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बसंत पंचमी पर ऐसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न

माघ शुक्ल की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती की उपासना की जाती है. इसी उपासना के पर्व को वसंत पंचमी कहते हैं. वर्ष के कुछ विशेष शुभ काल में से एक होने के कारण इसको "अबूझ मुहूर्त"भी कहा जाता है. इसमें विवाह, निर्माण तथा अन्य शुभ कार्य किये जा सकते हैं. ऋतुओं के इस संधि काल में ज्ञान और विज्ञान दोनों का वरदान प्राप्त किया जा सकता है.

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aajtak.in [Edited By: प्रज्ञा बाजपेयी]नई दिल्ली, 22 January 2018
बसंत पंचमी पर ऐसे करें मां सरस्वती को प्रसन्न वसंत पंचमी

माघ शुक्ल की पंचमी तिथि को विद्या और बुद्धि की देवी माँ सरस्वती की उपासना की जाती है. इसी उपासना के पर्व को वसंत पंचमी कहते हैं. वर्ष के कुछ विशेष शुभ काल में से एक होने के कारण इसको "अबूझ मुहूर्त"भी कहा जाता है. इसमें विवाह, निर्माण तथा अन्य शुभ कार्य किये जा सकते हैं. ऋतुओं के इस संधि काल में ज्ञान और विज्ञान दोनों का वरदान प्राप्त किया जा सकता है. इसके अलावा संगीत कला और आध्यात्म का आशीर्वाद भी इस काल में लिया जा सकता है. अगर कुंडली में विद्या बुद्धि का योग नहीं है या शिक्षा की बाधा का योग है तो इस दिन विशेष पूजा करके उसको ठीक किया जा सकता है.

पूजा का शुभ मुहूर्त-

वर्ष 2018 में बसंत पंचमी  सरस्वती पूजा 22 जनवरी 2018, सोमवार के दिन मनाई जाएगी.सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह 07:27 बजे का है और इस मुहूर्त की अवधि 5 घंटे 15 मिनट तक रहेगी. यानी दोपहर तक इस पूजन को क‍िया जा सकता है.

कैसे करें माँ सरस्वती की उपासना, किन बातों का ख्याल रखें?

- इस दिन पीले , बसंती या सफ़ेद वस्त्र धारण करें ,काले या लाल वस्त्र नहीं.

- तत्पश्चात पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा की शुरुआत करें.  

- सूर्योदय के बाद ढाई घंटे या सूर्यास्त के बाद के ढाई घंटे का प्रयोग इस कार्य के लिए करें.

- माँ सरस्वती को श्वेत चन्दन और पीले तथा सफ़ेद पुष्प अवश्य अर्पित करें.

- प्रसाद में मिसरी,दही और लावा समर्पित करें.

- केसर मिश्रित खीर अर्पित करना सर्वोत्तम होगा.

- माँ सरस्वती के मूल मंत्र "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" का जाप करें.

- जाप के बाद प्रसाद ग्रहण करें.

माँ सरस्वती की उपासना से किस प्रकार के लाभ हो सकते हैं ?

- जिन लोगों को एकाग्रता की समस्या हो ,आज से नित्य प्रातः सरस्वती वंदना का पाठ करें

- माँ सरस्वती के चित्र की स्थापना करें ,इसकी स्थापना पढ़ने के स्थान पर करना श्रेष्ठ होगा,

- माँ सरस्वती का बीज मंत्र भी लिखकर टांग सकते हैं

- जिन लोगों को सुनने या बोलने की समस्या है वो लोग सोने या पीतल के चौकोर टुकड़े पर माँ सरस्वती के बीज मंत्र "ऐं" को लिखकर धारण कर सकते हैं

- अगर संगीत या वाणी से लाभ लेना है तो केसर अभिमंत्रित करके जीभ  पर "ऐं" लिखवायें,किसी धार्मिक व्यक्ति या माता से लिखवाना अच्छा होगा

आज कौन से विशेष प्रयोग करना लाभकारी होगा ?

- आज के दिन माँ सरस्वती को कलम अवश्य अर्पित करें ,और वर्ष भर उसी कलम का प्रयोग करें

- पीले या सफ़ेद वस्त्र जरूर धारण करें,काले रंग से बचाव करें

- केवल सात्विक भोजन करें तथा प्रसन्न रहें, स्वस्थ रहें

- आज के दिन पुखराज,और मोती धारण करना अतीव लाभकारी होता है,

- आज के दिन स्फटिक की माला को अभिमंत्रित करके धारण करना भी श्रेष्ठ परिणाम देगा

- आज खीर जरूर बनायें और खाएं , घर को सुगन्धित बनाये रक्खें

- अगर लेखन में सफलता पाना चाहते हैं तो लेखन की शुरुआत करने के पहले "ऐं" लिखें

- आपका लेखन शानदार हो जाएगा

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