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बार बाला से हुआ प्रेम, करोड़ों लुटाए फिर गला रेत कर ले ली जान

प्रितेश ने अपनी प्रेमिका ज्योति सुरजीत सिंह पर करोड़ों रुपये लुटा डाले. वह जल्द ही अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने वाला था, लेकिन तभी ऐसा कुछ हुआ कि उसका सारा प्रेम नफरत में बदल गया और उसने ऐसा किया जो शायद ही कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका के साथ करना चाहे.

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सुप्रतिम बनर्जी / आशुतोष कुमार मौर्य सूरत, 05 January 2018
बार बाला से हुआ प्रेम, करोड़ों लुटाए फिर गला रेत कर ले ली जान केले के खेत में प्रेमिका की गला रेतकर हत्या

गुजरात के सूरत से एक ऐसी अजीबोगरीब प्रेम कहानी सामने आई है कि सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो जाएं और प्रेम से उनका भरोसा उठ जाए. प्रेम में धोखा और जुर्म की यह कहानी ऐसी है कि यकीन करना भी मुश्किल होगा. एक ऐसी लव स्टोरी, जिसमें एक आशिक़ ने ही अपनी माशूक का सिर कलम कर दिया. ऐसा भी नहीं है कि वह कोई साधारण प्रेमी था या उसका अपनी प्रेमिका से जी भर गया था.

सूरत के टिंबा गांव का रहने वाला प्रितेश पटेल शादीशुदा था, लेकिन उसकी नजरें मुंबई की एक बार बाला से ऐसी टकराईं कि वह सबकुछ भूल गया और उसे अपना दिल दे बैठा. प्रितेश ने अपनी प्रेमिका ज्योति सुरजीत सिंह पर करोड़ों रुपये लुटा डाले. वह जल्द ही अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने वाला था, लेकिन तभी ऐसा कुछ हुआ कि उसका सारा प्रेम नफरत में बदल गया और उसने ऐसा किया जो शायद ही कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका के साथ करना चाहे.

कहानी दो साल पहले शुरू होती है, जब गुजरात के सूरत से प्रितेश मुंबई घूमने गया था. मुंबई घूमते हुए प्रितेश एकदिन एक बार में पहुंचा. बार में कई बार बालाएं डांस कर रही थीं. तमाम लोगों की नज़रें डांसरों के ठुमके और उनके मटकते जिस्मों को घूर रही थीं. तब वो उन्हीं बार बालाओं में से किसी की आंखों में अपने लिए प्यार तलाश रहा था. तभी अचानक उसकी नज़रें इन नज़रों से टकराई. पहली नज़र में ही वो नज़रें दिल की गहराईयों में उतर गईं.

फिर तो जैसे उन कातिल निगाहों की लत लग गई उसे. बस उसी दिन उसने फैसला कर लिया कि इन नज़रों पर अगर किसी का हक़ होगा तो सिर्फ और सिर्फ उसी का होगा. प्रितेश ज्योति से मिलने का बहाना ढूंढने के लिए उस बार में बार-बार जाने लगा और धीरे-धीरे वह ज्योति के दिल में जगह बनाने में सफल रहा. दोनों का प्यार पनप उठा. अब दोनों की मुलाकातें बढ़ने लगीं.

पंजाब के भटिंडा की रहने वाली ज्योति सुरजीत सिंह दरअसल एक बार डांसर थी और अपने परिवार की दुश्वारियों को दूर करने के लिए ही मुंबई आई थी. यहां वो कमाती थी और वहां भटिंडा में उसकी छोटी बहन के साथ साथ उसका परिवार पलता था. बला की खूबसूरत ज्योति को अंदाज़ा भी नहीं था कि उसकी गरीबी दूर होने वाली है. वह भी ऐसे कि उसने कभी सोचा भी न होगा. करोड़ों में खेलने वाली थी ज्योति.

इसी बीच बार में ही ज्योति की मुलाकात प्रितेश पटेल से हुई. सूरत के कामरेज का रहने वाले प्रितेश पटेल को ज्योति इस कदर भाई कि उसने एक झटके में उसकी ज़िंदगी बदल दी. ज्योति पर प्रितेश पैसा लुटाता रहा, वो खिलखिलाती रही. प्रितेश ने ज्योति को गाड़ी दिलाई, बंगला दिलाया, कपड़े दिलाए, उसके गले पर मंहगी ज्वैलिरी सजाई. दोनों विवाह की योजना बनाने लगे. प्रितेश को ज्योति का इस तरह बार में नाचना पसंद नहीं था.

प्रितेश ने ज्योति की बार में डांस करने की नौकरी छुड़वा दी. यहां तक कि ज्योति ने मुंबई में रहना ही छोड़ दिया. हमेशा साथ रहने का भरोसा दिलाकर प्रितेश ने ज्योति से उसका काम छुड़वा दिया और भटिंडा में 1.5 करोड़ का आलीशान बंग्ला खरीद दिया. अब ज्योति की जिंदगी ऐशो-आराम से कटने लगी थी. उसके पास हर कीमती सामान था, महंगी गाड़ी थी और गाड़ी के लिए ड्राइवर भी था. प्रितेश जब ज्योति से मिलता तो लाखों रुपये तो सिर्फ उसके लिए शापिंग में उड़ा देता.

