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क्‍या है जासूस और चार लाशों का सच?

दिल्ली के एक सरकारी कॉलोनी से शनिवार दोपहर बाद जो खबर आई उसने दिल्‍ली वालों के साथ ही पुलिस और देश की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी रॉ को भी दहला दिया. दरअसल, यहां रॉ के एक फील्ड अफसर यानी सरकारी जासूस के घर से एक-दो नहीं बल्कि चार लाशें बाहर निकलीं. खास बात यह कि इसमें से एक लाश खुद उसी सरकारी जासूस की थी.

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मनीष गुप्ता/सुप्रतिम बनर्जी [Edited By: स्‍वपनल सोनल]नई दिल्‍ली, 02 March 2014
क्‍या है जासूस और चार लाशों का सच? रॉ एजेंट के घर में चार लाशें

दिल्ली के एक बेहद महफूज सरकारी कॉलोनी से शनिवार दोपहर बाद जो खबर आई उसने दिल्‍ली वालों के साथ ही पुलिस और देश की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी रॉ को भी दहला दिया. दरअसल, यहां रॉ के एक फील्ड अफसर यानी सरकारी जासूस के घर से एक-दो नहीं बल्कि चार लाशें बाहर निकलीं. खास बात यह कि इसमें से एक लाश खुद उसी सरकारी जासूस की थी. जबकि बाकी की तीन लाशें उनकी पत्नी, बेटे और बेटी की.

दक्षिण दिल्‍ली का सादिक नगर इलाके में रॉ अफसर की लाश घर में पंखे से झूलती मिली. जबकि बाकी तीनों की मौत सिर पर लगी गहरी चोट की वजह से हुई. दोपहर के 3 बज कर 57 मिनट पर डिफेंस कॉलोनी थाने को फोन पर जानकारी मिली कि सादिक नगर के सरकारी फ्लैट नंबर- 47 टाइप-4, सेक्टर तीन में कुछ गड़बड़ है. तमाम पड़ोसी घर के बाहर इकट्ठा हैं पर घर का दरवाजा कोई नहीं खोल रहा. फोन करने वाले ने बताया कि ये सरकारी फ्लैट भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ यानी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग के फील्ड अफसर अनन्‍या चक्रवर्ती का है.

नौकरानी ने घंटी बजाई, लेकिन नहीं खुला दरवाजा
खबर मिलते ही पुलिस की टीम फौरन मौके की तरफ भागती है. पूछताछ में पता चला कि चक्रवर्ती के घर काम करने वाली नौकरानी रोज की तरह दोपहर करीब तीन बजे फ्लैट पर आई, लेकिन कई बार घंटी बजाने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला. नौकरानी को शक हुआ और उसने फौरन पड़ोसियों को ये बात बताई. पड़ोसियों ने भी दरवाजा खुलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला जिसके बाद खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर झांकना चाहा. लेकिन वहां कुछ दिखा नहीं दिया.

पड़ोसियों और नौकरानी की बात सुनने के बाद पुलिस ने फ्लैट का मेन दरवाजा तोड़ने का फैसला किया. दरवाजा तोड़ कर पुलिस जैसे ही अंदर दाखिल हुई हरेक के होश उड़ गए. बेडरूम में रॉ एजेंट अनन्‍या चक्रवर्ती की लाश पंखे से झूल रही थी. जबकि दूसरे कमरे में खून से लथपथ तीन और लाशें पड़ी थीं. ये लाशें चक्रवर्ती की पत्नी जयश्री, उनके 17 साल के बेटे अर्नव और 12 साल की बेटी दिशा की थी.

चार लाशें और कई सारे सवाल
पहली नजर में साफ लग रहा था कि चक्रवर्ती ने गले में फंदा कस कर खुदकुशी की है और उससे पहले अपनी बीवी, बेटे और बेटी के सिर पर किसकी वजनी चीज से हमला कर उन्हें मार डाला. लेकिन यह सिर्फ पहली नजर की तस्वीर थी.

