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जानिए क्या है अमेरिकी एजेंसी CIA का 'मिशन किम जोंग उन'

उत्तर कोरिया के तानाशाह मार्शल किम जोंग उन पर एक नया खतरा मंडराने लगा है. ये खतरा किसी और से नहीं बल्कि दुनिया की सबसे खतरनाक सीक्रेट सर्विसेज में से एक सीआईए से है. दरअसल, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने अपना अगला टार्गेट किम जोंग उन को ही बनाया है. किम जोंग उन अमेरिका की तमाम धमकियों के बावजूद परमाणु परीक्षण की ना सिर्फ झड़ी लगा रहा है बल्कि लगतारा अमेरिका पर बम बरसाने की धमकी भी दे रहा है. बस इसीलिए अब सीआईए ने सीधे किम जोंग उन को ही निशाना बना लिया है.

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परवेज़ सागर/ शम्स ताहिर खान नई दिल्ली, 11 November 2017
जानिए क्या है अमेरिकी एजेंसी CIA का 'मिशन किम जोंग उन' किम के खिलाफ ट्रंप का ये प्लान परेशानी का सबब बन सकता है

उत्तर कोरिया के तानाशाह मार्शल किम जोंग उन पर एक नया खतरा मंडराने लगा है. ये खतरा किसी और से नहीं बल्कि दुनिया की सबसे खतरनाक सीक्रेट सर्विसेज में से एक सीआईए से है. दरअसल, अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने अपना अगला टार्गेट किम जोंग उन को ही बनाया है. किम जोंग उन अमेरिका की तमाम धमकियों के बावजूद परमाणु परीक्षण की ना सिर्फ झड़ी लगा रहा है बल्कि लगतारा अमेरिका पर बम बरसाने की धमकी भी दे रहा है. बस इसीलिए अब सीआईए ने सीधे किम जोंग उन को ही निशाना बना लिया है.

पिछले कई दशकों से अमेरिका का सामना किसी ऐसे दुश्मन से नहीं हुआ जो उससे डरता ना हो या फिर जिसने उसा डराया हो. मगर कोरियाई पेनिसुला के इस छोटे से देश और उस छोटे से देश के इस छोटे कद वाला शासक ना तो अमेरिका से डरता है बल्कि उसे डराता भी है.

लाख कोशिश के बाद भी अमेरिका की समझ में नहीं आ रहा है कि वो इस किम जोंग उन का क्या करे? क्योंकि धमकियों से ये डरता नहीं और हथियारों का तो खुद उसने ज़खीरा खोल रखा है. लिहाज़ा अमेरिका को अब समझ में आने लगा है कि इसे न तो धमका कर और न ही हथियारों का रौब दिखाकर दबाया जा सकता है इसलिए किम को मारने के लिए उसने अपने खुफिया किलर छोड़ दिए हैं. जो अब तक कई नाकाम कोशिशें कर चुके हैं.

यूएसए के इस खुफिया मिशन का खुलासा खुद उत्तर कोरिया की सेंट्रल न्यूज एजेंसी केसीएनए ने किया है. इस कोरियाई एजेंसी के मुताबिक इस साल मई में CIA और दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी के आदेश पर कुछ खूंखार आतंकियों ने उत्तर कोरिया में किम जोंग उन के मुख्यालय पर केमिकल हमला करने के मकसद से घुसपैठ की. जिन्हें हमले से पहले ही पकड़ कर इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया गया.

इस खुलासे के बाद नार्थ कोरिया ने अमेरिका को बदनाम करने के लिए उसी हथियार का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. जिसका इस्तेमाल खुद अमेरिका दूसरे देशों को बदनाम करने के लिए किया करता था. उत्तर कोरिया ने अपने शासक की हत्या की साज़िश के लिए सीआईए के इस कदम को आतंकी कदम और सीआईए को आतंकी संगठन करार दिया है.

दूसरे देशों में सरकार उखाड़ फेंकने को सही ठहराने के लिए अमेरिका गिरगिट की तरह रंग बदलता है. अमेरिका पर ये भी आरोप लगाया गया कि अफगानिस्तान, इराक और लीबिया में हस्तक्षेप को सही ठहराने के लिए उसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को जरिया बनाया. अब अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने रासायनिक हथियार के जरिए मार्शल किम जोंग उन को मारने की कोशिश की. अमेरिका की ये घिनौनी हरकत बताती है कि दुनिया में फैले आतंकवाद की जड़ में वो खुद है.

खुफिया सूत्रों के मुताबिक अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने मिलकर नार्थ कोरिया के शासक किम जोंग उन को उसी के देश में, उसी के लोगों के सामने मारने का प्लान बनाया था. उसे मारने के लिए जिस किलर को सुपारी दी गई है उसका नाम भी किम है. जानकारी के मुताबिक वो उत्तर कोरिया में दाखिल भी हो चुका है. मगर ये इकलौता प्लान नहीं है जो अमेरिका ने उत्तरकोरिया के राष्ट्राध्यक्ष को मारने के लिए बनाया है. बल्कि इससे पहले भी अमेरिका ऐसी कोशिश कर चुका है.

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