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बॉर्डर के पुनमंजोम गांव में मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन!

आखिरकार ये तय हो गया है कि साल 2018 की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना का गवाह कौन सा देश या शहर बनने जा रहा है. जी हां. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह मार्शल किम जोंग उन की मुलाकात दुनिय़ा के सबसे खतरनाक बॉर्डर पर होने जा रही है. यानी उत्तर और दक्षिण कोरिया के उसी बॉर्ड़र पर जहां 27 अप्रैल को इन दोनों देशों के नेता मिले थे. खुद डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि किम के साथ वो बॉर्डर पर बने पीस हाउस में मुलाकात करेंगे.

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aajtak.in
परवेज़ सागर/ शम्स ताहिर खान नई दिल्ली, 04 May 2018
बॉर्डर के पुनमंजोम गांव में मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग उन! बॉर्डर के पीस हाउस का आइडिया खुद ट्रंप ने दिया है

आखिरकार ये तय हो गया है कि साल 2018 की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना का गवाह कौन सा देश या शहर बनने जा रहा है. जी हां. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह मार्शल किम जोंग उन की मुलाकात दुनिय़ा के सबसे खतरनाक बॉर्डर पर होने जा रही है. यानी उत्तर और दक्षिण कोरिया के उसी बॉर्डर पर जहां 27 अप्रैल को इन दोनों देशों के नेता मिले थे. खुद डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि किम के साथ वो बॉर्डर पर बने पीस हाउस में मुलाकात करेंगे.

दो देशों की सीमा पर मिलेंगे किम और ट्रंप

ना वॉशिंगटन में, ना प्योंगयांग में. ना चीन में, ना जापान में. ना मंगोलिया में, ना स्वीडन में. अब पुनमुंजोम में होगी सबसे बड़ी मुलाकात. नार्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति की मुलाकात. लंबी जद्दोजहद के बाद आखिर ये तय हो ही गया कि ट्रंप और किम के बीच इस साल की सबसे बड़ी मुलाकात, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बॉर्डर जिसे पुनमंजोम कहा जाता है वहां होगी. हालांकि अभी भी ये तय नहीं हुआ है कि दोनों नेता मिलेंगे कब. लेकिन बताया जा रहा है कि ये आमना-सामना मई के आखिरी हफ्ते या जून के शुरुआती हफ्ते में हो सकता है.

इसी बॉर्डर पर मिले थे मून जे और किम

मीटिंग के लिए पुनमंजोम का चुनाव उस फैसले के बाद हुआ, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये तय किया कि वो उत्तर कोरिया के मार्शल किम जोंग उन से बाचचीत के लिए प्योंगयांग नहीं जाएंगे. हालांकि ये फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिहाज़ से लिया गया. इसके ये मायने कतई नहीं है कि ये मीटिंग कैंसिल हो जाएगी या फिर इसमें ट्रंप शामिल नहीं होंगे. क्योंकि अब मुलाकात के लिए उस पुनमंजोम को फाइनल कर दिया गया है, जहां दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे ने किम जोंग उन से मुलाकात की थी.

ट्रंप ने दिया था पुनमंजोम का प्रस्ताव

खबर है कि पुनमंजोम का आइडिया खुद ट्रंप की तरफ से आया था, जिसको किम ने भी हरी झंडी दे दी है. कोरियाई पेनिनसुला में पुनमंजोम वो जगह है जो बंटवारे के दौरान बीचो बीच में आई. लिहाज़ा इसका एक हिस्सा दक्षिण कोरिया में तो दूसरा उत्तर कोरिया में है. साल 1953 के यहां कोरियाई युद्ध के बाद युद्ध विराम लागू किया गया जो अभी तक जारी है. आपके लिए ये जानना भी बेहद दिलचस्प है कि युद्ध विराम के बावजूद ये दुनिया का सबसे खतरनाक बॉर्डर है. यही वजह है कि उत्तर और दक्षिण कोरिया की सीमा एक बार फिर से चर्चा का विषय बनने के साथ-साथ ऐतिहासिक वार्ता का भी गवाह बनने वाली है.

पीस हाउस पर ट्रंप ने किया था ट्वीट

पुनमंजोम के जिस पीस हाउस में दोनों नेताओं की मुलाकात होनी है, वो इसी उत्तर और दक्षिण कोरियाई सीमा पर है. पीस हाउस में मीटिंग का सुझाव देते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया है. उत्तर कोरिया के साथ शिखर बैठक के लिए कई देशों पर विचार किया जा रहा है. लेकिन किसी तीसरे देश की अपेक्षा पीस हाउस या फ्रीडम हाउस ज्यादा महत्वपूर्ण और स्थायी जगह है.

कुछ शर्तों के बीच होगी ये मुलाकात

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक इंटरव्यू में कहा था कि किम के साथ शिखर वार्ता के लिए पांच जगहों पर विचार किया जा रहा है. हालांकि वो कई बार इस बातचीत के लिए शर्त भी रख चुके हैं. आपको बता दें कि अमेरिका किम से परमाणु कार्यक्रम बंद करने की शर्त पर ही राज़ी हुआ है. हालांकि अपनी आदत से उलट किम के तेवर में अब काफी नरमी आ चुकी है. पिछले दिनों मून से हुई मुलाकात में किम ने कहा था कि अगर अमेरिका कोरियाई युद्ध को औपचारिक रूप से खत्म करने का वादा करे और उत्तर कोरिया पर हमला नहीं करने का वचन दे, तो उनका देश परमाणु हथियारों को त्यागने को तैयार है. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है, तो उन्हें एक बार फिर सोचना पड़ेगा.

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