लेकिन फिर उसी के गले को उसने हसिए से काट कर अलग कर दिया. क्यों किया प्रितेश ने ऐसा जबकि ज्योति तो उसकी सालगिराह का जश्न मनाने हज़ारों किमी दूर से आई थी. बीती 27 दिसंबर को ज्योति अपने ड्राइवर और उसकी पत्नी के साथ प्रितेश का बर्थ डे सेलिब्रेट करने टिम्बा पहुंची, जहां दोनों ने मिलकर सालगिरह का जश्न मनाया. जिसके बाद चारों लोग 4 दिन तक मुंबई वापस लौटे और एक होटल में ठहरे, जहां प्रितेश ने ज्योति को लाखों रुपयों की शॉपिंग भी कराई. लेकिन इसके बाद प्रितेश अपने गांव में केले के खेत दिखाने के बहाने ज्योति को वापस अपने गांव टिंबा ले गया.

कामरेज के टिम्बा गांव के इन खेतों में पहुंचते ही न जाने प्रितेश पर कौन सा भूत सवार हुआ और वह आशिक से कातिल बन बैठा. ज्योति के ड्राइवर संदीप सिंह और उसकी पत्नी निकिता के सामने हीउसने हसिए से ज्योति का गला काट कर धड़ से अलग कर डाला. समझना मुश्किल था कि ज्योति से बेपनाह मोहब्बत करने वाले प्रितेश ने आखिर उसे इतनी बेरहम मौत क्यों दी, जबकि तमाम दौलत लुटाने के बावजूद वह ज्योति से सिर्फ और सिर्फ सच्ची मोहब्बत की उम्मीद कर रहा था.

सवाल यह था कि जिससे प्रितेश ने नाज़ों से मोहब्बत की, उसके हर नखरे उठाए, हर ख्वाहिश पूरी की, उसे इतनी बेरहम मौत क्यों? क्यों उसके गले से रिसते हुए खून से उसका कलेजा नहीं कांपा, क्यों उसकी चीख से उसका दिल नहीं पिघला, क्यों उसकी बेबस नज़र पर उसको रहम नहीं आया. कहीं ऐसा तो नहीं था कि ज्योति से प्रितेश का दिल भर गया था और वह उसे रास्ते से हटाना चाहता था.

शायद नहीं क्योंकि आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्योति से प्यार करने वाला प्रितेश न सिर्फ शादीशुदा था बल्कि ज्योति से मोहब्बत की वजह से ही वो अपनी बीवी से अलग रहता था. वह अपनी बीवी को तलाक देने वाला था ताकि ज्योति के साथ घर बसा सके. तो फिर उसने उसे इस बेरहमी से मारा क्यों ये सवाल अभी खड़ा हुआ था. प्रितेश की इस खूनी कहानी में इतने उतार-चढ़ाव थे कि इस कहानी का अंजाम तो खूनी होना ही था. प्रितेश और उसकी बीवी की ज़िंदगी में ज्योति वो बनकर आई थी.

जिसके प्यार में प्रितेश इस कदर दीवाना था कि वो अपना सबकुछ उसपर न्योछावर करने को बेकरार रहता था. मगर असली कहानी तो इसके बाद शुरू होती है. दूसरी तरफ कहानी ज़रा उलटी थी. ज्योति प्रितेश से प्रेम का नाटक तो कर रही थी मगर चोरी छिपे प्यार किसी और से करती थी. जिस ज्योति के लिए प्रितेश अपना सब कुछ लुटा रहा था, वह अय्याशी तो प्रितेश के पैसों पर कर रही थी मगर प्यार की पींगें किसी और से बढ़ा रही थी. यानी प्रितेश और ज्योति की कहानी में भी एक वो था और ये वो भटिंडा का ही रहने वाला एक लड़का था.

लेकिन कहते हैं न, इश्क और मुश्क छिपाए नहीं छुपते. लिहाज़ा एक दिन यह राज़ भी खुल गया. 27 दिसंबर को प्रीतेश का बर्थ डे मनाकर प्रितेश और ज्योति अपने ड्राइवर के साथ मुंबई में नए साल का जश्न मनाने निकले. मुंबई में वे एक होटल में करीब चार दिन रुके. मुंबई में रहने के दौरान प्रितेश को शक हुआ कि ज्योति चोरी छिपे किसी और से बात करती है. जब उसने पता करने की कोशिश की तो मालूम चला कि ज्योति का किसी और लड़के से अफेयर चल रहा है.

प्रितेश खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा था . दोनों में काफी कहासुनी भी हुई. मगर प्रितेश का गुस्सा ठंडा नहीं पड़ा लिहाज़ा उसने बनाया ज्योति का कत्ल करने का प्लान. प्लान के मुताबिक प्रितेश ने ज्योति को सूरत के कामरेज में केले के खेत दिखाने के लिए बुलाया और मंगलवार दोपहर करीब 1.0 बजे अपने ड्राइवर और उसकी बीवी के साथ ज्योति टिंबा पहुंची. जब वे खेतों में पहुंचे तो प्रितेश ने ड्राइवर और उसकी पत्नी को कार से उतार दिया और ज्योति को अकेले घुमाकर लाने की बात कहकर केले के खेत में ले गया और वहां हसिए से उसने उसका सर धड़ से अलग कर हत्या कर दी.

जिस वक़्त पुलिस ने आरोपी प्रितेश को गिरफ्तार किया उस वक्त उसकी टीशर्ट खून से सनी हुई थी. हालांकि अभी ये साफ नहीं हो पाया है कि आरोपी प्रितेश ने अपने जुर्म कबूला है या नहीं. कहते हैं किए की सज़ा इसी जन्म मे मिल जाती है. प्रितेश ने ज्योति के लिए अपनी पत्नी से दगा किया तो ज्योति ने किसी और के लिए प्रितेश से बेवफाई कर दी. मगर प्यार इश्क और मोहब्बत का यह खेल ज्योति को बहुत महंगा पड़ा.

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