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दिल्ली चुनावः शाहीन बाग पर बयान देकर फंसे कपिल मिश्रा, EC ने प्रचार पर लगाया बैन

चुनाव आयोग ने बीजेपी प्रत्याशी कपिल मिश्रा के चुनाव प्रचार करने पर 48 घंटे के लिए रोक लगा दी है. इससे पहले कपिल मिश्रा के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी.

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aajtak.in
संजय शर्मा नई दिल्ली, 25 January 2020
दिल्ली चुनावः शाहीन बाग पर बयान देकर फंसे कपिल मिश्रा, EC ने प्रचार पर लगाया बैन बीजेपी कैंडिडेट कपिल मिश्रा (Courtesy- PTI)

  • बीजेपी प्रत्याशी कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR पहले हो चुकी है दर्ज
  • CAA और NRC के खिलाफ शाहीन बाग में किया जा रहा है प्रदर्शन

दिल्ली के शाहीन बाग को मिनी पाकिस्तान बताने वाले बयान पर मॉडल टाउन विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी कपिल मिश्रा की मुश्किलें बढ़ गई हैं. इस बयान को लेकर चुनाव आयोग ने बीजेपी प्रत्याशी कपिल मिश्रा के चुनाव प्रचार करने पर 48 घंटे के लिए रोक लगा दी है.

दिल्ली के मॉडल टाउन से बीजेपी प्रत्याशी कपिल मिश्रा ने शाहीन बाग को मिनी पाकिस्तान कहा था. इसके अलावा कपिल मिश्रा ने यह भी ट्वीट कर कहा था कि आठ फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की सड़कों पर 'हिंदुस्तान और पाकिस्तान' का मुकाबला होगा.

इस मामले में चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा को नोटिस भेजा था. कपिल मिश्रा ने नोटिस का जवाब भी दिया था. इसके बाद चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा पर एक्शन लिया है. इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर चुकी है. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने दिल्ली पुलिस को कपिल मिश्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था.

ये भी पढ़ें: शाहीन बाग जाने वाले थे रामदेव, पुलिस के समझाने पर रद्द किया कार्यक्रम

इसके अलावा चुनाव आयोग ने कपिल मिश्रा को मिनी पाकिस्तान वाले पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है. गुरुवार को चुनाव अधिकारी बनवारी लाल ने कपिल मिश्रा को जारी नोटिस में कहा था कि शाहीन बाग पर आपके बयान को लेकर मीडिया पर कई खबरे हैं, जैसे कि दिल्ली में छोटे-छोटे शाहीन बाग बन गए हैं, शाहीन बाग में PAK की एंट्री और आठ फरवरी को दिल्ली में भारत बनाम पाकिस्तान और आठ फरवरी को दिल्ली की सड़कों पर हिंदुस्तान बनाम पाकिस्तान मुकाबला होगा.

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चुनाव अधिकारी ने कहा था कि आचार संहिता और जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत किसी भी पार्टी या उम्मीदवार का ऐसी गतिविधियों में शामिल होना प्रतिबंधित है, जो आपस में नफरत को बढ़ा सकता है या विभिन्न जाति, समुदाय, धर्म या भाषा के बीच तनाव या नफरत पैदा करता है. लिहाजा इन बयानों को लेकर आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए?

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