अनन्‍या चक्रवर्ती रॉ के फील्ड अफसर थे और सबसे बड़ी बात ये कि वो एक जिंदादिल इंसान थे. फिर वो खुदकुशी कैसे कर सकते हैं? तो क्या इन चार मौतों के पीछे कोई गहरी साजिश है? क्या ये सचमुच खुदकुशी का मामला है. या फिर इसे खुदकुशी साबित किया जा रहा है? मामला कैबिनट सचिवालय मे तैनात रॉ एजेंट से जुड़ा है इसीलिए पुलिस भी हर पहलू को सामने रख कर मामले की जांच कर रही है. रॉ के आला अफसरों को भी इस बारे में आगाह कर दिया गया है.

शुक्रवार रात से ही कटी थी घर की बिजली
रॉ अफसर के घर की बिजली शुक्रवार रात से ही कटी हुई थी. ये बिजली किसने कटवाई या कैसे कटी ये किसी को नहीं पता. इतना ही नहीं हमेशा तमाम खिड़कियां खुली रखने वाले चक्रवर्ती के घर की सारी खिड़कियां भी शनिवार को बंद थीं. पुलिस चक्रवर्ती और उनकी पत्नी के घर वालों का इंतजार कर रही है ताकि उनसे पूछताछ कर ये पता लगाया जा सके कि दोनों किसी तनाव या दबाव से तो नहीं गुजर रह थे?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक 52 वर्षीय अनन्या चक्रवर्ती रॉ के इलेक्ट्रानिक टेक्निल सेक्शन में फील्ड अफसर के तौर पर काम करते थे. उनके पास खास तौर पर इलैक्ट्रानिक सर्विलासं से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने की जिम्मेदारी थी. इसके तहत देश से बाहर की जाने वाली या देश के अंदर बाहर से आने वाली संदिग्ध कॉल पर नजर रखनी थी. साथ ही ईमेल, सोशल मीडिया और चैट के नए सॉफ्टवेयर की भी वो जांच करते थे. इसके अलावा कोडवर्ड में भेजे जाने वाले मैसेज या फोन कॉल को डीकोड करना भी रॉ के इसी सेक्शन का काम है.

रॉ के खास सेक्‍शन से जुड़े हुए थे अनन्‍या
रॉ की इलेक्‍ट्रॉनिक टेक्निकल सेक्शन का काम केवल बाहर से आने और जाने वाली फोन कॉल तक ही सिमट के नहीं रह जाता बल्कि, इस सेक्शन के तहत ही ईटीएस यानी इलेक्‍ट्रॉनिक टेक्निकल सर्विसेस, एनटीआरओ यानी नेशनल टेक्नीकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन और रेडियो रिसर्च सेंटर जैसी महत्वपूर्ण एजेंसियां भी आती हैं. इन एजेंसियों का काम देश के बाहर हो रही हर हरकत पर नजर रखना है. इन एजेंसियों के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं. इंटेलीजेंस से जुड़े लोग ही जानते हैं कि इन एजेंसियों का काम क्या है और यह कैसे काम करती है. अनन्या चक्रवर्ती रॉ के इसी खास सेक्शन से जुड़े हुए थे.

मिलनसार स्‍वभाव के थे अनन्‍या चक्रवर्ती
ग्लोबल आतंकवाद में जिस तरह तकनीक का प्रयोग बढ़ता जा रहा है रॉ के इलेक्‍ट्रॉनिक टेक्निकल सेक्शन का काम रॉ के अंदर बेहद ही खास होता जा रहा है. अनन्‍या चक्रवर्ती के ज्यादातर पड़ोसी भी सरकारी अफसर हैं और अलग-अलग डिपार्टमेंट में तैनात हैं. पड़ोसियों की मानें तो चक्रवर्ती बेहद मिलनसार और खुशमिजाज शख्स थे. हमेशा पड़ोसियों के साथ घुलमिल कर रहते थे. यहा तक कि दुर्गा पूजा समिति के मेंबर भी थे. पर हां, पड़ोसियों को ये नहीं पता था कि वो रॉ के अफसर हैं.

चक्रवर्ती की पत्नी भी बेहद मिलनसार थीं. वो सरकारी कॉलोनी के बच्चों को डांस सिखाया करती थीं. दोनों बच्चे भी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे थे. चक्रवर्ती की पत्नी जयश्री इरविन स्कूल में सोशल स्टडीज की टीचर थीं.

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