एडवांस्ड सर्च

बाजवा ने कलेवर ही नहीं तेवर भी बदले, अपने दिन गिन रहे इमरान खान?

पाकिस्तान का पूरा विपक्ष पहले से ही इमरान खान को सत्ता से बेदखल करने में लगा था. मगर अब पाकिस्तानी आर्मी चीफ जरनल बाजवा जैसे ही सेना की वर्दी उतार कर सूट-बूट में एक मीटिंग में पहुंचे इन अफवाहों को और बल मिल गया.

Advertisement
aajtak.in
शम्स ताहिर खान / परवेज़ सागर नई दिल्ली, 07 October 2019
बाजवा ने कलेवर ही नहीं तेवर भी बदले, अपने दिन गिन रहे इमरान खान? पास सेना कई बार पाकिस्तान पर राज कर चुकी है

  • सेना प्रमुख ने कारोबारियों के साथ की बैठक
  • सेना के कई अन्य अधिकारी भी थे शामिल
  • बढ़ सकती हैं इमरान की मुश्किलें

क्या पाकिस्तान में फिर से इतिहास दोहराया जाने वाला है? क्या पाकिस्तान में इस बार भी प्रधानमंत्री पांच साल का अपना तय कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगे? और क्या पकिस्तान में एक बार फिर तख्तापलट की तैयारी है? पाकिस्तान के अंदर से जो खबर आ रही है उसके हिसाब से इन सारे सवालों के जवाब हां में हैं. पाकिस्तान का पूरा विपक्ष पहले से ही इमरान खान को सत्ता से बेदखल करने में लगा था. मगर अब पाकिस्तानी आर्मी चीफ जरनल बाजवा जैसे ही सेना की वर्दी उतार कर सूट-बूट में एक मीटिंग में पहुंचे इन अफवाहों को और बल मिल गया.

खतरे में है इमरान की कुर्सी

पाकिस्तान सेना मुख्यालय में एक बैठक हुई. जिसे देखकर माना जा रहा है कि पाकिस्तान में मामला पलट चुका है और अब बस तख्ता पलटने की देर है. उस मीटिंग को आप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का तख्ता पलट होने का ट्रेलर समझिए. क्योंकि कराची में आयोजित वो कोई आम बैठक नहीं है. बल्कि मुल्क से इमरान खान के बोरिया-बिस्तर समेटने का इशारा है. काउंटडाउन है प्रधानमंत्री की कुर्सी में उनके बचे हुए दिनों का. क्योंकि पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने अब वर्दी उतारकर पैंट-शर्ट और सूट-बूट पहन लिया है. बाजवा ने अपने कलेवर ही नहीं तेवर भी बदल दिए हैं.

कारोबारियों के साथ सेना प्रमुख बाजवा की बैठक

पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के इस हुलिये से उनकी मंशा को समझने की कोशिश कीजिए. क्योंकि बाजवा ने सिर्फ हुलिया ही चेंज नहीं किया बल्कि किरदार भी चेंज कर लिया है. और अब वो पाकिस्तान की ड्राइविंग सीट पर बैठ गए हैं. यानी मुल्क पर अब उनका राज चलेगा. बस ऐलान बाकी है. वरना सोचिए कि जिन कारोबारियों के साथ मुल्क की आर्थिक नीति पर इमरान खान को बात करनी चाहिए. वो काम सूट-बूट पहनकर कमर बाजवा कर रहे हैं. कराची में मुल्क के बड़े बिज़नेसमैनों के साथ बाजवा की ये कोई पहली मीटिंग भी नहीं है. बल्कि इससे पहले वो अलग अलग कारोबारियों के साथ कराची और रावलपिंडी के सैन्य ठिकानों पर भी मुलाकात कर चुके हैं.

मीटिंग में सेना के प्रवक्ता भी थे मौजूद

बैठक की तस्वीरों को देखकर साफ पता चल रहा है कि वहां पीछे की तरफ कारोबारियों की इस मीटिंग में सेना के प्रवक्ता आसिफ गफूर हैं. यानी ये मीटिंग बाकायदा आधिकारिक तौर पर की जा रही है. आपके ज़हन में ये ख्याल आ सकता है कि इस बैठक का इमरान के तख्तापलट से क्या रिश्ता है. कई ऐसे ही सवाल लोगों के जहन में आ सकते हैं. इस बैठक को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

पहले भी हो चुकी हैं दो गुप्त बैठकें

दरअसल, इससे पहले भी दो मीटिंग गुप्त तरीके से हुई थीं. जिनकी जानकारी बाहर नहीं आ पाई. मगर अब इस इमरान के तख्तापलट पर बने सस्पेंस को हटाने की तैयारी की जा रही है. क्योंकि बैठक के बाद सेना ने बाकायदा इसकी जानकारी भी दी और एक प्रेस नोट भी जारी किया. इसके मुताबिक पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा उसके बिजनेस से जुड़ी है, इसी वजह से आज सेना प्रमुख ने देश के बड़े व्यापारियों के साथ बैठक की.

सेना प्रमुख ने इस्तेमाल की अपनी शक्ति

एक तरफ तो पाकिस्तान के बड़े बिजनेसमैन इमरान खान की नीतियों से परेशान चल रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ 10 साल में ये पहला मौका है, जब केंद्रीय बजट में सेना का कोटा नहीं बढ़ाया गया. पाकिस्तान सरकार के इस फैसले से बाजवा की फौज तो नाराज़ है ही, कारोबारी भी उखड़ गए हैं. इसीलिए खुद सेना प्रमुख कमर बाजवा ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कमान संभाली और कारोबारियों की मुश्किलों को समझने के लिए खुद ही वर्दी उतार सूट-बूट में बैठक करने के लिए पहुंच गए. बड़े कारोबारियों को कराची के सेना मुख्यालय में बुला गया. जहां ये मीटिंग हुई.

तख्तापलट की अटकलें भी तेज़

सेना पहले से ही पाकिस्तान में कई तरह के कारोबार चला रही है. और ऐसे में प्रधानमंत्री इमरान खान के बिना कारोबारियों के साथ हुई इस मीटिंग को जानकार सेना की तरफ से तख्तापलट करने का नरम तरीका मान रहे हैं. और इस बैठक के बाद पाकिस्तान में तख्तापलट की अटकलें भी तेज़ हो गईं हैं. मीडिया चैनल में एक्सपर्ट भी इस बात को रख रहे हैं कि पाकिस्तान में अब लोग नए विकल्प की तलाश में हैं. और सेना से बड़ा विकल्प मुल्क की अवाम के पास कोई नहीं है. ऐसे में अब तख्तापलट ही सबसे बड़ा रास्ता है.

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति खराब

कश्मीर के मुद्दे पर इमरान खान हर मोर्चे पर फेल हो चुके हैं. तमाम कोशिशों के बाद भी दुनिया के किसी देश ने उनका साथ नहीं दिया और इन सबके बीच पाकिस्तान की माली हालत भी बेहद खराब हो चुकी है. पाकिस्तान कर्ज में डूबा हुआ है. और विकास दर महज़ 2 फीसदी रह गई है. बजट घाटा पिछले 30 साल में सबसे ज्यादा पहुंच चुका है. ऐसे बदतर हालात में सेना पाकिस्तान की कमान हाथ में लेते हुए दिख रही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay