एडवांस्ड सर्च

पुलिस को चकमा दे फरार कुख्यात सीरियल किलर, लापरवाह पुलिसकर्मी सस्पेंड

पुलिसकर्मी किसी शख्स से बातचीत में मशगूल हो गया. इसी का फायदा उठाकर अरुण अचानक चकमा देकर भाग निकला. उसके साथ मौजूद पुलिसकर्मी को पता भी नहीं पड़ा कि वो कहां भाग निकला.

Advertisement
सुनील नामदेव [Edited by : आशुतोष]दुर्ग, 08 May 2018
पुलिस को चकमा दे फरार कुख्यात सीरियल किलर, लापरवाह पुलिसकर्मी सस्पेंड कुख्यात सीरियल किलर अरुण चंद्राकर

छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों की भारी लापरवाही सामने आई है. सात लोगों की हत्या करने वाले खतरनाक सीरियल किलर कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस वालों को चकमा देकर फरार हो गया. सीरियल किलर अरुण चंद्राकर के फरार हुए 24 घंटे हो चुके हैं और पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं. लापरवाह पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

अरुण चंद्राकर की तलाश में पुलिस ने इस बीच उसके कई संभावित ठिकानों पर खोजबीन, उसके रिश्तेदारों से पूछताछ की और दुर्ग तथा रायपुर के आस-पास के लोहारों से भी संपर्क किया. दरअसल पुलिस को पूरी उम्मीद है कि फरार सीरियल किलर हथकड़ी कटवाने के लिए किसी न किसी लोहार या फिर गैस कटर से जुड़े कारोबारियों के पास जाएगा. लेकिन सारी कोशिशों के बावजूद पुलिस को सीरियल किलर अरुण चंद्राकर का कुछ अता-पता नहीं चल सका है.

जानकारी के मुताबिक, अपने पिता और पत्नी समेत कुल सात लोगों की हत्या करने वाले सीरियल किलर अरुण चंद्राकर को पुलिस सोमवार को दुर्ग कोर्ट पेशी के लिए लाई थी, लेकिन इसी बीच अरुण पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया.

बताया जाता है कि सोमवार को दोपहर में अरुण को लेकर आए पुलिस वाले पेशी के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे ते और कोर्ट रूम के बाहर बैठे हुए थे. अदालत परिसर में लोगों की काफी भीड़ थी. अरुण के साथ एक पुलिसकर्मी भी मौजूद था, जो उसकी निगरानी में जुटा था.

लेकिन इसी बीच पुलिसकर्मी किसी शख्स से बातचीत में मशगूल हो गया. इसी का फायदा उठाकर अरुण अचानक चकमा देकर भाग निकला. उसके साथ मौजूद पुलिसकर्मी को पता भी नहीं पड़ा कि वो कहां भाग निकला. जब वो मौके पर नहीं दिखा तब उसे कोर्ट रूम के भीतर और बाहर खोजा गया. इसके बाद पुलिसकर्मी अदालत परिसर से बाहर दौड़े, लेकिन अरुण दूर-दूर तक नजर नहीं आया.

अरुण की फरारी से रायपुर और दुर्ग की पुलिस में हड़कंप मच गया है. उसकी तलाश में पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के घर गुंडरदेही गांव और ग्राम कचांदुर में तीन जगह छापे मारे पर वो वहां नहीं मिला. पुलिस के मुताबिक अरुण के साथ चार और बंदियों को भी पेशी के लिए दुर्ग कोर्ट भेजा गया था. पांचों कैदियों की निगरानी के लिए पांच पुलिसकर्मी नियुक्त किए गए थे. पुलिस के मुताबिक एक हवलदार अरुण को कोर्ट रूम के भीतर लेकर गया था.

वहशी हत्यारा था अरुण, हत्या कर दफना देता था लाश

पुलिस के मुताबिक, अरुण चंद्राकर वो कुख्यात हत्यारा है जिसने एक के बाद एक कुल सात लोगों की जान ली. वो इतना चालाक था कि मौत के घाट उतारे जाने के बाद वो लाश को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर दफना देता था. ताकि मारे गए शख्स का न तो कोई अता पता चले और न ही कोई सबूत किसी के हाथ लगे.

रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद इस कुख्यात हत्यारे पर हर किसी की निगाह लगी रहती थी. रायपुर के कुकुरबेड़ा इलाके के रहने वाले अरुण चंद्राकर ने अपने पिता और पत्नी समेत कुल सात लोगों की हत्या की थी. इसके अलावा उसने अन्य पांच हत्याएं रायपुर स्थित अपने घर के आस-पास के इलाके में कीं.

साल 2012 में कुकुरबेड़ा इलाके से एक बच्ची की गुमशुदगी की जांच के दौरान वो पुलिस के हत्थे चढ़ा. अरुण ने नाबालिग बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी थी और बस्ती के सुनसान इलाके में दफना दिया था. इसी मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था.

पूछताछ के दौरान उसने चार और लोगों की हत्या का अपराध भी स्वीकार कर लिया था. उसकी निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से दफनाए गए चार शवों के कंकाल पुलिस ने जब्त कर लिए थे. रायपुर में हत्याओं की एक के बाद एक चार घटनाओं को अंजाम दिए जाने पर उसे पिछले साल आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी. कोर्ट ने अरुण को अपनी पहली पत्नी लीली चंद्राकर, साली पुष्पा देवांगन, साले मनहरण और मकान मालिक बहादुर सिंह की हत्या का अपराधी करार दिया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
पाएं आजतक की ताज़ा खबरें! news लिखकर 52424 पर SMS करें. एयरटेल, वोडाफ़ोन और आइडिया यूज़र्स. शर्तें लागू
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay