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विंची की ‘साल्वाटर मुंडी’ बनी दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग, कीमत सुन उड़ जाएंगे होश

‘साल्वाटर मुंडी’ अर्थात ‘सेवियर ऑफ द वर्ल्ड’ पेंटिंग में ईसा मसीह को चित्रित किया गया है. यह उन चुनिंदा 20 पेंटिंग में से है जिसे आम तौर पर विंसी की कृति के तौर पर स्वीकार किया जाता है.

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aajtak.in [Edited by: मोनिका गुप्ता]नई दिल्ली, 17 November 2017
विंची की ‘साल्वाटर मुंडी’ बनी दुनिया की सबसे महंगी पेंटिंग, कीमत सुन उड़ जाएंगे होश लियोनार्दो द विंची

अमेरिका के न्यूयॉर्क में मशहूर आर्टिस्ट लियोनार्दो द विंची की 500 साल पुरानी एक पेंटिंग ‘साल्वाटर मुंडी’ को एक नीलामी में 45.03 करोड़ डॉलर (तकरीबन 29 अरब रुपए) में खरीदा गया. यह अब तक की सबसे महंगी बिकने वाली पेंटिंग बन गई है. नीलामी करने वाली संस्था क्रिस्टी ने इसकी जानकारी दी.

बता दें कि इससे पहले सबसे महंगी पेंटिंग का कीर्तिमान पाब्लो पिकासो की ‘द वीमेन ऑफ अल्जियर्स’ के नाम था. पिकासो की यह पेंटिंग 2015 में 17.94 करोड़ डॉलर में बिकी थी. इसकी भी नीलामी क्रिस्टी ने ही की थी.

क्या है खासियत ?

क्रिस्टी ने बताया कि ‘साल्वाटर मुंडी’ या ‘सेवियर ऑफ द वर्ल्ड’ पेंटिंग में ईसा मसीह को चित्रित किया गया है. यह उन चुनिंदा 20 पेंटिंग में से है जिसे आम तौर पर विंची की कृति के तौर पर स्वीकार किया जाता है.

महज 20 मिनट में बिक गई पेंटिंग

नीलामी के दौरान महज 20 मिनट के अंदर यह पोंटिंग बिक गई. इस पेंटिंग के लिए 40 करोड़ डॉलर की आखिरी बोली लगाई. फीस के साथ इसकी कीमत करीब 45 करोड़ डॉलर हो गई. बता दें कि आक्शन हाउस ने इसे खरीदने वाले का नाम उजागर नहीं किया है.

500 साल पहले की पेंटिंग

विंची की यह पेंटिंग करीब 1500 ई. के पास की मानी जा रही है. इसे अमेरिका की एक क्षेत्रीय नीलामी में 2005 में पाया गया था. इसके बाद लंबे समय तक इसकी सत्यता प्रमाणित करने का शोध किया गया. सत्यता के दस्तावेजीकरण हो जाने के बाद इसे लंदन के द नेशनल गैलरी में 2011 में प्रदर्शित किया गया था.

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