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Russian serial killer रशियन सीरियल किलर आंद्रेई शिकाटिलो की खौफनाक दास्तान

Russian serial killer आंद्रेई शिकाटिलो कत्ल से पहले महिलाओं को निर्वस्‍त्र कर देता था. फिर उनके हाथ-पैर बांध देता था. इसके बाद जब तक महिला कुछ समझ पाती, वो उसका कत्ल कर देता था.

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aajtak.in
परवेज़ सागर नई दिल्ली, 31 January 2019
Russian serial killer रशियन सीरियल किलर आंद्रेई शिकाटिलो की खौफनाक दास्तान रूस में आंद्रेई शिकाटिलो का नाम किसी खौफ से कम नहीं था (फाइल फोटो)

जुर्म की दुनिया का इतिहास कई खौफनाक मुजरिमों की करतूतों से भरा पड़ा है. इन्हीं में ऐसे कातिल भी शामिल हैं, जिन्होंने एक दो नहीं बल्कि कई कई कत्ल किए. कत्ल ही बल्कि मरने वालों की लाशों के साथ हद दर्ज की हैवानियत भी दिखाई. ऐसा ही एक नाम है रूस के कुख्यात सीरियल किलर आंद्रेई शिकाटिलो का. रूस में ये नाम किसी खौफ से कम नहीं है. वो पहले महिलाओं की हत्या करता था. फिर उनकी लाश के साथ शारीरिक संबंध बनाता था.

आंद्रेई शिकाटिलो का जन्म 16 अक्टूबर, 1936 को सोवियत रूस के यूक्रेन में हुआ था. वह पेशे से टीचर था. लेकिन वो बचपन में यौन हीन भावना से ग्रस्त हो गया था. इसी का नतीजा था कि वो हर वक्त इसी बारे में सोचता था. उसके सिर पर जुनून सवार हो जाता था. जिसमें वो कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहता था. यही वजह थी कि उसे महिलाओं का कत्ल कर अपनी हवस मिटाने की लत लग गई थी.

रूस के आपराधिक इतिहास के आंकडे बताते हैं कि आंद्रेई शिकाटिलो 1978 से 1990 के बीच 56 से ज्यादा लोगों की हत्याएं की थीं. उसके निशाने पर अधिकर महिलाएं होती थीं. वह ड्रग्स के बहाने महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनकी हत्या कर देता.

उसे एक अजीब तरह का शौक था. वो कत्ल से पहले महिलाओं को निर्वस्‍त्र कर देता था. फिर उनके हाथ-पैर बांध देता था. इसके बाद जब तक महिला कुछ समझ पाती, वो उसका कत्ल कर देता था. हत्या के बाद वो महिला की लाश के साथ शारीरिक संबंध बनाता था.

अपनी हवस मिटाने के बाद आंद्रेई अपने शिकार की आंखें निकाल लेता था. उसके बाद वो महिला के प्राइवेट पार्ट काट दिया करता था. मानो उस वक्त उसके सिर पर शैतान सवार हो जाता था. रूस के पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आंद्रेई शिकाटिलो ने अपना पहला शिकार 1981 में 17 साल की एक लड़की को बनाया था.

अपनी घिनौनी और खौफनाक वारदातों से वो इतना बदनाम हुआ कि उसे बुचर ऑफ रोस्तोव, दी रेड रीपर और दी रोस्तोव रीपर के नाम से भी जाना जाता था. लेकिन कहते हैं कि जुर्म के पांव नहीं होते. आखिर एक दिन ये सनकी हत्यारा पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया.

पुलिस ने 20 नवंबर, 1990 को आंद्रेई शिकाटिलो को गिरफ्तार किया. हैरानी की बात ये थी कि पकड़े जाने के बावजूद उसने अपना जुर्म कबूल नहीं किया था. अदालत में मामला चलता रहा. लेकिन 14 फरवरी, 1994 को उसे उसके गुनाहों की सजा मिल गई. उसके सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी.

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