दिन व्रत और पूजा करें.

सामान्य और गुप्त नवरात्रि में क्या अंतर है?

सामान्य नवरात्रि में आमतौर पर सात्विक और तांत्रिक पूजा की जाती है. लेकिन गुप्त नवरात्रि में आमतौर पर ज्यादा प्रचार प्रसार नहीं किया जाता अपनी साधना को गोपनीय रखा जाता है. गुप्त नवरात्रि में पूजा मनोकामना जितनी ज्यादा गोपनीय होगी, सफलता उतनी ज्यादा मिलेगी.

अपनी राशि से जानें, कैसी होगी आपकी सास

मां दुर्गा की उपासना कैसे करें?

गुप्त नवरात्रि में मां की पूजा विधि के लिए नौ दिनों तक कलश की स्थापना की जा सकती है. अगर कलश की स्थापना की है, तो दोनों वेला मंत्र जाप करें, चालीसा या सप्तशती का पाठ करना चाहिए. दोनों समय आरती भी करना अच्छा होगा. मां को दोनों वेला भोग भी लगाएं, सबसे सरल और उत्तम भोग हैं लौंग और बताशा मां के लिए लाल फूल सर्वोत्तम होता है, पर मां को आक, मदार, दूब और तुलसी बिल्कुल ना चढ़ाएं पूरे नौ दिन अपना खान-पान और आहार सात्विक रखें.

विवाह में दिक्कत आ रही है तो क्या करें?

अगर विवाह में कोई बाधा आ रही है तो पूरे 9 दिन देवी को पीले फूलों की माला अर्पित करें. इस मंत्र का जाप करें- कात्यायनी महामाये, महायोगिनयधीश्वरी नन्दगोपसुतं देवी, पति में कुकू ते नम:. ऐसा करने से विवाह की समस्या दूर होगी.

 संतान प्राप्ति में समस्या के लिए

अगर संतान प्राप्ति में कोई समस्या आ रही है तो 9 दिन देवी को पान का पप्ता अर्पित करें. पान का पत्ता टूना नहीं होना चाहिए. इस मंत्र का जाप करें- नन्दगोपगृह जाता यशोदागर्भ सम्भवा ततस्तौ नाशयिष्यामि विन्ध्याचलनिवासिनी. इस मंत्र का जाप करने से आपकी मनोकामना पूरी होगी.

नौकरी की समस्या के लिए क्या करें?

अगर नौकरी में किसी भी तरह की समस्या आ रही है तो इसके लिए 9 दिन तक देवी को बताशे पर रखकर लौंग अर्पित करें. इस मंत्र का जाप करें- सर्वबाधा विनिर्मुक्तो धन धान्य सुतान्वित: मनुष्यो मत्प्रसादेने भविष्यति ना संशय:.

खराब सेहत के लिए क्या करें

गुप्त नवरात्रि पर खराब सेहत से भी छुटकारा पाया जा सकता है. 9 दिन देवी को लाल फूल अर्पित करें और इस मंत्र का जाप करें- ऊं क्रीं कालिकायै नम:. ऐसा करने से आप तंदरुरस्त हो जाएंगे.

मुकदमे शत्रु या कर्जे की समस्या हो तो क्या करें?

मुकदमे शत्रु और कर्जे की समस्या से छुटकारा पाने के लिए 9 दिन के समक्ष गुग्गल की सुगंध वाला धूप जलाएं और इस मंत्र का जाप करें ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे.ऐसा करने से आपकी समस्या दूर होगी. सभी तरह की समस्यों को दूर करने के लिए 9 दिन देवी के सामने अखंड दीपक जलाएं इस मंत्र का जाप करें- ऊं दुं दुर्गाय नम:

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay